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Raebareli News: कुत्तों ने हमला करके 33 लोगों को किया घायल
Tue, 14 Apr 2026 01:10 AM IST
लखनऊ ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
Updated Tue, 14 Apr 2026 01:10 AM IST
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रायबरेली। जिले में कुत्तों का हमला थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को जिला अस्पताल में 33 लोग कुत्तों के काटने के बाद एंटी-रेबीज वैक्सीन (एआरवी) की पहली डोज लगवाने के लिए पहुंचे। ओपीडी कक्ष से लेकर इंजेक्शन कक्ष में भी एआरवी लगवाने के लिए भीड़ रही। 70 से अधिक पुराने मरीजों को भी एआरवी लगाई गई।
सोमवार को जिला अस्पताल में डॉ. सौरभ शर्मा की ओपीडी में चिकित्सीय सलाह लेने के बाद मरीजों को एआरवी लगवाई। निशा (40), सीमा (35), रिशू (28), शाहरुख (15), रोशनलाल (53), संजय (49), प्रिया जोशी (31), प्राशू (14), लकी (5), रंजीत (5), प्रियांशी (12), जुनैद (31) समेत 33 नए लोगों को एआरवी की पहली डोज दी गई।
चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि रेबीज वायरल संक्रमण है। यह संक्रमित जानवरों के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और काटने वाली जगह पर झुनझुनी शामिल हैं। बीमारी बढ़ने पर दौरे, लकवा और अंततः मृत्यु हो सकती है। कुत्ते या किसी अन्य जानवर के काटने के बाद घर पर ही घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोना चाहिए। इसके बाद बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क कर एआरवी की पूरी खुराक लेनी चाहिए। 72 घंटे में पहली डोज ले लेनी चाहिए।
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सोमवार को जिला अस्पताल में डॉ. सौरभ शर्मा की ओपीडी में चिकित्सीय सलाह लेने के बाद मरीजों को एआरवी लगवाई। निशा (40), सीमा (35), रिशू (28), शाहरुख (15), रोशनलाल (53), संजय (49), प्रिया जोशी (31), प्राशू (14), लकी (5), रंजीत (5), प्रियांशी (12), जुनैद (31) समेत 33 नए लोगों को एआरवी की पहली डोज दी गई।
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चिकित्सक डॉ. सौरभ शर्मा का कहना है कि रेबीज वायरल संक्रमण है। यह संक्रमित जानवरों के काटने से फैलता है। इसके लक्षणों में बुखार, सिरदर्द, मांसपेशियों में दर्द और काटने वाली जगह पर झुनझुनी शामिल हैं। बीमारी बढ़ने पर दौरे, लकवा और अंततः मृत्यु हो सकती है। कुत्ते या किसी अन्य जानवर के काटने के बाद घर पर ही घाव को तुरंत साबुन और पानी से धोना चाहिए। इसके बाद बिना देर किए डॉक्टर से संपर्क कर एआरवी की पूरी खुराक लेनी चाहिए। 72 घंटे में पहली डोज ले लेनी चाहिए।
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