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यूपी: 72,825 शिक्षकों की भर्ती में आड़े आया नया अड़ंगा
अमर उजाला, इलाहाबाद
Updated Sat, 30 Nov 2013 11:07 AM IST
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यूपी में परिषदीय विद्यालयों में खाली 72825 शिक्षकों की भर्ती के लिए न्यायालय की ओर से टीईटी की मेरिट के आधार पर भर्ती के आदेश के बाद भी परेशानी कम होने की संभावना नहीं है। 2010-11 में हुई टीईटी के सभी रिकार्ड पुलिस ने सील कर रखे हैं।
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बोर्ड के पास इस समय टीईटी का कोई रिकार्ड नहीं है। रिकार्ड के अभाव में बेसिक शिक्षा परिषद और यूपी बोर्ड को परेशानी हो सकती है।
2010-2011 में परिषदीय विद्यालयों में शिक्षकों के खाली पद भरने के लिए यूपी बोर्ड को शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) कराने की जिम्मेदारी दी गई थी। इस दौरान परीक्षार्थियों ने बोर्ड के पास प्रत्यावेदन दिया कि मूल्यांकन सही नहीं हुआ है।
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बोर्ड ने टीईटी के प्रमाण पत्रों का चार बार संशोधन किया। प्रमाण पत्रों में हेराफेरी सहित अन्य आरोपों के चलते पूर्व निदेशक की गिरफ्तारी के साथ बोर्ड के अन्य अधिकारी जांच की जद में आए थे। जांच के कारण टीईटी के सभी रिकार्ड यूपी पुलिस के पास सील हैं।
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शिक्षक भर्ती के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों ने टीईटी के अंकों का विवरण ही भरा है। इन अंकों के सत्यापन के लिए बोर्ड और बेसिक शिक्षा परिषद के पास टीईटी का रिकार्ड होना चाहिए। वो इनके पास हैं नहीं।
ऐसे में प्रमाण पत्रों का सत्यापन पूरा करना चुनौती होगी। इस बारे में यूपी बोर्ड की सचिव शकुंतला यादव का कहना है कि रिकार्ड सील होने के कारण सत्यापन कैसे होगा, कुछ नहीं कहा जा सकता है। उन्होंने कहा कि इस मामले में पुलिस ही सही जानकारी दे सकती है।