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प्रेरकों का मामला लोक सभा में पहुंचाएं-महासंघ
Updated Sat, 21 Jul 2018 12:16 AM IST
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रायबरेली। राष्ट्रीय साक्षरता कर्मी महासंघ ने प्रेरकों की सेवाएं बहाल करने समेत विभिन्न मांगों को लेकर शुक्रवार को मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित मांग पत्र जिलाधिकारी को सौंपा। इसके बाद संगठन के पदाधिकारियों ने कांग्रेस कार्यालय तिलक भवन पहुंचकर पार्टी जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला के माध्यम से जिले की सांसद सोनिया गांधी को ज्ञापन भेजा और मांग की कि वह प्रेरकों के मामले को लोकसभा में उठाएं, ताकि मानसून सत्र में इस मुद्दे पर बहस हो सके।
ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि 25 जुलाई तक इस प्रकरण पर कोई पहल होने का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद कोई हल न निकलने पर 26 जुलाई से जिले के 1668 प्रेरक धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर दो प्रेरक और समन्वयक विगत वर्ष 2009 से कार्यरत हैं। निरक्षरों को साक्षर करने के साथ ही तमाम प्रकार के कार्य लिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद एक अप्रैल 2018 से सभी प्रेरकों की सेवाएं रोक दी गई हैं। इससे जिले में 1668 और संपूर्ण भारतवर्ष में पांच लाख साक्षरता कर्मी बेरोजगार चल रहे हैं। इसी क्रम में सितंबर 2015 से प्रेरकों का मानदेय भुगतान भी नहीं किया गया है।
कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी प्रेरकों की लड़ाई में उनका समर्थन करेगी और जल्द ही इस मामले को लोकसभा में भी उठवाया जाएगा। इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव अजमल खान, जिलाध्यक्ष अर्चना सिंह, जिला महामंत्री पवन यादव, पारसनाथ मिश्रा, रामलखन मौर्य, जिला उपाध्यक्ष किरन मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, शिवबहादुर, कृष्णानंद, राज कुमार, हरेंद्र सिंह, अशोक मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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ज्ञापन में पदाधिकारियों ने कहा कि 25 जुलाई तक इस प्रकरण पर कोई पहल होने का इंतजार किया जाएगा। इसके बाद कोई हल न निकलने पर 26 जुलाई से जिले के 1668 प्रेरक धरना-प्रदर्शन को बाध्य होंगे। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष विजय कुमार सिंह ने बताया कि राष्ट्रीय साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अंतर्गत ग्राम पंचायत स्तर पर दो प्रेरक और समन्वयक विगत वर्ष 2009 से कार्यरत हैं। निरक्षरों को साक्षर करने के साथ ही तमाम प्रकार के कार्य लिए जाते रहे हैं। इसके बावजूद एक अप्रैल 2018 से सभी प्रेरकों की सेवाएं रोक दी गई हैं। इससे जिले में 1668 और संपूर्ण भारतवर्ष में पांच लाख साक्षरता कर्मी बेरोजगार चल रहे हैं। इसी क्रम में सितंबर 2015 से प्रेरकों का मानदेय भुगतान भी नहीं किया गया है।
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कांग्रेस जिलाध्यक्ष वीके शुक्ला ने आश्वस्त किया कि कांग्रेस पार्टी प्रेरकों की लड़ाई में उनका समर्थन करेगी और जल्द ही इस मामले को लोकसभा में भी उठवाया जाएगा। इस मौके पर राष्ट्रीय सचिव अजमल खान, जिलाध्यक्ष अर्चना सिंह, जिला महामंत्री पवन यादव, पारसनाथ मिश्रा, रामलखन मौर्य, जिला उपाध्यक्ष किरन मिश्रा, मिथिलेश तिवारी, शिवबहादुर, कृष्णानंद, राज कुमार, हरेंद्र सिंह, अशोक मिश्रा आदि उपस्थित रहे।
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