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Pratapgarh News: डायरिया के बाद बढ़ने लगे टाइफाइड के मरीज

Wed, 03 Jul 2024 02:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़ Updated Wed, 03 Jul 2024 02:29 AM IST
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Typhoid patients started increasing after diarrhea
बारिश शुरू होते ही डायरिया के मरीजों की संख्या जहां कम हो गई वहीं टाइफाइड के मरीजों की संख्या बढ़ने लगी है। औसतन प्रतिदिन मेडिकल कॉलेज में बुखार से पीड़ित 250 मरीज इलाज कराने पहुंच रहे हैं। चिकित्सक बुखार रोगियों का जांच कराते हैं तो औसतन 25 मरीजों की रिपोर्ट टाइफाइड पॉजिटिव आ रही है।
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मेडिकल कॉलेज के डॉ. मनोज खत्री ने बताया कि नौतपा लगने के बाद से ओपीडी से लेकर आईपीडी तक महज डायरिया के मरीज आते थे। इमरजेंसी में तीन से चार बुखार रोगी गंभीर हालत में आए। इलाज शुरू करते ही उनकी जान भी चली गई। उन्होंने बताया कि बारिश शुरू होने के बाद मौसम में बदलाव हो गया। तापमान में गिरावट आ गया। ऐसे में मच्छर भी पनपने लगे हैं। बीते दो दिनों के भीतर उल्टी और दस्त से पीड़ित महज 30 मरीज अस्पताल पहुंचे हैं। जबकि बुखार और पेट में दर्द से पीड़ित मरीजों की ओपीडी से लेकर इमरजेंसी तक भीड़ लग रही है। उन्होंने बताया कि सोमवार को ओपीडी में पहुंचे बुखार के 140 मरीजों के जांच में महज 13 मरीजों में टाइफाइड पॉजिटिव रिपोर्ट आई। मंगलवार को 250 मरीज ओपीडी में आए थे। जांच में 25 मरीज टाइफाइड पॉजिटिव मिले हैं। उन्होंने कहा कि बुखार होने पर झोलाछाप डॉक्टर के पास मरीज को नहीं जाना चाहिए। सस्ते इलाज के चक्कर में मेडिकल स्टोर से दवा खरीदकर नहीं खाना चाहिए। ऐसे में बुखार के साथ किडनी खराब होने का डर बना रहता है। यदि किसी को डेंगू हुआ होगा तो उसका प्लेटलेट्स कम हो सकता है। ऐसे में उसकी जान भी जा सकती है। उन्होंने कहा कि बुखार होने पर तत्काल मेडिकल कॉलेज या फिर सीएचसी-पीएचसी के डाॅक्टर को दिखाना चाहिए। डॉक्टर के कहने पर खून जांच कराना चाहिए। डॉक्टर जो दवा दे उसे ही खाना चाहिए।
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छोटे बच्चों में टाइफाइड का ज्यादा खतरा
बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार ने कहा कि छोटे बच्चों में टाइफाइड का ज्यादा खतरा है। दरअसल बच्चे हाथ धुलना भूल जाते हैं। खेल कर आते हैं और उसी हाथ से घर में रखा खाद्य पदार्थ को खा लेते हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों को खाना खाने के लिए देने से पहले साबुन से हाथ धुलाना चाहिए। नवजात बच्चों को जिस बर्तन में दूध पीने के लिए दें, उसे गर्म पानी में उबाल लें। इसके बाद उसमें दूध दें। उन्होंने बताया कि दो दिनों के भीतर 13 बच्चे टाइफाइड से पीड़ित इलाज कराने के लिए ओपीडी में पहुंचे हैं। इनमें से चार बच्चों को भर्ती कर इलाज किया जा रहा है।
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