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विकास के प्रेरक हैं स्वामी सत्यमित्रानंद
Updated Wed, 20 Sep 2017 12:19 AM IST
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विकास के प्रेरक हैं स्वामी सत्यमित्रानंद
रायबरेली। स्वामी सत्यमित्रा नंद महाविद्यालय महानंद में मंगलवार को डॉ. स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का 86वां जन्म दिन मनाया गया। मुख्य अतिथि बड़ा मठ डलमऊ के महंत देवेंद्रानंद गिरि ने स्वामी सत्यमित्रा नंद के अध्यात्मिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम अध्यक्ष लक्ष्मीशंकर बाजपेयी ने वामी के द्वारा भारतीय समाज की सांस्कृतिक उन्नयन में विशेष योगदान की प्रशंसा की। प्रबंधक राजेंद्र कुमार बाजपेयी ने कहा कि सत्यमित्रा नंद विकास के प्रेरक हैं। युवा वर्ग को उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए। डॉ. नरेश चंद्रा ने स्वामी जी को युग पुरुष की संज्ञा दी। डॉ. कृष्ण कुमार पांडेय ने स्वामी के संस्मरणों को साझा किया। वरिष्ठ कवि व साहित्यकार केशव प्रसाद बाजपेयी ने स्वामी, डॉ. संतलाल ने स्वामी के सामाजिक योगदानों को याद किया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी प्रवक्ता वैशाली चंद्रा ने किया। इस मौके पर डॉ. संतोष मिश्रा, मनोज बाजपेयी, बलवंत कुमार, उदयभान चौधरी मौजूद रहे।
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रायबरेली। स्वामी सत्यमित्रा नंद महाविद्यालय महानंद में मंगलवार को डॉ. स्वामी सत्यमित्रानंद गिरि का 86वां जन्म दिन मनाया गया। मुख्य अतिथि बड़ा मठ डलमऊ के महंत देवेंद्रानंद गिरि ने स्वामी सत्यमित्रा नंद के अध्यात्मिक उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम अध्यक्ष लक्ष्मीशंकर बाजपेयी ने वामी के द्वारा भारतीय समाज की सांस्कृतिक उन्नयन में विशेष योगदान की प्रशंसा की। प्रबंधक राजेंद्र कुमार बाजपेयी ने कहा कि सत्यमित्रा नंद विकास के प्रेरक हैं। युवा वर्ग को उनके आदर्शों को अपनाना चाहिए। डॉ. नरेश चंद्रा ने स्वामी जी को युग पुरुष की संज्ञा दी। डॉ. कृष्ण कुमार पांडेय ने स्वामी के संस्मरणों को साझा किया। वरिष्ठ कवि व साहित्यकार केशव प्रसाद बाजपेयी ने स्वामी, डॉ. संतलाल ने स्वामी के सामाजिक योगदानों को याद किया। कार्यक्रम का संचालन हिंदी प्रवक्ता वैशाली चंद्रा ने किया। इस मौके पर डॉ. संतोष मिश्रा, मनोज बाजपेयी, बलवंत कुमार, उदयभान चौधरी मौजूद रहे।