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राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम में फर्जीवाड़े की आशंका
Updated Fri, 11 May 2018 12:32 AM IST
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तीन लाख यूनिटों का राशन रुका, निरस्त होंगे 40 हजार कार्ड
रायबरेली। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्डों में आधार लिंक न होने पर तीन लाख यूनिटों का राशन वितरण फंस गया है।
बार-बार आदेश के बाद भी आधार नंबर फीड न होने से करीब 40 हजार राशन कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सभी आपूर्ति निरीक्षकों को बिना आधार नंबर वाले कार्डों को ऑनलाइन सूची से आउट करने का काम भी शुरू करा दिया गया है। इससे हड़कंप मच गया है।
जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रों के चयन में शुरू से ही गड़बड़झाला किया गया। शुरू में तो एक गांवों के लोगों की पात्र गृहस्थी दूसरों गांवों में बना दी गई।
यहां तक दूसरे प्रांत में वर्षों से रहने वालों का चयन पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड के लिए चयन करके राशन हड़पा जा रहा है। पूर्व में कई जिला पूर्ति अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है।
मामला संज्ञान में आने के बाद शासन स्तर से जांच कराई गई तो 50 हजार से अधिक राशन कार्डों को अब तक काटा गया है और पात्रों को जोड़ा गया।
शासन की मंशा पर सभी कार्डों व यूनिटों में आधार नंबर फीड करने के आदेश दिए हैं। बिना आधार वाली यूनिटों को निरस्त करने के आदेश भी दिए गए हैं।
शासन की मंशा पर तीन लाख यूनिटों का राशन रोकने के साथ ही कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी आपूर्ति निरीक्षकों को सात दिन में आधार फीड न होने की दशा में सभी राशन कार्डों को निरस्त करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। विभाग के गंभीर होने के बाद हड़कंप मच गया है।
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रायबरेली। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्डों में आधार लिंक न होने पर तीन लाख यूनिटों का राशन वितरण फंस गया है।
बार-बार आदेश के बाद भी आधार नंबर फीड न होने से करीब 40 हजार राशन कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
सभी आपूर्ति निरीक्षकों को बिना आधार नंबर वाले कार्डों को ऑनलाइन सूची से आउट करने का काम भी शुरू करा दिया गया है। इससे हड़कंप मच गया है।
जिले में राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत पात्रों के चयन में शुरू से ही गड़बड़झाला किया गया। शुरू में तो एक गांवों के लोगों की पात्र गृहस्थी दूसरों गांवों में बना दी गई।
यहां तक दूसरे प्रांत में वर्षों से रहने वालों का चयन पात्र गृहस्थी व अंत्योदय कार्ड के लिए चयन करके राशन हड़पा जा रहा है। पूर्व में कई जिला पूर्ति अधिकारियों पर कार्रवाई भी की जा चुकी है।
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मामला संज्ञान में आने के बाद शासन स्तर से जांच कराई गई तो 50 हजार से अधिक राशन कार्डों को अब तक काटा गया है और पात्रों को जोड़ा गया।
शासन की मंशा पर सभी कार्डों व यूनिटों में आधार नंबर फीड करने के आदेश दिए हैं। बिना आधार वाली यूनिटों को निरस्त करने के आदेश भी दिए गए हैं।
शासन की मंशा पर तीन लाख यूनिटों का राशन रोकने के साथ ही कार्डों को निरस्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सभी आपूर्ति निरीक्षकों को सात दिन में आधार फीड न होने की दशा में सभी राशन कार्डों को निरस्त करके रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। विभाग के गंभीर होने के बाद हड़कंप मच गया है।
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