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150 चेकिंग प्वाइंट पर रहेगी तीसरी आंख की नजर
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जनपद के थाना क्षेत्रों में बने 150 चेकिंग प्वाइंटों पर तीसरी आंख की नजर रहेगी। दिन-रात पुलिस चेकिंग प्वाइंटों की गतिविधियां कैमरे में कैद होती रहेंगी। इससे पुलिसकर्मियों की मनमानी पर भी अफसर नजर रख सकेंगे। दस चेकिंग प्वाइंटों पर पुलिसकर्मी बाडी वार्न कैमरे के साथ लोगों की तलाशी लेंगे।
पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पहल की है। लूट, छिनैती, हत्या समेत अन्य संगीन अपराधों को अंजाम देने के बाद बदमाश मुख्य मार्ग के अलावा गांव की पगडंडियों से होकर भागते हैं। जिले के बीस थाना क्षेत्रों में इसके लिए 150 चेकिंग प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं। इसमें जिले की सीमा से मिलने वाले चौराहों व रास्तों को ध्यान में रखा गया है।
जिससे आपराधिक वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश भागने में कामयाब न हो सकें। घटनाओं की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी सक्रिय हो जाएंगे। संदिग्ध लोगों को रोककर पूछताछ करेंगे। मौसम की मार से बचने के लिए चेकिंग प्वाइंट के करीब ही पुलिस बूथ भी बनाए जाएंगे। यहां सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। कैमरे की नजर में रहते हुए वाहनों की चेकिंग पुलिसकर्मियों को करनी है ताकि कोई उन पर वसूली का आरोप भी न लगा सके।
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पड़ोसी जनपद की सीमा को जोड़ने वाले मार्गों पर विशेष निगाह रहेगी। खास बात यह है कि जिले की सीमा को जोड़ने वाले हाईवे समेत दस स्थानों पर पुलिसकर्मी बॉडीवार्न कैमरे से लैस रहेंगे। चेकिंग के दौरान बाडीवार्न कैमरे का प्रयोग करते रहेंगे। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि पुलिस चेकिंग प्वाइंट के जरिए अपराध में कमी आने की उम्मीद है। चेकिंग प्वाइंट के करीब ही पुलिस बूथ बनेंगे। जहां सीसीटीवी लगाकर गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। दस प्वाइंटों पर पुलिसकर्मी बॉडीवार्न कैमरे से लैस रहेंगे।
12-12 घंटे के लिए तैनात होंगे पुलिसकर्मी
सभी 150 पुलिस चेकिंग प्वाइंट पर तैनात पुलिसकर्मी 12-12 घंटे की ड्यूटी करेंगे। दिन व रात में हल्का दरोगा भी इन प्वाइंटों पर मौजूद रहकर निगरानी करते रहेंगे। जिस इलाके में कोई आपराधिक वारदात होगी। उस इलाके के सभी चेकिंग प्वाइंटों के पुलिसकर्मियों को अलर्ट कर दिया जाएगा। ताकि घटना के बाद भाग रहे बदमाशों को आसानी से दबोचा जा सके।
पुलिस बूथ पर ही सुनेंगे समस्याएं
चेकिंग प्वाइंट पर बनने वाले पुलिस बूथ पर ही पुलिसकर्मी क्षेत्र के पीड़ितों की समस्या सुनते हुए निराकरण कराएंगे। बड़ी घटना होने पर तत्काल थानाध्यक्ष व सीओ को अवगत कराएंगे। क्षेत्र के फरियादी चेकिंग प्वाइंटों पर अपनी समस्या पुलिसकर्मी को बेझिझक होकर बता सकेंगे। वहां रजिस्टर रहेगा, जिसमें फरियादियों की समस्याओं को दर्ज कर निस्तारण की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। यदि जांच के दौरान प्रार्थना पत्रों की जांच व कार्रवाई की बात सामने न आई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।
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पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने आपराधिक घटनाओं को रोकने के लिए पहल की है। लूट, छिनैती, हत्या समेत अन्य संगीन अपराधों को अंजाम देने के बाद बदमाश मुख्य मार्ग के अलावा गांव की पगडंडियों से होकर भागते हैं। जिले के बीस थाना क्षेत्रों में इसके लिए 150 चेकिंग प्वाइंट चिह्नित किए गए हैं। इसमें जिले की सीमा से मिलने वाले चौराहों व रास्तों को ध्यान में रखा गया है।
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जिससे आपराधिक वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश भागने में कामयाब न हो सकें। घटनाओं की जानकारी मिलते ही पुलिसकर्मी सक्रिय हो जाएंगे। संदिग्ध लोगों को रोककर पूछताछ करेंगे। मौसम की मार से बचने के लिए चेकिंग प्वाइंट के करीब ही पुलिस बूथ भी बनाए जाएंगे। यहां सीसीटीवी कैमरे लगेंगे। कैमरे की नजर में रहते हुए वाहनों की चेकिंग पुलिसकर्मियों को करनी है ताकि कोई उन पर वसूली का आरोप भी न लगा सके।
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पड़ोसी जनपद की सीमा को जोड़ने वाले मार्गों पर विशेष निगाह रहेगी। खास बात यह है कि जिले की सीमा को जोड़ने वाले हाईवे समेत दस स्थानों पर पुलिसकर्मी बॉडीवार्न कैमरे से लैस रहेंगे। चेकिंग के दौरान बाडीवार्न कैमरे का प्रयोग करते रहेंगे। पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल ने बताया कि पुलिस चेकिंग प्वाइंट के जरिए अपराध में कमी आने की उम्मीद है। चेकिंग प्वाइंट के करीब ही पुलिस बूथ बनेंगे। जहां सीसीटीवी लगाकर गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी। दस प्वाइंटों पर पुलिसकर्मी बॉडीवार्न कैमरे से लैस रहेंगे।
12-12 घंटे के लिए तैनात होंगे पुलिसकर्मी
सभी 150 पुलिस चेकिंग प्वाइंट पर तैनात पुलिसकर्मी 12-12 घंटे की ड्यूटी करेंगे। दिन व रात में हल्का दरोगा भी इन प्वाइंटों पर मौजूद रहकर निगरानी करते रहेंगे। जिस इलाके में कोई आपराधिक वारदात होगी। उस इलाके के सभी चेकिंग प्वाइंटों के पुलिसकर्मियों को अलर्ट कर दिया जाएगा। ताकि घटना के बाद भाग रहे बदमाशों को आसानी से दबोचा जा सके।
पुलिस बूथ पर ही सुनेंगे समस्याएं
चेकिंग प्वाइंट पर बनने वाले पुलिस बूथ पर ही पुलिसकर्मी क्षेत्र के पीड़ितों की समस्या सुनते हुए निराकरण कराएंगे। बड़ी घटना होने पर तत्काल थानाध्यक्ष व सीओ को अवगत कराएंगे। क्षेत्र के फरियादी चेकिंग प्वाइंटों पर अपनी समस्या पुलिसकर्मी को बेझिझक होकर बता सकेंगे। वहां रजिस्टर रहेगा, जिसमें फरियादियों की समस्याओं को दर्ज कर निस्तारण की जानकारी भी दर्ज की जाएगी। यदि जांच के दौरान प्रार्थना पत्रों की जांच व कार्रवाई की बात सामने न आई तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी।