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ग्राम पंचायत में लाखों का घपला पकड़ा
Raebareli
Updated Fri, 13 Sep 2013 05:36 AM IST
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परशदेपुर (रायबरेली)। नसीराबाद ग्राम पंचायत में राज्य वित्त एवं मनरेगा से कराए गए कार्यों में लाखों रुपये का घपला जांच में प्रथमदृष्टया उजागर हुआ है। हैंडपंपों की मरम्मत के नाम पर दो साल में करीब चार लाख रुपये खर्च किया गया है। ग्रामीण अभियंत्रण सेवा के सहायक अभियंता ने एक-एक करके एक दर्जन से अधिक कार्यों की जांच की। सभी कार्यों में बडे़ पैमाने में गड़बड़ी मिली।
ग्रामीणों ने शासन स्तर पर शिकायत करके ग्राम पंचायत नसीराबाद में लाखों रुपयों का घपला करने का आरोप लगाया था। मामले की जांच करने के लिए पिछले सप्ताह भी टीम गांव पहुंची थी, लेकिन प्रधान व पूर्व प्रधान पक्षों के आमने-सामने आने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी थी। गुरुवार को आरईएसए के सहायक अभियंता राजेश कुमार दोबारा जांच करने पहुंचे। शरीफ की चक्की के पास से किया गया कार्य कागज पर 585 मीटर दिखाया गया था, लेकिन मौके पर मात्र 520 मीटर कार्य ही मिला। देवा के घर के पास से सलार तालाब तक के कार्य में 88 मीटर की जगह 76 मीटर ही काम मिला। इसके अलावा अन्य कार्यों में बडे़ पैमाने पर गड़बड़ी मिली। जांच में यह भी पाया गया कि वर्ष 2012-13 में 173 हैंडपंपों की मरम्मत के लिए दो लाख 58 हजार रुपये निकाले गए थे। वर्ष 2013-14 में भी अब तक 173 हैंडपंपों की मरम्मत के लिए एक लाख 73 हजार रुपये निकालकर खर्च किए गए। एई ने बताया जांच में प्रथमदृष्टया लाखों रुपये का गोलमाल मिला है। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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ग्रामीणों ने शासन स्तर पर शिकायत करके ग्राम पंचायत नसीराबाद में लाखों रुपयों का घपला करने का आरोप लगाया था। मामले की जांच करने के लिए पिछले सप्ताह भी टीम गांव पहुंची थी, लेकिन प्रधान व पूर्व प्रधान पक्षों के आमने-सामने आने के कारण जांच पूरी नहीं हो सकी थी। गुरुवार को आरईएसए के सहायक अभियंता राजेश कुमार दोबारा जांच करने पहुंचे। शरीफ की चक्की के पास से किया गया कार्य कागज पर 585 मीटर दिखाया गया था, लेकिन मौके पर मात्र 520 मीटर कार्य ही मिला। देवा के घर के पास से सलार तालाब तक के कार्य में 88 मीटर की जगह 76 मीटर ही काम मिला। इसके अलावा अन्य कार्यों में बडे़ पैमाने पर गड़बड़ी मिली। जांच में यह भी पाया गया कि वर्ष 2012-13 में 173 हैंडपंपों की मरम्मत के लिए दो लाख 58 हजार रुपये निकाले गए थे। वर्ष 2013-14 में भी अब तक 173 हैंडपंपों की मरम्मत के लिए एक लाख 73 हजार रुपये निकालकर खर्च किए गए। एई ने बताया जांच में प्रथमदृष्टया लाखों रुपये का गोलमाल मिला है। मामले में दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी।
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