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होनहार बेटी की मदद को सलाम
Raebareli
Updated Wed, 29 Oct 2014 05:30 AM IST
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रायबरेली। जम्मू-कश्मीर के बाढ़ पीड़ितों की मदद के लिए एक होनहार बेटी ने वह कर दिखाया, जिसे जानकर लोगों के भी इस ओर कदम बढ़ाने की प्रेरणा मिलेगी। बेटी को रुपयों का लालच नहीं है, बल्कि वह मुसीबत के समय हर व्यक्ति के साथ खड़े होकर उनकी मदद करना चाहती है। यह होनहार बेटी कोई और नहीं, बल्कि केंद्रीय विद्यालय में 12वीं में जिले की टॉप करने वाली वर्णिका शुक्ला है।
केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली से पांच हजार रुपये की मिली पुरस्कार की राशि को उसने ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के माध्यम से ड्राफ्ट के जरिए जम्मू-कश्मीर पीड़ितों को भेजा है। उसका कहना है कि ऐसा नहीं है कि मदद के लिए अधिक रुपये दो। जो रुपये हों, उसे मदद के लिए देना चाहिए, क्योंकि छोटी-छोटी चीज से ही खाली घड़ा भर जाता है। शहर के इंदिरानगर निवासी अश्वनी कुमार शुक्ला केंद्रीय विद्यालय गोरा बाजार में खेल शिक्षक हैं। उनकी बेटी वर्णिका शुक्ला ने इस बार 12वीं कक्षा में लड़कियों में 95 फीसदी अंक हासिल करके जिला टॉप किया था। अच्छे अंक लाने पर केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली की ओर से वर्णिका को पांच हजार रुपये की नकद पुरस्कार दिया गया। वर्णिका ने इस राशि को स्वयं न लेकर उसे जम्मू-कश्मीर पीड़ितों की मदद के लिए दे दिया। पांच हजार रुपये का ड्राफ्ट बैंक में बनवाकर उसे ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के माध्यम से आपदा पीड़ितों के लिए भेजा है। खेल शिक्षक के मुताबिक, बेटी को पढ़ाई के साथ खेल में भी रुचि है। शूटर की कई प्रतियोगिताएं में हिस्सा ले चुकी है। यही नहीं वाद-विवाद की रीजनल प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है। इस समय बेटी हिंदू विश्वविद्यालय बनारस में पढ़ाई कर रही है। उनका कहना है कि बेटी के आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने से वह गर्व महसूस कर रहे हैं। इसी तरह अन्य लोगों को भी चाहिए कि वह मुसीबत की घड़ी के समय में आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं, ताकि उनकी जिंदगी फिर से पटरी पर लौट सके।
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केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली से पांच हजार रुपये की मिली पुरस्कार की राशि को उसने ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के माध्यम से ड्राफ्ट के जरिए जम्मू-कश्मीर पीड़ितों को भेजा है। उसका कहना है कि ऐसा नहीं है कि मदद के लिए अधिक रुपये दो। जो रुपये हों, उसे मदद के लिए देना चाहिए, क्योंकि छोटी-छोटी चीज से ही खाली घड़ा भर जाता है। शहर के इंदिरानगर निवासी अश्वनी कुमार शुक्ला केंद्रीय विद्यालय गोरा बाजार में खेल शिक्षक हैं। उनकी बेटी वर्णिका शुक्ला ने इस बार 12वीं कक्षा में लड़कियों में 95 फीसदी अंक हासिल करके जिला टॉप किया था। अच्छे अंक लाने पर केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली की ओर से वर्णिका को पांच हजार रुपये की नकद पुरस्कार दिया गया। वर्णिका ने इस राशि को स्वयं न लेकर उसे जम्मू-कश्मीर पीड़ितों की मदद के लिए दे दिया। पांच हजार रुपये का ड्राफ्ट बैंक में बनवाकर उसे ‘अमर उजाला फाउंडेशन’ के माध्यम से आपदा पीड़ितों के लिए भेजा है। खेल शिक्षक के मुताबिक, बेटी को पढ़ाई के साथ खेल में भी रुचि है। शूटर की कई प्रतियोगिताएं में हिस्सा ले चुकी है। यही नहीं वाद-विवाद की रीजनल प्रतियोगिताओं में भी हिस्सा लिया है। इस समय बेटी हिंदू विश्वविद्यालय बनारस में पढ़ाई कर रही है। उनका कहना है कि बेटी के आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आने से वह गर्व महसूस कर रहे हैं। इसी तरह अन्य लोगों को भी चाहिए कि वह मुसीबत की घड़ी के समय में आपदा पीड़ितों की मदद के लिए आगे आएं, ताकि उनकी जिंदगी फिर से पटरी पर लौट सके।
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