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बीमार पिता की दवा लेने बाइक से निकला था बेटा, साथ में था चचेरा भाई, हादसे में दोनों की हुई मौत

Sat, 02 Jan 2021 08:38 PM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Sat, 02 Jan 2021 08:38 PM IST
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भाइयों की मौत के बाद रोते बिलखते परिवारीजन। - फोटो : RAIBARAILY
खीरों (रायबरेली)। थाना क्षेत्र में शनिवार को बाइक के पेड़ से टकराने के चलते दो चचेरे भाइयों की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ, जब दोनों बाइक से दवा लेने के लिए महरानीगंज जा रहे थे। हादसे की सूचना से परिवारीजनों में कोहराम मच गया। पुलिस ने पहुंचकर हादसे की जांच की और शवों को कब्जे में लिया।
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खीरों थाना क्षेत्र के पूरे लाल साहब मजरे गहिरी गांव निवासी सुदीप कुमार पासी (16) पुत्र हरिकेशन व उसका चचेरा भाई सूरज पासी (15) पुत्र कल्लू प्रसाद सुबह बाइक पर सवार होकर दवा लेने अपने घर से महरानीगंज जा रहे थे। जैसे ही दोनों सेमरी-देवपुर मार्ग पर बिंदाखेड़ा नहर पुलिया मोड़ पर पहुंचे, तभी बाइक अनियंत्रित होकर पेड़ से जा टकराई।
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हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने घटना की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस बुलाकर दोनों घायलों को सीएचसी खीरों पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया।
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मृतक संदीप एसएम सिंह केपी सिंह इंटर कॉलेज सेमरी में कक्षा-छह का छात्र था, जबकि उसका चचेरा भाई सूरज कुमार इंदिरा गांधी विद्यालय निहस्था से पिछले वर्ष कक्षा आठ तक पढ़ाई करने के बाद घर में रहता था।
मृतक सूरज की मां श्यामा देवी ने बताया कि पिता कल्लू प्रसाद की तबियत खराब होने के कारण बेटा सूरज अपने चचेरे भाई सुदीप के साथ सुबह नौ बजे दवा लेने बाइक से घर से महरानीगंज निकला था। सूचना घर पहुंचते ही परिवार में कोहराम मच गया।
एक परिवार में हुई दो मौत के बाद पूरे गांव में मातम छा गया। थानेदार राजेश सिंह ने बताया कि बाइक पेड़ में टकराने से दो चचेरे भाइयों की मौत हुई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है।

घर का इकलौता चिराग था सुदीप
मृतक सुदीप कुमार चार बहनों सविता, कंचन, कोमल व ललती के साथ घर का इकलौता चिराग था। जबकि पिता हरी शंकर नासिक में प्राइवेट नौकरी करते हैं। अपने इकलौते पुत्र के मौत की सूचना मिलते ही उस पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा। साथ ही वह नासिक से घर के लिए निकल पड़ा है। सूरज की मौत से पिता कल्लू प्रसाद, मां श्यामा, भाई उत्तम, दीपक, बहन आरती, भारती, पूजा, लक्ष्मी, शिवानी सहित के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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