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Raebareli News: खेलते हुए करंट लगने से बालक की मौत
Mon, 26 May 2025 12:47 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Mon, 26 May 2025 12:47 AM IST
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शिवगढ़ (रायबरेली)। देहली गांव के शशांक शेखर शुक्ल का आठ वर्षीय बेटा श्वेतांक शुक्ल रविवार सुबह खेल रहा था। घर के सामने दुर्गेश दीक्षित का मकान है। उनके दरवाजे के बाहर लगे सोलर लाइट के पोल में बिजली का केबल बांधा था। केबल कटने से पोल पर करंट उतर रहा था।
खेलते समय श्वेतांक पोल के पास पहुंच गया और करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। आननफानन परिवारजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत बालक अपने माता-पिता का इकलौता था। इस घटना से हर कोई हतप्रभ है। दादा रामबिलास शुक्ल, दादी सुशीला शुक्ला, मां खुशबू शुक्ला व पिता शशांक का रो-रोकर बुरा हाल है।
बालक की मौत से गांव में मातम
मृतक के दाता रामविलास बताते हैं कि वह भी अकेले थे। उनका बेटा भी अकेला था। तीसरी पीढ़ी में श्वेतांक भी अकेला था। रविवार को घर में सभी अपने आपने काम में लगे थे। श्वेतांक खेल रहा था। किसी को क्या पता था कि उसकी मुस्कान सदा के लिए बंद हो जाएगी। वह हर किसी का लाडला था। बिना उसको देखे एक पल कोई नहीं रहता था। उसकी नटखट बातों को याद कर उनकी आंखों में आंशू आ गए। श्वेतांक की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम पसर गया है।
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खेलते समय श्वेतांक पोल के पास पहुंच गया और करंट की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। आननफानन परिवारजन उसे लेकर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, जहां चिकित्सक ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृत बालक अपने माता-पिता का इकलौता था। इस घटना से हर कोई हतप्रभ है। दादा रामबिलास शुक्ल, दादी सुशीला शुक्ला, मां खुशबू शुक्ला व पिता शशांक का रो-रोकर बुरा हाल है।
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बालक की मौत से गांव में मातम
मृतक के दाता रामविलास बताते हैं कि वह भी अकेले थे। उनका बेटा भी अकेला था। तीसरी पीढ़ी में श्वेतांक भी अकेला था। रविवार को घर में सभी अपने आपने काम में लगे थे। श्वेतांक खेल रहा था। किसी को क्या पता था कि उसकी मुस्कान सदा के लिए बंद हो जाएगी। वह हर किसी का लाडला था। बिना उसको देखे एक पल कोई नहीं रहता था। उसकी नटखट बातों को याद कर उनकी आंखों में आंशू आ गए। श्वेतांक की मौत की खबर से पूरे गांव में मातम पसर गया है।
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