{"_id":"5c76d8a4bdec227363552439","slug":"101551292580-raebareli-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जानलेवा हमला करने वाले को तीन साल की कैद","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जानलेवा हमला करने वाले को तीन साल की कैद
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
रायबरेली। जमीन बंटवारे को लेकर चल रहे विवाद के चलते जानलेवा हमला करने वाले एक अभियुक्त को कोर्ट ने तीन साल के कैद की सजा सुनाई है।
साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अन्य दो आरोपियों पर पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया। यह फैसला बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश जैगमउद्दीन ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) बब्बन कुमार त्रिपाठी के मुताबिक रिपोर्ट तिवारीपुर निवासी समर बहादुर ने थाना जगतपुर में दर्ज कराई थी।
रिपोर्ट के अनुसार जमीन बंटवारे को लेकर छह नवंबर 2011 को परिवार के ही मोतीलाल उसकी पत्नी श्यामा देवी, बेटे वीरेंद्र व सुरेंद्र ने वादी, उसकी पत्नी व भाई सूरजपाल को मारा-पीटा।
विज्ञापन
इसमें सूरजपाल को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। एक को कोर्ट ने किशोर अपचारी घोषित कर पत्रावली अलग कर दी।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद वीरेंद्र को धारा 308 आईपीसी के तहत तीन साल की कैद व दस हजार रुपये की सजा सुनाई। वहीं मोतीलाल व उसकी पत्नी श्यामा देवी को धारा 323 आईपीसी के तहत पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया।
विज्ञापन
साथ ही दस हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। वहीं अन्य दो आरोपियों पर पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया। यह फैसला बुधवार को अपर सत्र न्यायाधीश जैगमउद्दीन ने सुनाया।
अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी करने वाले एडीजीसी (क्रिमिनल) बब्बन कुमार त्रिपाठी के मुताबिक रिपोर्ट तिवारीपुर निवासी समर बहादुर ने थाना जगतपुर में दर्ज कराई थी।
विज्ञापन
रिपोर्ट के अनुसार जमीन बंटवारे को लेकर छह नवंबर 2011 को परिवार के ही मोतीलाल उसकी पत्नी श्यामा देवी, बेटे वीरेंद्र व सुरेंद्र ने वादी, उसकी पत्नी व भाई सूरजपाल को मारा-पीटा।
विज्ञापन
इसमें सूरजपाल को गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने विवेचना के बाद चारों आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की। एक को कोर्ट ने किशोर अपचारी घोषित कर पत्रावली अलग कर दी।
कोर्ट ने दोनों पक्षों की बहस सुनने के बाद वीरेंद्र को धारा 308 आईपीसी के तहत तीन साल की कैद व दस हजार रुपये की सजा सुनाई। वहीं मोतीलाल व उसकी पत्नी श्यामा देवी को धारा 323 आईपीसी के तहत पांच-पांच सौ रुपये जुर्माना लगाया।