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सिपाही की आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने में लगाई गईं तीन टीमें
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पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे सिपाही आशुतोष यादव के परिजनों को सांत्वना देते एएसपी पूर्वी।
- फोटो : PRATAPGARH
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य ने लालगंज कोतवाली में तैनात सिपाही आशुतोष की आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए तीन टीमों का गठन किया है। एसपी के निर्देश के बाद सीओ लालगंज, फोरेंसिक टीम व सर्विलांस टीम जांच में जुट गई हैं। कोतवाल ने सिपाही की आत्महत्या करने का तस्करा जीडी में दर्ज कर दिया है। उधर, शनिवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर पैतृक घर गाजीपुर चले गए। सिपाही की मौत के बाद से लालगंज कोतवाली में सन्नाटा पसरा हुआ है।
लालगंज कोतवाली में तैनात सिपाही आशुतोष यादव (24) ने शुक्रवार दोपहर बैरक में गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। घटना के सात घंटे बाद उसका शव पुलिस ने बैरक की तीसरी मंजिल की सीढ़ी से बरामद किया था।
पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य व फोरेंसिक टीम की जांच के बाद आधी रात सिपाही के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। शनिवार को जिला अस्पताल में परिजनों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के बीच चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद वहीं पर सलामी देकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
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दोपहर बाद परिजन सिपाही के शव को लेकर पैतृक घर गाजीपुर चले गए। सिपाही की आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी अनुराग आर्य ने तीन टीमों का गठन किया है। शनिवार को कोतवाली परिसर में सिपाही की मौत को लेकर पुलिसकर्मी दुखी नजर आए।
सिपाही की आत्महत्या की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। परिजनों के आने पर वीडियोग्राफी के साथ डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन जांच पर भरोसा जताते हुए सिपाही का शव लेकर घर चले गए। शीघ्र की उसकी आत्महत्या की गुत्थी सुलझ जाएगी।
अनुराग आर्य, पुलिस अधीक्षक
सिपाही की जेब में मिला छुट्टी का प्रार्थना पत्र
जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान सिपाही की जेब से छुट्टी का प्रार्थना पत्र मिला है। लालगंज सीओ जगमोहन सिंह के नाम लिखे प्रार्थना पत्र में घर जाने का जिक्र किया गया है। इससे साफ है कि 17 सितंबर को घर से लौटने वाला सिपाही आशुतोष यादव दोबारा घर जाना चाहता था। इस बारे में पूछने पर सीओ जगमोहन सिंह ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। कोतवाल राकेश भारती ने बताया कि छुट्टी का प्रार्थना पत्र उसने किसी के सामने प्रस्तुत नहीं किया था।
पिता का रो-रो कर बुरा हाल, भाई हो गया अचेत
सिपाही आशुतोष यादव के आत्महत्या करने की सूचना पर गाजीपुर के खरौना गांव से पिता अखिलेश यादव व भाई वासुदेव यादव शुक्रवार आधी रात जिला अस्पताल पहुंचे। शव से लिपटकर पिता बिलखने लगे। भाई आशुतोष अचेत हो गया। पुलिसकर्मियों ने दोनों को ढांढस बंधाया। घंटे भर बाद पिता व भाई घटनास्थल देखने लालगंज कोतवाली पहुंचे। लालगंज कोतवाली के बैरक में पहुंचने पर दोनों बिलखने लगे।
सात घंटे सिपाही की गुमशुदगी छिपाने की होगी जांच
प्रभारी निरीक्षक राकेश भारती के हमराही के रूप में ड्यूटी लगाए जाने के बाद शुक्रवार को सुबह नौ बजे ही आशुतोष वर्दी पहनकर कार्यालय आ गया। हेड मुंशी से एके-47 लेकर बाहर निकल गया। कोतवाल अपने कमरे में चले गए तो वह अचानक बिना किसी को जानकारी दिए बैरक में चला गया। जबकि बैरक कोतवाली परिसर से बाहर बनी है। दोपहर में उसने एके-47 से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सात घंटे तक सिपाही आशुतोष के गायब होने की बात कोतवाल ने छिपाए रखी। अफसरों को इस गंभीर मामले की न तो सूचना नहीं दी गई और न ही सिपाही की तलाश कराई गई। कोतवाल की इस लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
मोबाइल पुलिस के कब्जे में
सर्विलांस टीम ने सिपाही का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। पुुलिस काल हिस्ट्री के साथ सीडीआर निकलवा रही है। उसके मोबाइल में व्हाट्सएप चैट भी पुलिस चेक करेगी।
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लालगंज कोतवाली में तैनात सिपाही आशुतोष यादव (24) ने शुक्रवार दोपहर बैरक में गोली मारकर खुदकुशी कर ली थी। घटना के सात घंटे बाद उसका शव पुलिस ने बैरक की तीसरी मंजिल की सीढ़ी से बरामद किया था।
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पुलिस अधीक्षक अनुराग आर्य व फोरेंसिक टीम की जांच के बाद आधी रात सिपाही के शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा गया। शनिवार को जिला अस्पताल में परिजनों की मौजूदगी में वीडियोग्राफी के बीच चिकित्सकों के पैनल ने पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम के बाद वहीं पर सलामी देकर शव को परिजनों के हवाले कर दिया गया।
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दोपहर बाद परिजन सिपाही के शव को लेकर पैतृक घर गाजीपुर चले गए। सिपाही की आत्महत्या की गुत्थी सुलझाने के लिए एसपी अनुराग आर्य ने तीन टीमों का गठन किया है। शनिवार को कोतवाली परिसर में सिपाही की मौत को लेकर पुलिसकर्मी दुखी नजर आए।
सिपाही की आत्महत्या की जांच के लिए तीन टीमों का गठन किया गया है। परिजनों के आने पर वीडियोग्राफी के साथ डाक्टरों के पैनल से पोस्टमार्टम कराया गया। परिजन जांच पर भरोसा जताते हुए सिपाही का शव लेकर घर चले गए। शीघ्र की उसकी आत्महत्या की गुत्थी सुलझ जाएगी।
अनुराग आर्य, पुलिस अधीक्षक
सिपाही की जेब में मिला छुट्टी का प्रार्थना पत्र
जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम के दौरान सिपाही की जेब से छुट्टी का प्रार्थना पत्र मिला है। लालगंज सीओ जगमोहन सिंह के नाम लिखे प्रार्थना पत्र में घर जाने का जिक्र किया गया है। इससे साफ है कि 17 सितंबर को घर से लौटने वाला सिपाही आशुतोष यादव दोबारा घर जाना चाहता था। इस बारे में पूछने पर सीओ जगमोहन सिंह ने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। कोतवाल राकेश भारती ने बताया कि छुट्टी का प्रार्थना पत्र उसने किसी के सामने प्रस्तुत नहीं किया था।
पिता का रो-रो कर बुरा हाल, भाई हो गया अचेत
सिपाही आशुतोष यादव के आत्महत्या करने की सूचना पर गाजीपुर के खरौना गांव से पिता अखिलेश यादव व भाई वासुदेव यादव शुक्रवार आधी रात जिला अस्पताल पहुंचे। शव से लिपटकर पिता बिलखने लगे। भाई आशुतोष अचेत हो गया। पुलिसकर्मियों ने दोनों को ढांढस बंधाया। घंटे भर बाद पिता व भाई घटनास्थल देखने लालगंज कोतवाली पहुंचे। लालगंज कोतवाली के बैरक में पहुंचने पर दोनों बिलखने लगे।
सात घंटे सिपाही की गुमशुदगी छिपाने की होगी जांच
प्रभारी निरीक्षक राकेश भारती के हमराही के रूप में ड्यूटी लगाए जाने के बाद शुक्रवार को सुबह नौ बजे ही आशुतोष वर्दी पहनकर कार्यालय आ गया। हेड मुंशी से एके-47 लेकर बाहर निकल गया। कोतवाल अपने कमरे में चले गए तो वह अचानक बिना किसी को जानकारी दिए बैरक में चला गया। जबकि बैरक कोतवाली परिसर से बाहर बनी है। दोपहर में उसने एके-47 से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। सात घंटे तक सिपाही आशुतोष के गायब होने की बात कोतवाल ने छिपाए रखी। अफसरों को इस गंभीर मामले की न तो सूचना नहीं दी गई और न ही सिपाही की तलाश कराई गई। कोतवाल की इस लापरवाही की भी जांच की जा रही है।
मोबाइल पुलिस के कब्जे में
सर्विलांस टीम ने सिपाही का मोबाइल कब्जे में ले लिया है। पुुलिस काल हिस्ट्री के साथ सीडीआर निकलवा रही है। उसके मोबाइल में व्हाट्सएप चैट भी पुलिस चेक करेगी।

प्रतापगढ़ में पोस्टमार्टम हाउस में भाई का शव देखकर बिलखता बड़ा भाई।- फोटो : PRATAPGARH

प्रतापगढ़ जिला अस्पताल के बगल पोस्टमार्टम हाउस में सिपाही के शव को सलामी देने के दौरान लगी भीड़।- फोटो : PRATAPGARH