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Pratapgarh News: तिरंगे की बिक्री कर समूह की महिलाओं ने कमाए सात लाख
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स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने तिरंगे की बिक्री कर सात लाख की कमाई की। तिरंगा तैयार कर महिलाओं ने स्टॉल लगाकर बिक्री की थी। शासन के निर्देश पर महिलाओं ने एक लाख तिरंगा तैयार किया था।
राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने प्रत्येक ब्लॉक को छह हजार तिरंगा तैयार करने का निर्देश दिया था। महिलाओं ने कानपुर और मथुरा के पावरलूम से तैयार कपड़े की आपूर्ति की और इससे तिरंगा तैयार कर उसे ब्लॉक कार्यालयों में जमा किया। प्रत्येक झंडे की कीमत 20 रुपये निर्धारित की गई थी। इसके अलावा विद्यालयों, सामाजिक संगठनों ने महिलाओं से तिरंगा खरीदा था।
फिलहाल महिलाओं ने 35 हजार तिरंगा झंडा की बिक्री की है। 15 हजार समूहों को तिरंगा झंडा से करीब सात लाख की कमाई हुई है। नीलिमा पुष्पाकर ने बताया कि तिरंगे की बिक्री खूब हुई है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार मांग अधिक थी। नेहा पटेल ने बताया कि एनआरएलएम से सहयोग मिलने पर झंडा तैयार करने में आसानी हुई।
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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन ने प्रत्येक ब्लॉक को छह हजार तिरंगा तैयार करने का निर्देश दिया था। महिलाओं ने कानपुर और मथुरा के पावरलूम से तैयार कपड़े की आपूर्ति की और इससे तिरंगा तैयार कर उसे ब्लॉक कार्यालयों में जमा किया। प्रत्येक झंडे की कीमत 20 रुपये निर्धारित की गई थी। इसके अलावा विद्यालयों, सामाजिक संगठनों ने महिलाओं से तिरंगा खरीदा था।
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फिलहाल महिलाओं ने 35 हजार तिरंगा झंडा की बिक्री की है। 15 हजार समूहों को तिरंगा झंडा से करीब सात लाख की कमाई हुई है। नीलिमा पुष्पाकर ने बताया कि तिरंगे की बिक्री खूब हुई है। पिछले साल की अपेक्षा इस बार मांग अधिक थी। नेहा पटेल ने बताया कि एनआरएलएम से सहयोग मिलने पर झंडा तैयार करने में आसानी हुई।
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