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ऑनलाइन अावेदन करने से चूक गए सैकड़ों शिक्षक
अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Updated Mon, 28 Aug 2017 11:58 PM IST
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इससे एक साल के अंदर नौकरी पाने वाले और पैनकार्ड, आधारकार्ड में नाम अंतर होने पर शिक्षक आवेदन नहीं कर पाए हैं। हालांकि 1251 शिक्षक ऑनलाइन आवेदन करने में सफल रहे हैं।बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के तबादले के लिए 19 अगस्त से ऑनलाइन आवेदन मांगे जा रहे थे। सोमवार को आवेदन का अंतिम दिन था। शाम को पांच बजते ही वेबसाइट बंद हो गई। आवेदन में उन शिक्षकों के तबादले की हसरत अधूरी रह गई, जिनके आधार, पैन कार्ड में नाम और जन्मतिथि में अंतर था। विभाग में ऐसे शिक्षक भी आवेदन नहीं कर पाए, जिन्हें एक साल के अंदर नौकरी मिली थी।एक साल अंदर नौकरी पाने वाले शिक्षकों का सैलरी डाटा फीड करने के बाद भी बेवसाइट नहीं खुली। जबकि जिले के 1251 अध्यापक-अध्यापिकाएं आवेदन करने में सफल रहे। हालांकि शिक्षकों का यह मानना था कि अंतिम तिथि बढ़ेगी, मगर ऐसा नहीं हुआ। बीएसए बीएन सिंह ने बताया कि आवेदन के लिए अभी तिथि नहीं बढ़ी है और न ही संभावना है।
जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की जांच के लिए चले अभियान में बगैर सूचना के गायब रहने वाले शिक्षकों ने पकड़े जाने पर कार्रवाई से बचने के लिए ऑनलाइन अवकाश ले लिया। सभी स्कूलों की जांच में अधिकांश शिक्षक स्कूल से गायब रहे, इसमें शिक्षामित्रों की संख्या अधिक है। फिलहाल देरशाम तक रिपोर्ट एकत्रित नहीं हो पाई थी।स्कूल छोड़कर गायब रहने वाले शिक्षकों के औचक निरीक्षण का अभियान सोमवार को जिले भर में चलाया गया। स्कूलों में अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हुआ तो कार्रवाई से बचने के लिए ऑनलाइन अवकाश लेना प्रारंभ कर दिया। सोमवार को जिले के 139 शिक्षक अवकाश पर रहे। ऐसा पहली बार हुआ है, जब इतनी बड़ी संख्या में शिक्षक अवकाश पर थे। दरअसल में यह शिक्षक तो प्राय: स्कूल से गायब रहते हैं, इनमें कुछ तो ऐसे शिक्षक नेता हैं, जो बीआरसी और बीएसए कार्यालय के इर्द-गिर्द मंडराते रहते हैं। इन शिक्षकों को विभागीय अधिकारियों से कोई डर नहीं होता है, मगर दूसरे विभाग के अधिकारियों से दाल नहीं गलने पर अवकाश लेने को विवश हो गए। दिनभर चले जांच अभियान में कितने लोग गायब मिले, इसकी रिपोर्ट देर शाम तक नहीं मिल पाई थी।
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जिले के प्राइमरी और मिडिल स्कूलों की जांच के लिए चले अभियान में बगैर सूचना के गायब रहने वाले शिक्षकों ने पकड़े जाने पर कार्रवाई से बचने के लिए ऑनलाइन अवकाश ले लिया। सभी स्कूलों की जांच में अधिकांश शिक्षक स्कूल से गायब रहे, इसमें शिक्षामित्रों की संख्या अधिक है। फिलहाल देरशाम तक रिपोर्ट एकत्रित नहीं हो पाई थी।स्कूल छोड़कर गायब रहने वाले शिक्षकों के औचक निरीक्षण का अभियान सोमवार को जिले भर में चलाया गया। स्कूलों में अधिकारियों के पहुंचने का सिलसिला प्रारंभ हुआ तो कार्रवाई से बचने के लिए ऑनलाइन अवकाश लेना प्रारंभ कर दिया। सोमवार को जिले के 139 शिक्षक अवकाश पर रहे। ऐसा पहली बार हुआ है, जब इतनी बड़ी संख्या में शिक्षक अवकाश पर थे। दरअसल में यह शिक्षक तो प्राय: स्कूल से गायब रहते हैं, इनमें कुछ तो ऐसे शिक्षक नेता हैं, जो बीआरसी और बीएसए कार्यालय के इर्द-गिर्द मंडराते रहते हैं। इन शिक्षकों को विभागीय अधिकारियों से कोई डर नहीं होता है, मगर दूसरे विभाग के अधिकारियों से दाल नहीं गलने पर अवकाश लेने को विवश हो गए। दिनभर चले जांच अभियान में कितने लोग गायब मिले, इसकी रिपोर्ट देर शाम तक नहीं मिल पाई थी।
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