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Raebareli News: नाबालिग को दे दी नौकरी, 39 साल बाद खुला राज
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रायबरेली। निराला नगर के गयादीन की उम्र जब 17 साल 10 माह और दो दिन थी तभी उन्हें स्वास्थ्य विभाग ने धोबी के पद पर सरकारी नौकरी दे दी थी। उनकी तनख्वाह से जीपीएफ की कटौती बंद होने पर ये राज खुला। कागजात खंगाले गए तो पता चला कि तीन मई 1986 को जब उन्हें जॉइन कराया गया, तब वे बालिग नहीं थे। कक्षा पांच की मार्कशीट के अनुसार, उनकी जन्मतिथि एक जुलाई 1968 है। 39 साल छह माह की नौकरी के बाद ये मामला पकड़ में आया तो महकमे में हड़कंप मच गया। सीएमओ ने मामले में स्वास्थ्य महानिदेशक से मार्गदर्शन मांगा है।
स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 1986 में धोबी के पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। तत्कालीन सीएमओ के स्तर से भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। नगर क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल से कक्षा पांच पास होने का प्रमाणपत्र लगाकर धोबी के पद पर नियुक्ति पाने के बाद गयादीन को महराजगंज सीएचसी में तीन मई 1986 को जॉइन कराया गया। इसके बाद उन्हें सीएचसी ऊंचाहार, पीएसी बटालियन में भेजा गया। वर्तमान में सीएमओ कार्यालय में वह कार्यरत हैं।
39 साल की नौकरी पूरी होने के बाद जीपीएफ की कटाैती बंद हो गई। विभाग ने गयादीन के अभिलेखों को खंगाला तो पता चला कि नियुक्ति के समय वे नाबालिग थे। कक्षा पांच की मार्कशीट के आधार पर चरित्र पंजिका सहित अन्य अभिलेख तैयार किए गए, लेकिन उम्र की जांच नहीं की गई। विभागीय अनदेखी की पोल खुलते ही कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया। (संवाद)
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स्वास्थ्य विभाग में वर्ष 1986 में धोबी के पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू हुई थी। तत्कालीन सीएमओ के स्तर से भर्ती प्रक्रिया पूरी कराई गई थी। नगर क्षेत्र के प्राइमरी स्कूल से कक्षा पांच पास होने का प्रमाणपत्र लगाकर धोबी के पद पर नियुक्ति पाने के बाद गयादीन को महराजगंज सीएचसी में तीन मई 1986 को जॉइन कराया गया। इसके बाद उन्हें सीएचसी ऊंचाहार, पीएसी बटालियन में भेजा गया। वर्तमान में सीएमओ कार्यालय में वह कार्यरत हैं।
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39 साल की नौकरी पूरी होने के बाद जीपीएफ की कटाैती बंद हो गई। विभाग ने गयादीन के अभिलेखों को खंगाला तो पता चला कि नियुक्ति के समय वे नाबालिग थे। कक्षा पांच की मार्कशीट के आधार पर चरित्र पंजिका सहित अन्य अभिलेख तैयार किए गए, लेकिन उम्र की जांच नहीं की गई। विभागीय अनदेखी की पोल खुलते ही कर्मचारी का वेतन रोक दिया गया। (संवाद)
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