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दस्तक अभियान के दौरान खोजे गए 64 टीबी मरीज
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रायबरेली। जिले में 12 से 25 जुलाई तक चले दस्तक अभियान के दौरान क्षय रोग के 64 मरीजों की तलाश की गई। जिले में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने घर-घर जाकर संभावित क्षय रोगियों की जांच कर उनकी सूची बनाई। अब मरीजों का इलाज भी कराया गया है।
सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दस्तक अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने क्षयरोग के संभावित लक्षण वाले 407 लोगों की स्क्रीनिंग कर 395 लोगों के बलगम की जांच हुई, जिसमें 64 मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि हुई। सभी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि दो हफ्ते से लगातार खांसी आ रही हो, रात में पसीना आए, वजन में कमी आए तो तुरंत ही चिकित्सक को दिखाएं।
टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है, इसकी दवाओं का नियमित सेवन जरूरी है। ऐसा न करने से एमडीआर टीबी होने की संभावना होती है। सरकार द्वारा क्षय रोग के मरीजों को इलाज के दौरान पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
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सीएमओ डॉ. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि दस्तक अभियान में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने क्षयरोग के संभावित लक्षण वाले 407 लोगों की स्क्रीनिंग कर 395 लोगों के बलगम की जांच हुई, जिसमें 64 मरीजों में क्षय रोग की पुष्टि हुई। सभी मरीजों का इलाज शुरू कर दिया गया है। उन्होंने बताया कि यदि दो हफ्ते से लगातार खांसी आ रही हो, रात में पसीना आए, वजन में कमी आए तो तुरंत ही चिकित्सक को दिखाएं।
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टीबी लाइलाज बीमारी नहीं है, इसकी दवाओं का नियमित सेवन जरूरी है। ऐसा न करने से एमडीआर टीबी होने की संभावना होती है। सरकार द्वारा क्षय रोग के मरीजों को इलाज के दौरान पोषण के लिए निक्षय पोषण योजना के तहत 500 रुपये प्रतिमाह सीधे बैंक खाते में भेजे जाते हैं।
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