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Pratapgarh News: डिप्थीरिया पर काबू पाने के लिए चलेगा टीकाकरण अभियान
Sun, 29 Oct 2023 11:58 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Sun, 29 Oct 2023 11:58 PM IST
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डिप्थीरिया पर काबू पाने के लिए चलेगा टीकाकरण अभियान
स्वास्थ्य विभाग दस से 16 वर्ष तक के बच्चों को लगाएगा टीका
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। डेंगू के साथ ही जिले में डिप्थीरिया यानी गला घोटू के मरीज मिलने लगे हैं। अप्रैल से अबतक 12 मरीज मिल चुके हैं। इनके सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा है। बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण से छूटे बच्चों को डीपीटी और टीडी का टीका लगाने की तैयारी कर रहा है। यह एक से दस नवंबर तक चलेगा। इस अभियान में 10-16 वर्ष तक के किशोरों को टीका लगाया जाएगा। जबकि डेढ़ से छह साल के बच्चों को डीपीटी का टीका लगेगा।
एसीएमओ डॉ. अभय नारायण ने बताया कि डेंगू और डिप्थीरिया के लक्षणों में काफी समानता होती है। इसमें बुखार के साथ कमजोरी, खांसी और सांस लेने में दिक्कत होती है। इससे गले में झिल्ली बन जाती है, जिससे मरीज को खाने पीने और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके लिए टीका उपलब्ध है। अबतक मिले संदिग्ध मरीजों को टीका नहीं लगा है। प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि यह आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है। यदि समय पर इलाज नहीं हुआ, तो मरीज के दिल, तंत्रिका तंत्र और गुर्दे को गंभीर नुकसान हो सकता है। जान जाने का डर भी बना रहता है। एक से 10 नवंबर तक विशेष अभियान चलाकर स्कूलों में टीकाकरण किया जाएगा।
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स्वास्थ्य विभाग दस से 16 वर्ष तक के बच्चों को लगाएगा टीका
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। डेंगू के साथ ही जिले में डिप्थीरिया यानी गला घोटू के मरीज मिलने लगे हैं। अप्रैल से अबतक 12 मरीज मिल चुके हैं। इनके सैंपल लेकर स्वास्थ्य विभाग ने जांच के लिए केजीएमयू लखनऊ भेजा है। बच्चों को इस बीमारी से बचाने के लिए स्वास्थ्य विभाग टीकाकरण से छूटे बच्चों को डीपीटी और टीडी का टीका लगाने की तैयारी कर रहा है। यह एक से दस नवंबर तक चलेगा। इस अभियान में 10-16 वर्ष तक के किशोरों को टीका लगाया जाएगा। जबकि डेढ़ से छह साल के बच्चों को डीपीटी का टीका लगेगा।
एसीएमओ डॉ. अभय नारायण ने बताया कि डेंगू और डिप्थीरिया के लक्षणों में काफी समानता होती है। इसमें बुखार के साथ कमजोरी, खांसी और सांस लेने में दिक्कत होती है। इससे गले में झिल्ली बन जाती है, जिससे मरीज को खाने पीने और सांस लेने में दिक्कत होती है। इसके लिए टीका उपलब्ध है। अबतक मिले संदिग्ध मरीजों को टीका नहीं लगा है। प्रतिरक्षाधिकारी महेश सिंह ने बताया कि यह आसानी से एक व्यक्ति से दूसरे में फैल सकता है। यदि समय पर इलाज नहीं हुआ, तो मरीज के दिल, तंत्रिका तंत्र और गुर्दे को गंभीर नुकसान हो सकता है। जान जाने का डर भी बना रहता है। एक से 10 नवंबर तक विशेष अभियान चलाकर स्कूलों में टीकाकरण किया जाएगा।
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