22 हजार पात्रों को मिला हौसला पोषण मिशन का लाभ
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डीएम अनुज कुमार झा ने हरचंदपुर ब्लॉक के शोभापुर में योजना का शुभारंभ किया। कहा कि गर्भवती महिलाओं और अति कुपोषित बच्चों को पौष्टिक आहार मिलना चाहिए। सरकार की इस योजना का लाभ पात्रों को मिले, इसके लिए सभी को ईमानदारी से अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए।
इस मौके पर जिला कार्यक्रम अधिकारी मनोज कुमार मौजूद रहे। सीडीओ अनूप कुमार ने राही ब्लॉक के कोलाहैबतपुर में योजना का शुभारंभ किया। सिंचाई विभाग शारदा सहायक खंड दक्षिणी एक्सईन सिद्धार्थ कुमार ने राही ब्लॉक के जगदीशपुर गांव में पात्रों को खाना परोसकर योजना का शुभारंभ किया।
इस मौके पर एसपी शुक्ला, एसएन मालवीय, प्रेमावती मौजूद रहीं। बीएसए जीएस निरंजन ने भदोखर, डीएसओ वीआर अहिरवार, क्षेत्रीय खाद्य अधिकारी रमेश कुमार ने नसीराबाद के गांवों में योजना का शुभारंभ करने के साथ ही आंगनबाड़ी केंद्रों का निरीक्षण किया।
जगतपुर प्रतिनिधि के अनुसार सीएमओ के गोद लिए गांव में सीएचसी अधीक्षक मनोज कुमार शुक्ला ने योजना का शुभारंभ किया। यहां पर फल, दही और घी के साथ गर्भवती महिलाओं को आयरन की गोली दी गई। जमोड़ी गांव में आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री कंचन अग्निहोत्री ने वितरण किया।
गदागंज प्रतिनिधि के अनुसार सीडीपीओ हरिओम वाजपेयी, राजीव कुमार, सुशील पांडेय की देखरेख में 106 केंद्रों में वितरण हुआ। सतांव प्रतिनिधि के अनुसार सीडीपीओ चंद्रावती सिंह, सुपरवाइजर सुनीता, जिला विकलांग कल्याण अधिकारी रोहित सिंह, खादी ग्रामोद्योग अधिकारी संजीव कुमार, एडीओ पंचायत परशुराम मिश्र, एसडीआई सुनील कुमार, स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी विजयश्री यादव की देखरेख में 116 केंद्रों में तहरी, दही, चना व हलुआ का वितरण हुआ। खीरों प्रतिनिधि के अनुसार 183 आंगनबाड़ी केंद्रों पर योजना शुरू हुई।
योजना के पहले दिन ही अव्यवस्थाओं का बोलबाला रहा। प्राथमिक विद्यालय परशदेपुर प्रथम में तीन आंगनबाड़ी केंद्र चलते हैं। यहां पर सहायिका संपदा देवी ही पहुंची। योजना शुरू नहीं की गई। वहीं परशदेपुर कस्बा का केंद्र दोपहर तक बंद रहा। फागूपुर द्वितीय केंद्र में हलुआ तो बना, लेकिन उसमें चीटियां रेंगती रही।
फागूपुर प्रथम में कढ़ी, चावल और खिचड़ी का वितरण हुआ। डीह क्षेत्र में कई केंद्रों में योजना के प्रारंभ करने के लिए बजट ही मिला। इसके चलते प्रधान और आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को निजी खर्च से ही व्यवस्था करनी पड़ी।