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Pratapgarh News: संपादित- रेलवे स्टेशन पर 207 कछुओं के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
Fri, 21 Jul 2023 09:19 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Fri, 21 Jul 2023 09:19 PM IST
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रेलवे स्टेशन पर कछुए के साथ जीआरपी द्वारा गिरफ्तार तस्कर। संवाद
रेलवे स्टेशन पर 207 कछुओं के साथ दो तस्कर गिरफ्तार
पुलिस को देख कई तस्कर फरार, सई नदी में छोड़े गए बरामद कछुए
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। रेलवे जंक्शन के प्लटेफार्म नंबर तीन से जीआरपी ने 207 कछुओं के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से सात बोरी में कछुए बरामद हुए। बरामद कछुओं को जीआरपी ने वन विभाग के हवाले कर दिया, जिन्हें सई नदी में छोड़ दिया गया।
शुक्रवार दोपहर जीआरपी एसओ अरुण कुमार सिंह पुलिसकर्मियों के साथ प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर संदिग्धों की जांच को निकले थे। प्लेटफार्म तीन के दक्षिणी छोर पर कई महिलाएं और पुरुष झुंड बनाकर बैठे थे। उनके पास कई बोरे और पोटली रखी थी। पुलिस को करीब आता देख वहां मौजूद कुछ युवक भाग निकले। मामला संदिग्ध देख पुलिस ने दो युवकों को पकड़ लिया।
पकड़े गए युवक सुल्तानपुर जनपद के कोतवाली देहात थाना के पकड़ी निवासी सोनू व मेहराची हैं। तलाशी के दौरान उनके पास सात बोरियों में 207 कछुआ बरामद हुए। इनमें से 30 कछुए बड़े थे, जिनका वजन करीब 20 किलोग्राम बताया जा रहा है।
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दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बड़े कछुओं के दो हजार रुपये और छोटे के पांच सौ से हजार रुपये मिलते हैं। वे कछुओं को लेकर कोलकाता जाने की तैयारी में थे। पूर्व भी वे दो बार प्रतापगढ़ में ही कछुओं के साथ पकड़े जा चुके हैं। जनपद से ही कछुओं को तालाब व नदियों से पकड़ा था।
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जीआरपी सीओ तक पहुंचा महिलाओं को छोड़ने का मामला
कछुआ तस्करी करने वालों में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। थाने तक उन्हें लाया भी गया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। यह मामला जीआरपी सीओ संजीव सिंह तक पहुंचा। सीओ ने मामले की जांच कराने की बात कही।
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कई देशों में जाते हैं तस्करी के कछुए
इन कछुओं को पश्चिम बंगाल ले जाया जाता है। वहां से कछुए चीन, हांगकांग, मलेशिया, थाईलैंड आदि देशों में सप्लाई किए जाते हैं। इन देशों में कछुए का मांस, सूप और चिप्स काफी पसंद किया जाता है। साथ ही इसके कवच से यौनवर्धक व नशीली दवाएं बनाई जाती हैं। कछुओं के खोल से तरह-तरह के सजावटी सामान, आभूषण, चश्मों के फ्रेम आदि भी बनाए जाते हैं।
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पुलिस को देख कई तस्कर फरार, सई नदी में छोड़े गए बरामद कछुए
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। रेलवे जंक्शन के प्लटेफार्म नंबर तीन से जीआरपी ने 207 कछुओं के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से सात बोरी में कछुए बरामद हुए। बरामद कछुओं को जीआरपी ने वन विभाग के हवाले कर दिया, जिन्हें सई नदी में छोड़ दिया गया।
शुक्रवार दोपहर जीआरपी एसओ अरुण कुमार सिंह पुलिसकर्मियों के साथ प्लेटफार्म नंबर दो और तीन पर संदिग्धों की जांच को निकले थे। प्लेटफार्म तीन के दक्षिणी छोर पर कई महिलाएं और पुरुष झुंड बनाकर बैठे थे। उनके पास कई बोरे और पोटली रखी थी। पुलिस को करीब आता देख वहां मौजूद कुछ युवक भाग निकले। मामला संदिग्ध देख पुलिस ने दो युवकों को पकड़ लिया।
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पकड़े गए युवक सुल्तानपुर जनपद के कोतवाली देहात थाना के पकड़ी निवासी सोनू व मेहराची हैं। तलाशी के दौरान उनके पास सात बोरियों में 207 कछुआ बरामद हुए। इनमें से 30 कछुए बड़े थे, जिनका वजन करीब 20 किलोग्राम बताया जा रहा है।
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दोनों आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि बड़े कछुओं के दो हजार रुपये और छोटे के पांच सौ से हजार रुपये मिलते हैं। वे कछुओं को लेकर कोलकाता जाने की तैयारी में थे। पूर्व भी वे दो बार प्रतापगढ़ में ही कछुओं के साथ पकड़े जा चुके हैं। जनपद से ही कछुओं को तालाब व नदियों से पकड़ा था।
जीआरपी सीओ तक पहुंचा महिलाओं को छोड़ने का मामला
कछुआ तस्करी करने वालों में कुछ महिलाएं भी शामिल थीं। थाने तक उन्हें लाया भी गया लेकिन बाद में उन्हें छोड़ दिया गया। यह मामला जीआरपी सीओ संजीव सिंह तक पहुंचा। सीओ ने मामले की जांच कराने की बात कही।
कई देशों में जाते हैं तस्करी के कछुए
इन कछुओं को पश्चिम बंगाल ले जाया जाता है। वहां से कछुए चीन, हांगकांग, मलेशिया, थाईलैंड आदि देशों में सप्लाई किए जाते हैं। इन देशों में कछुए का मांस, सूप और चिप्स काफी पसंद किया जाता है। साथ ही इसके कवच से यौनवर्धक व नशीली दवाएं बनाई जाती हैं। कछुओं के खोल से तरह-तरह के सजावटी सामान, आभूषण, चश्मों के फ्रेम आदि भी बनाए जाते हैं।