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पीली ईंटों व घटिया सामग्री से बनवाए जा रहे गरीबों के आवास
Updated Wed, 05 Sep 2018 12:50 AM IST
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रायबरेली। शहरी गरीबों के लिए नगर पालिका व तीन नगर पंचायतों में इंट्रीग्रेटेड हाउसिंग एवं स्लम डेवलपमेंट प्रोग्राम (आईएचएसडीपी) से फेज-3 में निर्माणाधीन आवासों में जमकर मनमानी हो रही है।
डीएम के आदेश पर डूडा के अधिकारियों शहर के नया पुरवा में आवासों की जांच की तो निर्माण में पीली ईंटें लगी मिलीं। टीम ने ईंटों के तीन नमूने सील करके जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। आवासों में पीली ईंटों के अलावा निर्माण के मसाले में लोकलसैंड का प्रयोग मिला।
शहरी क्षेत्र में आईएचएसडीपी से करीब 500 आवासों का निर्माण हो रहा है। आवासों के निर्माण का काम निर्माण इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) करा रहा है।
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डीएम के निर्देश पर डूडा के परियोजना अधिकारी सुधाकांत मिश्रा व अन्य अधिकारियों ने शहर के वार्ड संख्या 26 के नयापुरवा में पहुंचकर आईएचएसडीपी योजना से बन रहे गरीबों के आवासों की गुणवत्ता की जांच की। यहां पीली ईंटों से काम हो रहा था। उन्हें उठाकर जमीन पर फेंका गया तो ईंट टूट गईं।
आवास के निर्माण में प्रयोग में लाई जा रही ईंटों के तीन नमूने सील करके जांच के लिए विधि विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया। निर्माण सामग्री के मसाले में लोकलसैंड का प्रयोग पाया गया।
डूडा के परियोजना अधिकारी सुधाकांत मिश्रा ने बताया कि नमूनों को जांच के लिए भेजवाया गया है। सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक आरएन वर्मा को नोटिस भेजी जा रही है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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डीएम के आदेश पर डूडा के अधिकारियों शहर के नया पुरवा में आवासों की जांच की तो निर्माण में पीली ईंटें लगी मिलीं। टीम ने ईंटों के तीन नमूने सील करके जांच के लिए प्रयोगशाला भेजा। आवासों में पीली ईंटों के अलावा निर्माण के मसाले में लोकलसैंड का प्रयोग मिला।
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शहरी क्षेत्र में आईएचएसडीपी से करीब 500 आवासों का निर्माण हो रहा है। आवासों के निर्माण का काम निर्माण इकाई कंस्ट्रक्शन एंड डिजाइन सर्विसेज (सीएंडडीएस) करा रहा है।
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डीएम के निर्देश पर डूडा के परियोजना अधिकारी सुधाकांत मिश्रा व अन्य अधिकारियों ने शहर के वार्ड संख्या 26 के नयापुरवा में पहुंचकर आईएचएसडीपी योजना से बन रहे गरीबों के आवासों की गुणवत्ता की जांच की। यहां पीली ईंटों से काम हो रहा था। उन्हें उठाकर जमीन पर फेंका गया तो ईंट टूट गईं।
आवास के निर्माण में प्रयोग में लाई जा रही ईंटों के तीन नमूने सील करके जांच के लिए विधि विश्लेषक प्रयोगशाला भेजा गया। निर्माण सामग्री के मसाले में लोकलसैंड का प्रयोग पाया गया।
डूडा के परियोजना अधिकारी सुधाकांत मिश्रा ने बताया कि नमूनों को जांच के लिए भेजवाया गया है। सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक आरएन वर्मा को नोटिस भेजी जा रही है। जवाब आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।