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बेटा-बेटी एक समान, यह है घर की शान 16-41-53
Updated Thu, 12 Oct 2017 01:03 AM IST
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बेटा-बेटी एक समान, यह है घर की शान
रायबरेली। 66 यूपी बटालियन एनसीसी के तत्वाधान में बुधवार को दयानंद पीजी कॉलेज में रैली निकाली गई। इसमें बेटियों के सम्मान और अधिकारियों के प्रति जागरूक किया गया। रैली का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामनरेश ने हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि बेटियां देश को महाशक्ति बना सकती है। केवल उन्हें अधिकार और सम्मान दिया जाए।
रैली बछरावां और विशुनपुर की विभिन्न गलियों से होती हुई महाविद्यालय में आकर समाप्त हुई। रैली में एनसीसी कैडेटों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान बेटा-बेटी एक समान, यह है घर की शान, बेटी बचाओ- देश बचाओ आदि नारे लगाए। प्राचार्य डॉ. रामनरेश ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटी दुर्गा की शक्ति है। यही देश को महाशक्ति बना सकती है। कहा कि अगर किसी परिवार में एक पुरुष पढ़ता है तो वह अकेले ही आगे बढ़ता है। परंतु अगर बेटी पढ़ती है तो पूरा परिवार आगे बढ़ता है, क्याेंकि सभी की प्रथम शिक्षक मां से ही होती है।
रोवर्स रेंजर प्रभारी डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि सभी को बेटी का सहयोग करना चाहिए। डॉ. विनय सिंह ने कहा कि देश प्रगति तभी करेगा, जब बेटियों के जीवन को गति मिलेगी। डॉ. विष्णु चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि बेटी देश की शान होती है। उससे सबको पहचान प्राप्त होती है। बेटी को शिक्षा दिलाने से ही देश साक्षर हो सकता है। इस अवसर पर एनसीसी कैडेटों में राहुल चौरसिया, वीरेंद्र बहादुर, सिद्धार्थ सिंह, सौरभ, आशीष शुक्ला, कविता, शारदा, दीक्षा, शिखा सोनकर, शिवानी यादव आदि उपस्थित रहे।
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रायबरेली। 66 यूपी बटालियन एनसीसी के तत्वाधान में बुधवार को दयानंद पीजी कॉलेज में रैली निकाली गई। इसमें बेटियों के सम्मान और अधिकारियों के प्रति जागरूक किया गया। रैली का शुभारंभ महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. रामनरेश ने हरी झंडी दिखाकर किया। उन्होंने कहा कि बेटियां देश को महाशक्ति बना सकती है। केवल उन्हें अधिकार और सम्मान दिया जाए।
रैली बछरावां और विशुनपुर की विभिन्न गलियों से होती हुई महाविद्यालय में आकर समाप्त हुई। रैली में एनसीसी कैडेटों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। इस दौरान बेटा-बेटी एक समान, यह है घर की शान, बेटी बचाओ- देश बचाओ आदि नारे लगाए। प्राचार्य डॉ. रामनरेश ने कैडेटों को संबोधित करते हुए कहा कि बेटी दुर्गा की शक्ति है। यही देश को महाशक्ति बना सकती है। कहा कि अगर किसी परिवार में एक पुरुष पढ़ता है तो वह अकेले ही आगे बढ़ता है। परंतु अगर बेटी पढ़ती है तो पूरा परिवार आगे बढ़ता है, क्याेंकि सभी की प्रथम शिक्षक मां से ही होती है।
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रोवर्स रेंजर प्रभारी डॉ. शालिनी श्रीवास्तव ने कहा कि सभी को बेटी का सहयोग करना चाहिए। डॉ. विनय सिंह ने कहा कि देश प्रगति तभी करेगा, जब बेटियों के जीवन को गति मिलेगी। डॉ. विष्णु चंद्र श्रीवास्तव ने कहा कि बेटी देश की शान होती है। उससे सबको पहचान प्राप्त होती है। बेटी को शिक्षा दिलाने से ही देश साक्षर हो सकता है। इस अवसर पर एनसीसी कैडेटों में राहुल चौरसिया, वीरेंद्र बहादुर, सिद्धार्थ सिंह, सौरभ, आशीष शुक्ला, कविता, शारदा, दीक्षा, शिखा सोनकर, शिवानी यादव आदि उपस्थित रहे।
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