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ठगी का शिकार होने से बचे दो परीक्षार्थी
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यूपी बोर्ड की उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन भले ही ठप है, मगर नंबर बढ़ाने के लिए ठगों का फोन छात्रों के पास आने लगा है। पीबी इंटर कालेज के दो छात्र सक्रियता के चलते ठगी का शिकार होने से बच गए।
सिटी स्थित पीबी इंटर कालेज के कक्षा बारह गणित वर्ग के छात्र अंकित मौर्या और जीव विज्ञान वर्ग के छात्र अर्पित सिंह के मोबाइल पर सोमवार को फोन आया कि अगर नंबर बढ़वाना है तो हमारे खाते में 5-5 हजार रुपये अविलंब भेज दीजिए।
अंकित ने जब पूछा कि आप कहां से बोल रहे हैं, तो फोन करने वाले ने अपने को यूपी बोर्ड का कर्मचारी बताते हुए छात्र के माता-पिता का नाम बताने के साथ ही सभी उसके विषयों की भी जानकारी दी।
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अंकित ने अपने पास इतने रुपये नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि एक हजार रुपये से काम चल सकता है, तो बताओ मैं खाते में डाल देता हूं। करीब 15 मिनट तक हुई वार्ता के दौरान वह एक हजार रुपये पर भी तैयार हो गया। अंकित ने रुपये भेजने के पहले अपने गणित के टीचर आशीष श्रीवास्तव को फोनकर पूरा वाकया सुनाया।
टीचर से रुपये नहीं देने की बात कहते हुए अन्य जिलों में हो रही ठगी की बात बताई। कालेज प्रिंसिपल डा. अनूप कुमार सिंह ने बताया कि कालेज के दो छात्रों के पास फोन करके रुपये मांगे गए, मगर दोनों छात्र सक्रियता के चलते ठगी का शिकार होने से बच गए।
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सिटी स्थित पीबी इंटर कालेज के कक्षा बारह गणित वर्ग के छात्र अंकित मौर्या और जीव विज्ञान वर्ग के छात्र अर्पित सिंह के मोबाइल पर सोमवार को फोन आया कि अगर नंबर बढ़वाना है तो हमारे खाते में 5-5 हजार रुपये अविलंब भेज दीजिए।
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अंकित ने जब पूछा कि आप कहां से बोल रहे हैं, तो फोन करने वाले ने अपने को यूपी बोर्ड का कर्मचारी बताते हुए छात्र के माता-पिता का नाम बताने के साथ ही सभी उसके विषयों की भी जानकारी दी।
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अंकित ने अपने पास इतने रुपये नहीं होने की बात कहते हुए कहा कि एक हजार रुपये से काम चल सकता है, तो बताओ मैं खाते में डाल देता हूं। करीब 15 मिनट तक हुई वार्ता के दौरान वह एक हजार रुपये पर भी तैयार हो गया। अंकित ने रुपये भेजने के पहले अपने गणित के टीचर आशीष श्रीवास्तव को फोनकर पूरा वाकया सुनाया।
टीचर से रुपये नहीं देने की बात कहते हुए अन्य जिलों में हो रही ठगी की बात बताई। कालेज प्रिंसिपल डा. अनूप कुमार सिंह ने बताया कि कालेज के दो छात्रों के पास फोन करके रुपये मांगे गए, मगर दोनों छात्र सक्रियता के चलते ठगी का शिकार होने से बच गए।