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राजधानी में भवन आवंटन के नाम पर 22 लाख की ठगी
Updated Tue, 18 Jul 2017 01:03 AM IST
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भवन आवंटन के नाम पर 22 लाख की ठगी
ऊंचाहार (रायबरेली)। लखनऊ में भवन आवंटन कराने के नाम पर ऊंचाहार के पिता-पुत्र ने कई लोगों से करीब 22 लाख रुपये की ठगी की है। इस मामले में पीड़ितों ने सोमवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। लखनऊ महानगर के खरिका तेलीबाग निवासी बृजमोहन यादव का आरोप है कि एक साल पहले उनकी मुलाकात ऊंचाहार के कंदरांवा गांव निवासी अनुराग सिंह और उनके पिता हुकुम सिंह से हुई। इन लोगों ने एक सरकारी आवास योजना का हवाला देकर आवास आवंटन कराने का प्रलोभन दिया। बृजमोहन ने अपने मित्र व रिश्तेदारों को भी इसके लिए तैयार किया और कुल 14 लाख 96 हजार रुपये इनके खाते में भेजने के साथ सात लाख रुपये नगद दिया। उसके बाद आवास के लिए यह लोग इधर उधर दौड़ते रहे। पीड़ित का कहना है कि इतनी बड़ी रकम देने के बाद सभी लोग भवन का इंतजार करते रहे। इधर काफी समय से रकम लेने वाले गायब हो गए। सभी उनकी तलाश करते रहे और जब उनसे मुलाकात हुई तो आरोपियों ने पैसा मिलने से ही इंकार कर दिया। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कोतवाल धनंजय सिंह का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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ऊंचाहार (रायबरेली)। लखनऊ में भवन आवंटन कराने के नाम पर ऊंचाहार के पिता-पुत्र ने कई लोगों से करीब 22 लाख रुपये की ठगी की है। इस मामले में पीड़ितों ने सोमवार को रिपोर्ट दर्ज कराई है। लखनऊ महानगर के खरिका तेलीबाग निवासी बृजमोहन यादव का आरोप है कि एक साल पहले उनकी मुलाकात ऊंचाहार के कंदरांवा गांव निवासी अनुराग सिंह और उनके पिता हुकुम सिंह से हुई। इन लोगों ने एक सरकारी आवास योजना का हवाला देकर आवास आवंटन कराने का प्रलोभन दिया। बृजमोहन ने अपने मित्र व रिश्तेदारों को भी इसके लिए तैयार किया और कुल 14 लाख 96 हजार रुपये इनके खाते में भेजने के साथ सात लाख रुपये नगद दिया। उसके बाद आवास के लिए यह लोग इधर उधर दौड़ते रहे। पीड़ित का कहना है कि इतनी बड़ी रकम देने के बाद सभी लोग भवन का इंतजार करते रहे। इधर काफी समय से रकम लेने वाले गायब हो गए। सभी उनकी तलाश करते रहे और जब उनसे मुलाकात हुई तो आरोपियों ने पैसा मिलने से ही इंकार कर दिया। पुलिस ने मामले में धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। कोतवाल धनंजय सिंह का कहना है कि मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही है।