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राज्यमंत्री के सामने ही फूटा वसूली का भांडा
अंबेडकरनगर/ब्यूरो
Updated Mon, 24 Jun 2013 12:05 AM IST
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उत्तर प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी ने रविवार को जिला अस्पताल का औचक निरीक्षण किया, तो वहां इलाज के नाम पर किए जा रहे मरीजों के शोषण का भांडा फूट गया।
कई मरीजों ने शिकायत करते हुए बताया कि उनसे ऑपरेशन व इलाज के नाम पर सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है।
दवाएं भी बाहर से लाने को विवश किया गया है। मंत्री ने इस पर एक मरीज को अपने पास से साढ़े तीन सौ रुपये वापस किए।
उन्होंने ऐसे सभी कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का निर्देश सीएमएस को दिए और कहा कि उन्हें कार्रवाई से अवगत कराया जाए।
मंत्री ने प्रभारी सीएमएस को कड़ी फटकार भी लगाई और कहा कि उनके अपने ही क्षेत्र में जिला अस्पताल की यह दशा होगी, इसका अंदाजा नहीं था।
जिला अस्पताल में व्याप्त विभिन्न अव्यवस्थाओं को लेकर जब तब आवश्यक तथ्य ‘अमर उजाला’ द्वारा सामने लाने के बावजूद जिम्मेदार लोगों की अनदेखी चली आ रही थी।
इससे स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा था। इस बीच रविवार दोपहर बाद कटेहरी विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी अचानक जिला अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंच गए।
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मंत्री सीधे अस्पताल के वार्ड में पहुंचे और एक-एक मरीजों से मुलाकात की। उनके हालचाल और इलाज के बारे में जानकारी ली।
किसी ने दवा बाहर लेने तो किसी ने प्रसव के ऑपरेशन में नर्स द्वारा तीन हजार रुपये की मांग करने की शिकायत की। दबाव बनाकर दो हजार रुपये ले भी लिए गए। सामान्य प्रसव वालों से भी रुपये लिए गए।
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कई मरीजों ने शिकायत करते हुए बताया कि उनसे ऑपरेशन व इलाज के नाम पर सुविधा शुल्क वसूला जा रहा है।
दवाएं भी बाहर से लाने को विवश किया गया है। मंत्री ने इस पर एक मरीज को अपने पास से साढ़े तीन सौ रुपये वापस किए।
उन्होंने ऐसे सभी कर्मचारियों के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई का निर्देश सीएमएस को दिए और कहा कि उन्हें कार्रवाई से अवगत कराया जाए।
मंत्री ने प्रभारी सीएमएस को कड़ी फटकार भी लगाई और कहा कि उनके अपने ही क्षेत्र में जिला अस्पताल की यह दशा होगी, इसका अंदाजा नहीं था।
जिला अस्पताल में व्याप्त विभिन्न अव्यवस्थाओं को लेकर जब तब आवश्यक तथ्य ‘अमर उजाला’ द्वारा सामने लाने के बावजूद जिम्मेदार लोगों की अनदेखी चली आ रही थी।
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इससे स्थिति में सुधार नहीं हो पा रहा था। इस बीच रविवार दोपहर बाद कटेहरी विधायक व प्रदेश के स्वास्थ्य राज्यमंत्री शंखलाल मांझी अचानक जिला अस्पताल के निरीक्षण पर पहुंच गए।
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मंत्री सीधे अस्पताल के वार्ड में पहुंचे और एक-एक मरीजों से मुलाकात की। उनके हालचाल और इलाज के बारे में जानकारी ली।
किसी ने दवा बाहर लेने तो किसी ने प्रसव के ऑपरेशन में नर्स द्वारा तीन हजार रुपये की मांग करने की शिकायत की। दबाव बनाकर दो हजार रुपये ले भी लिए गए। सामान्य प्रसव वालों से भी रुपये लिए गए।