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पीएमजीएसवाई से नहीं बनेंगी गांव की सड़कें, खत्म हो गया विभाग
Sun, 18 Jul 2021 12:12 AM IST
इलाहाबाद ब्यूरो
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 18 Jul 2021 12:12 AM IST
सार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से अब गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़कें नहीं बनाई जाएंगी, बल्कि अब यह काम आरईएस करेगा। लोक निर्माण विभाग में खुला पीएमजीएसवाई का दफ्तर पूरी तरह बंद कर दिया गया है।
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विस्तार
प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना से अब गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए सड़कें नहीं बनाई जाएंगी, बल्कि अब यह काम आरईएस करेगा। लोक निर्माण विभाग में खुला पीएमजीएसवाई का दफ्तर पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अफसरों और कर्मचारियों को अन्य जगहों पर शिफ्ट किया जा रहा है। सड़क की मरम्मत और रखरखाव के लिए मिले 232.14 करोड़ रुपये आरईएस विभाग को दे दिए गए हैं।
जिले में पांच सौ की आबादी वाले राजस्व गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए जिले में करीब पंद्रह वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग में पीएमजीएसवाई के नाम से नई निर्माण इकाई खोली गई थी। इस योजना के तहत सड़क बनाने वाले ठेकेदारों पर यह जिम्मेदारी दी जाती थी कि वह पांच साल तक सड़क का रखरखाव करेंगे। अगर पांच साल में सड़क उखड़ जाती है या गिट्टियां निकल जाती हैं, तो ठेकेदारों को मरम्मत करानी पड़ती थी। पंद्रह वर्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जिले में 1625 सड़कों का निर्माण कराया गया।
बीते वित्तीय वर्ष में सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 232.14 करोड़ रुपये का बजट मिला, मगर इसे अभी आरईएस विभाग खर्च नहीं कर सका है। इस धनराशि से जिले की 52 सड़कों की दशा सुधारनी है। रुपये खर्च करने के लिए विभाग तैयारी ही नहीं कर सका है। दरअसल, आरईएस में जेई और एई की कमी है, जबकि पीएमजीएसवाई में तैनात जेई और एई को अयोध्या भेजा जा रहा है। फिलहाल निर्माण इकाई बंद होने से गांव की सड़कों को बेहतर बनाना आरईएस के लिए चुनौती बना हुआ है।
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एक्सईएन को भेजा गया सीतापुर
पीएमजीएसवाई में एक्सईएन के पद पर तैनात रहे डीके गौतम को सीतापुर जिले में तैनाती दी गई है। एई और जेई को अयोध्या भेजा गया है, जबकि कर्मचारियों को पीडब्ल्यूडी में शिफ्ट किया जा रहा है।
उधार के एक्सईएन से चल रहा आरईएस
आरईएस में लगभग डेढ़ साल से स्थायी एक्सईएन नहीं हैं। कौशांबी के अधिशाषी अभियंता को जिले का प्रभार सौंपा गया है। इससे वह सप्ताह में कभी दो दिन, तो कभी तीन दिन ही आते हैं। जिससे विभाग का कार्य भी प्रभावित होता है।
पीएमजीएसवाई में जो कार्य प्रस्तावित थे, उसे आरईएस को कराने की जिम्मेदारी मिली है। टेंडर हो गया है, जल्द ही सड़कों की मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता को खंगालने के लिए सचल दल का गठन किया जाएगा। चंद्रवीर सिंह, एई, आरईएस
जिले में खुली पीएमजीएसवाई इकाई बंदकर दी गई है, इकाई के सभी कार्य आरईएस को सौंपे गए हैं। मेरा तबादला सीतापुर जिले के लिए हो गया है। आरडी गौतम, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई
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जिले में पांच सौ की आबादी वाले राजस्व गांवों को मुख्य मार्ग से जोड़ने के लिए जिले में करीब पंद्रह वर्ष पहले लोक निर्माण विभाग में पीएमजीएसवाई के नाम से नई निर्माण इकाई खोली गई थी। इस योजना के तहत सड़क बनाने वाले ठेकेदारों पर यह जिम्मेदारी दी जाती थी कि वह पांच साल तक सड़क का रखरखाव करेंगे। अगर पांच साल में सड़क उखड़ जाती है या गिट्टियां निकल जाती हैं, तो ठेकेदारों को मरम्मत करानी पड़ती थी। पंद्रह वर्ष में प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के तहत जिले में 1625 सड़कों का निर्माण कराया गया।
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बीते वित्तीय वर्ष में सड़कों की मरम्मत और रखरखाव के लिए 232.14 करोड़ रुपये का बजट मिला, मगर इसे अभी आरईएस विभाग खर्च नहीं कर सका है। इस धनराशि से जिले की 52 सड़कों की दशा सुधारनी है। रुपये खर्च करने के लिए विभाग तैयारी ही नहीं कर सका है। दरअसल, आरईएस में जेई और एई की कमी है, जबकि पीएमजीएसवाई में तैनात जेई और एई को अयोध्या भेजा जा रहा है। फिलहाल निर्माण इकाई बंद होने से गांव की सड़कों को बेहतर बनाना आरईएस के लिए चुनौती बना हुआ है।
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एक्सईएन को भेजा गया सीतापुर
पीएमजीएसवाई में एक्सईएन के पद पर तैनात रहे डीके गौतम को सीतापुर जिले में तैनाती दी गई है। एई और जेई को अयोध्या भेजा गया है, जबकि कर्मचारियों को पीडब्ल्यूडी में शिफ्ट किया जा रहा है।
उधार के एक्सईएन से चल रहा आरईएस
आरईएस में लगभग डेढ़ साल से स्थायी एक्सईएन नहीं हैं। कौशांबी के अधिशाषी अभियंता को जिले का प्रभार सौंपा गया है। इससे वह सप्ताह में कभी दो दिन, तो कभी तीन दिन ही आते हैं। जिससे विभाग का कार्य भी प्रभावित होता है।
पीएमजीएसवाई में जो कार्य प्रस्तावित थे, उसे आरईएस को कराने की जिम्मेदारी मिली है। टेंडर हो गया है, जल्द ही सड़कों की मरम्मत का कार्य प्रारंभ किया जाएगा। सड़कों के निर्माण में गुणवत्ता को खंगालने के लिए सचल दल का गठन किया जाएगा। चंद्रवीर सिंह, एई, आरईएस
जिले में खुली पीएमजीएसवाई इकाई बंदकर दी गई है, इकाई के सभी कार्य आरईएस को सौंपे गए हैं। मेरा तबादला सीतापुर जिले के लिए हो गया है। आरडी गौतम, अधिशासी अभियंता, पीएमजीएसवाई