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पुलिस की लापरवाही से तीरथराज बन गया नरकंकाल
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कोहडौर थाने के बिजरा परैया नाले में मिले युवक के शव के पोस्टमार्टम के दौरान आये परिजन।
- फोटो : PRATAPGARH
कोहड़ौर पुलिस की लापरवाही से 22 दिन पहले घर से गायब तीरथराज कंकाल बन गया। पुलिस उसकी गुमशुदगी दर्ज करने के बाद खामोश बैठ गई। परिवार के लोगों ने गांव के ही कुछ लोगों पर उसे गायब करने का आरोप लगाया। इसके बाद पुलिस कुछ संदिग्धों से पूछताछ कर ढीली पड़ गई। पुलिस उसे खोजना तो दूर गायब होने की वजह तक नहीं तलाश सकी। पुलिस की लापरवाही से खिन्न तीरथराज के ससुर ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र भेजकर संदिग्धों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी।
कोहड़ौर थाना क्षेत्र के रामापुर विजरा निवासी तीरथराज सिंह चंडीगढ़ में काम करता था। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में करीब दो माह पहले वह घर आया था। दो जुलाई की शाम वह घर से गांव के बाहर गया था, देर रात तक वह नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। परिजनों ने चार जुलाई को थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई। उसकी पत्नी ने गांव के कुछ लोगों पर गायब करने की शंका जताई थी।
इस पर पुलिस ने कुछ लोगों को थाने लाकर पूछताछ की, लेकिन बाद में छोड़ दिया। शुक्रवार को तीरथराज का भाई कमलेश सिंह परैया नदी श्मशान घाट के करीब मछली पकड़ने गया था। इस दौरान उसने नदी में एक कंकाल देखा। शोर मचते ही गांव के लोग आ गए। तीरथराज की पत्नी पूजा व मां भी नदी के किनारे पहुंच गईं। कंकाल में फंसी मिली बनियान व अंडरवियर से उसकी पहचान की। दो जुलाई को वह उन्हीं कपड़ों में घर से निकला था। जिसके बाद कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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शनिवार को डाक्टरों के पैनल व वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया गया। मृतक के ससुर सदाशिव का कहना है कि कोहड़ौर पुलिस ने गायब तीरथराज की खोजबीन नहीं की। जिन लोगों पर संदेह जताया गया उन्हें पकड़कर पुलिस थाने ले गई, लेकिन कुछ दिनों बाद छोड़ दिया। यदि पुलिस शुरुआत में ही गंभीरता से तीरथराज की तलाश करती तो शायद उसका कंकाल न मिलता। दो दिन पहले वह पुलिस अधीक्षक से मिलने गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसलिए डाक से शिकायती पत्र भेजा था। पत्नी पूजा व भाई कमलेश कोहड़ौर पुलिस पर तीरथराज की खोजबीन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते रहे। उधर, कोहड़ौर पुलिस अब भी दावा कर रही है कि परिवार के लोगों ने जिन लोगों पर संदेह जताया था उन सभी को थाने पूछताछ के लिए लाया गया। परिवारवालों की संतुष्टि के बाद आरोपियों को छोड़ा गया।
डीएनए जांच के लिए लिया नमूना
कोहड़ौर केे विजरा में मिले तीरथराज के कंकाल का डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। चूंकि, कंकाल में मांस नहीं था। बहुत सी अस्थियां भी गायब थीं। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे। कंकाल से यह भी पहचान नहीं हो सकी कि वह महिला का है या पुरुष का। सही पहचान न हो पाने के कारण कंकाल के कुछ हिस्सों को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखा गया।
दोस्तों के साथ पीता था शराब
कोहड़ौर के विजरा निवासी तीरथराज सिंह लॉकडाउन में घर आने केे बाद मनरेगा में मजदूरी करता था। उसके भाई कमलेश के अनुसार शाम को वह गांव के कुछ लोगों के साथ बैठकर शराब पीता था। कई बार उसे समझाया गया, लेकिन वह नहीं माना। रंजिश के चलते गांव के ही कुछ लोगों ने उसे शराब पिलाकर ठिकाने लगा दिया।
घर में कूदा था पड़ोसी युवक, मृतक की पत्नी ने की थी चप्पल से पिटाई
कोरोना महामारी के दौरान तीरथराज चंडीगढ़ में था। वह जिस दिन ट्रेन में बैठा उसी रात उसके घर में गांव का एक युवक कूद गया था। तीरथराज की पत्नी पूजा ने शोर मचाते हुए उसे पकड़ लिया, लेकिन वह धक्का देते हुए दरवाजा खोलकर बाहर की ओर भागा। बाहर तीरथराज की मां ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कामयाब न हो सकी। इस बात की जानकारी पूजा ने लखनऊ पहुंचे पति को दी थी। इस मामले को लेकर गांव के लोगों की पंचायत हुई। जिसमें तय हुआ कि आरोपी विनोद को पूजा सजा देगी। पूजा ने विनोद को चप्पलों से पीटा था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इस बात की जानकारी पुलिस को भी हो गई थी। इसके बाद 28 जून को घर में कूदने के आरोपी युवक ने पूजा को फोनकर धमकी दी थी। जिसकी जानकारी पूजा ने अपने पिता सदाशिव को दी थी। पूजा का आरोप है कि युवक ने मौका पाकर उसके पति की हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। तीरथराज के गायब होने के बाद आरोपी युवक को पकड़कर पुलिस थाने ले गई थी। कई दिनों तक बैठाए रखा। बाद में उसे छोड़ दिया। पुलिस के सामने परिवार केे लोगों से आरोपी युवक ने वादा किया था कि वह एक सप्ताह में तीरथराज को खोज निकालेगा, मगर छूटने के बाद वह फरार हो गया। बाद में पुलिस उसकी तलाश करने पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। शुक्रवार की रात उसके रिश्तेदार को पुलिस पकड़कर थाने ले आई।
सूचना मिलने के बाद गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जिन लोगों पर परिवार को शंका थी, उन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ हुई थी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी। अभी बरामद कंकाल को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट के बाद ही आगे कदम उठाया जाएगा। संदिग्धों की फिर से धरपकड़ कर पूछताछ की जा रही है।
अभिषेक सिंह, पुलिस अधीक्षक
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कोहड़ौर थाना क्षेत्र के रामापुर विजरा निवासी तीरथराज सिंह चंडीगढ़ में काम करता था। कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन में करीब दो माह पहले वह घर आया था। दो जुलाई की शाम वह घर से गांव के बाहर गया था, देर रात तक वह नहीं लौटा। काफी खोजबीन के बाद भी उसका सुराग नहीं लगा। परिजनों ने चार जुलाई को थाने पहुंचकर गुमशुदगी दर्ज कराई। उसकी पत्नी ने गांव के कुछ लोगों पर गायब करने की शंका जताई थी।
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इस पर पुलिस ने कुछ लोगों को थाने लाकर पूछताछ की, लेकिन बाद में छोड़ दिया। शुक्रवार को तीरथराज का भाई कमलेश सिंह परैया नदी श्मशान घाट के करीब मछली पकड़ने गया था। इस दौरान उसने नदी में एक कंकाल देखा। शोर मचते ही गांव के लोग आ गए। तीरथराज की पत्नी पूजा व मां भी नदी के किनारे पहुंच गईं। कंकाल में फंसी मिली बनियान व अंडरवियर से उसकी पहचान की। दो जुलाई को वह उन्हीं कपड़ों में घर से निकला था। जिसके बाद कोहराम मच गया। सूचना पर पुलिस ने कंकाल को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।
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शनिवार को डाक्टरों के पैनल व वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया गया। मृतक के ससुर सदाशिव का कहना है कि कोहड़ौर पुलिस ने गायब तीरथराज की खोजबीन नहीं की। जिन लोगों पर संदेह जताया गया उन्हें पकड़कर पुलिस थाने ले गई, लेकिन कुछ दिनों बाद छोड़ दिया। यदि पुलिस शुरुआत में ही गंभीरता से तीरथराज की तलाश करती तो शायद उसका कंकाल न मिलता। दो दिन पहले वह पुलिस अधीक्षक से मिलने गए थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो सकी। इसलिए डाक से शिकायती पत्र भेजा था। पत्नी पूजा व भाई कमलेश कोहड़ौर पुलिस पर तीरथराज की खोजबीन में लापरवाही बरतने का आरोप लगाते रहे। उधर, कोहड़ौर पुलिस अब भी दावा कर रही है कि परिवार के लोगों ने जिन लोगों पर संदेह जताया था उन सभी को थाने पूछताछ के लिए लाया गया। परिवारवालों की संतुष्टि के बाद आरोपियों को छोड़ा गया।
डीएनए जांच के लिए लिया नमूना
कोहड़ौर केे विजरा में मिले तीरथराज के कंकाल का डाक्टरों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। चूंकि, कंकाल में मांस नहीं था। बहुत सी अस्थियां भी गायब थीं। सूत्रों के अनुसार पोस्टमार्टम के दौरान डॉक्टर किसी नतीजे पर नहीं पहुंचे। कंकाल से यह भी पहचान नहीं हो सकी कि वह महिला का है या पुरुष का। सही पहचान न हो पाने के कारण कंकाल के कुछ हिस्सों को डीएनए जांच के लिए सुरक्षित रखा गया।
दोस्तों के साथ पीता था शराब
कोहड़ौर के विजरा निवासी तीरथराज सिंह लॉकडाउन में घर आने केे बाद मनरेगा में मजदूरी करता था। उसके भाई कमलेश के अनुसार शाम को वह गांव के कुछ लोगों के साथ बैठकर शराब पीता था। कई बार उसे समझाया गया, लेकिन वह नहीं माना। रंजिश के चलते गांव के ही कुछ लोगों ने उसे शराब पिलाकर ठिकाने लगा दिया।
घर में कूदा था पड़ोसी युवक, मृतक की पत्नी ने की थी चप्पल से पिटाई
कोरोना महामारी के दौरान तीरथराज चंडीगढ़ में था। वह जिस दिन ट्रेन में बैठा उसी रात उसके घर में गांव का एक युवक कूद गया था। तीरथराज की पत्नी पूजा ने शोर मचाते हुए उसे पकड़ लिया, लेकिन वह धक्का देते हुए दरवाजा खोलकर बाहर की ओर भागा। बाहर तीरथराज की मां ने रोकने की कोशिश की, लेकिन कामयाब न हो सकी। इस बात की जानकारी पूजा ने लखनऊ पहुंचे पति को दी थी। इस मामले को लेकर गांव के लोगों की पंचायत हुई। जिसमें तय हुआ कि आरोपी विनोद को पूजा सजा देगी। पूजा ने विनोद को चप्पलों से पीटा था। बाद में दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया। इस बात की जानकारी पुलिस को भी हो गई थी। इसके बाद 28 जून को घर में कूदने के आरोपी युवक ने पूजा को फोनकर धमकी दी थी। जिसकी जानकारी पूजा ने अपने पिता सदाशिव को दी थी। पूजा का आरोप है कि युवक ने मौका पाकर उसके पति की हत्या कर शव को नदी में फेंक दिया। तीरथराज के गायब होने के बाद आरोपी युवक को पकड़कर पुलिस थाने ले गई थी। कई दिनों तक बैठाए रखा। बाद में उसे छोड़ दिया। पुलिस के सामने परिवार केे लोगों से आरोपी युवक ने वादा किया था कि वह एक सप्ताह में तीरथराज को खोज निकालेगा, मगर छूटने के बाद वह फरार हो गया। बाद में पुलिस उसकी तलाश करने पहुंची, लेकिन वह नहीं मिला। शुक्रवार की रात उसके रिश्तेदार को पुलिस पकड़कर थाने ले आई।
सूचना मिलने के बाद गुमशुदगी दर्ज की गई थी। जिन लोगों पर परिवार को शंका थी, उन लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ हुई थी, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी थी। अभी बरामद कंकाल को लेकर कुछ कहा नहीं जा सकता। डीएनए टेस्ट रिपोर्ट के बाद ही आगे कदम उठाया जाएगा। संदिग्धों की फिर से धरपकड़ कर पूछताछ की जा रही है।
अभिषेक सिंह, पुलिस अधीक्षक