{"_id":"5b8c264342c792464f497f74","slug":"131535911491-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तबाही मचाने की ओर बढ़ रहा गंगा का","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तबाही मचाने की ओर बढ़ रहा गंगा का
Updated Sun, 02 Sep 2018 11:34 PM IST
विज्ञापन
डलमऊ (रायबरेली)। गंगा नदी का पानी तबाही मचाने की ओर बढ़ रहा है। पानी खतरे के निशान से महज 56 सेमी दूर है।
यदि पानी लाल निशान पार करता है तो गांवों में पानी घुस जाएगा। खासकर घाटों के किनारे बने मकान चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं।
इससे मकान ढहने का खतरा भी मंडराने लगा है। कटरी क्षेत्र के रास्तों में पानी भर गया है जिससे लोगों को आनेजाने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी पानी भरा होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
रविवार को भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक जलस्तर 98.800 मीटर नापा गया जो खतरे के बिंदु 99.360 मीटर से मात्र 56 सेंटीमीटर दूर है।
डलमऊ के स्नान घाटों के किनारे बने मकानों के चारों ओर पानी भर जाने से उनके ढहने का खतरा बढ़ गया है। कटरी क्षेत्र की हजारों बीघे फसल पानी में डूब गई है।
विज्ञापन
ग्रामीणों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है जिससे भयभीत होकर वे नया आशियाना तलाशने में जुट गए हैं। कटरी क्षेत्र के अंबहा, चक मोहिद्दीनपुर आदि गांवों में हाहाकार मचा है।
गांव के साजन प्रसाद, श्रीकृष्ण, रामबहादुर, तेज बहादुर, दीपू यादव, जगदीश प्रसाद, जनार्दन, गोकर्ण प्रसाद, रामसजीवन व राजेश कुमार आदि के साथ अन्य लोगों ने बताया कि प्रतिवर्ष गंगा की बाढ़ से कटरी क्षेत्र की सैकड़ों बीघा ज्वार, उड़द व चारा आदि की फसल बर्बाद हो जाती है।
जिला प्रशासन मात्र अनुदान देने का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेता है। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर से कटरी क्षेत्र के गांव से निकलने वाले नालों में नदी का पानी उलटी दिशा की ओर बहने लगा है जिससे ऊंचे स्थान वाले खेतों में जाने के लिए ग्रामीणों को नालों के गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इससे हमेशा अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा इन नालों को पार करने के लिए नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।
विज्ञापन
यदि पानी लाल निशान पार करता है तो गांवों में पानी घुस जाएगा। खासकर घाटों के किनारे बने मकान चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं।
इससे मकान ढहने का खतरा भी मंडराने लगा है। कटरी क्षेत्र के रास्तों में पानी भर गया है जिससे लोगों को आनेजाने में परेशानी हो रही है। इसके अलावा अन्य स्थानों पर भी पानी भरा होने से लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
रविवार को भी गंगा के जलस्तर में बढ़ोतरी हुई। केंद्रीय जल आयोग डलमऊ के मुताबिक जलस्तर 98.800 मीटर नापा गया जो खतरे के बिंदु 99.360 मीटर से मात्र 56 सेंटीमीटर दूर है।
विज्ञापन
डलमऊ के स्नान घाटों के किनारे बने मकानों के चारों ओर पानी भर जाने से उनके ढहने का खतरा बढ़ गया है। कटरी क्षेत्र की हजारों बीघे फसल पानी में डूब गई है।
विज्ञापन
ग्रामीणों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है जिससे भयभीत होकर वे नया आशियाना तलाशने में जुट गए हैं। कटरी क्षेत्र के अंबहा, चक मोहिद्दीनपुर आदि गांवों में हाहाकार मचा है।
गांव के साजन प्रसाद, श्रीकृष्ण, रामबहादुर, तेज बहादुर, दीपू यादव, जगदीश प्रसाद, जनार्दन, गोकर्ण प्रसाद, रामसजीवन व राजेश कुमार आदि के साथ अन्य लोगों ने बताया कि प्रतिवर्ष गंगा की बाढ़ से कटरी क्षेत्र की सैकड़ों बीघा ज्वार, उड़द व चारा आदि की फसल बर्बाद हो जाती है।
जिला प्रशासन मात्र अनुदान देने का आश्वासन देकर पल्ला झाड़ लेता है। ग्रामीणों ने बताया कि गंगा के बढ़ते जलस्तर से कटरी क्षेत्र के गांव से निकलने वाले नालों में नदी का पानी उलटी दिशा की ओर बहने लगा है जिससे ऊंचे स्थान वाले खेतों में जाने के लिए ग्रामीणों को नालों के गहरे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है।
इससे हमेशा अप्रिय घटना की आशंका बनी रहती है। क्षेत्रीय प्रशासन द्वारा इन नालों को पार करने के लिए नाव की व्यवस्था नहीं की गई है।