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Pratapgarh News: टूटी हैं रोडवेज बसों की खिड़कियां, भीगकर सफर करते हैं यात्री
Thu, 10 Aug 2023 09:47 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 10 Aug 2023 09:47 PM IST
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अधिकारी नहीं दे रहे ध्यान, यात्री परेशान
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। परिवहन निगम की बसों की मरम्मत स्थिति बेहद खराब है। मानसून आने के बाद भी बसों की खिड़कियां, शीशे और वाइपर टूटे हुए हैं। आलम यह है कि मरम्मत के अभाव में बसों की छतें तक टपक रही हैं। बारिश के समय में यात्रियों को भीगते हुए सफर तय करना पड़ रहा है।
प्रतापगढ़ डिपो से लखनऊ को जाने वाली दो तो कानपुर और फैजाबाद को जाने वाली परिवहन निगम की एक-एक बसों की खिड़कियां टूटी हुई हैं। मानसून ने दस्तक दे दिया है, मगर विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों का ध्यान टूटी खिड़कियों के शीशे पर नहीं पड़ रहा है। ऐसे में यदि बारिश शुरू हो जाती है तो खिड़की के बगल बैठने वाले यात्री भीगने लगते हैं। शिकायत के बाद भी अफसर न तो टूटे शीशे बदलवा रहे हैं और न ही बसों के वाइपर।
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क्या बोले यात्री
रोडवेज बस पूरी तरह से जर्जर हो गई है। इससे सफर तय करते समय मैं भीग गया। मेरे साथ कई और यात्रियों को भी भीगकर सफर तय करना पड़ा।
- अंजनी श्रीवास्तव, सिविल लाइन
मैं लखनऊ जा रहा हूं। जिस बस पर सवार हूं, उसके कई शीशे टूटे हुए हैं। सरकार बसों में खामियां मिलने पर एआरएम के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, मगर धरातल पर कुछ भी नहीं दिखाई पड़ता।
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- आशीष शर्मा, गोमती नगर
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एक बार सभी बसों के टूटे शीशों को बदलवा दिया गया था। दोबारा बदलने के लिए फोरमैन को कहा गया है। दो-तीन दिन के अंदर यह कार्य पूरा हो जाएगा। वाइपर खराब होने की जानकारी नहीं है।
पीके कटियार, एआरएम।
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। परिवहन निगम की बसों की मरम्मत स्थिति बेहद खराब है। मानसून आने के बाद भी बसों की खिड़कियां, शीशे और वाइपर टूटे हुए हैं। आलम यह है कि मरम्मत के अभाव में बसों की छतें तक टपक रही हैं। बारिश के समय में यात्रियों को भीगते हुए सफर तय करना पड़ रहा है।
प्रतापगढ़ डिपो से लखनऊ को जाने वाली दो तो कानपुर और फैजाबाद को जाने वाली परिवहन निगम की एक-एक बसों की खिड़कियां टूटी हुई हैं। मानसून ने दस्तक दे दिया है, मगर विभाग के जिम्मेदार कर्मचारियों का ध्यान टूटी खिड़कियों के शीशे पर नहीं पड़ रहा है। ऐसे में यदि बारिश शुरू हो जाती है तो खिड़की के बगल बैठने वाले यात्री भीगने लगते हैं। शिकायत के बाद भी अफसर न तो टूटे शीशे बदलवा रहे हैं और न ही बसों के वाइपर।
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क्या बोले यात्री
रोडवेज बस पूरी तरह से जर्जर हो गई है। इससे सफर तय करते समय मैं भीग गया। मेरे साथ कई और यात्रियों को भी भीगकर सफर तय करना पड़ा।
- अंजनी श्रीवास्तव, सिविल लाइन
मैं लखनऊ जा रहा हूं। जिस बस पर सवार हूं, उसके कई शीशे टूटे हुए हैं। सरकार बसों में खामियां मिलने पर एआरएम के खिलाफ कार्रवाई की बात करती है, मगर धरातल पर कुछ भी नहीं दिखाई पड़ता।
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- आशीष शर्मा, गोमती नगर
एक बार सभी बसों के टूटे शीशों को बदलवा दिया गया था। दोबारा बदलने के लिए फोरमैन को कहा गया है। दो-तीन दिन के अंदर यह कार्य पूरा हो जाएगा। वाइपर खराब होने की जानकारी नहीं है।
पीके कटियार, एआरएम।