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मुकदमा समाप्त न करने पर होगा पुरजोर विरोध : विधायक विनोद
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उदय प्रताप सिंह पर मुकदमा दर्ज होने के बाद विरोध जताते विधायक विनोद सरोज।
- फोटो : PRATAPGARH
कानून के पाबंद राजा उदय प्रताप सिंह के विरुद्ध दर्ज कराया गया मुकदमा निंदनीय है। इससे हिंदू और मुसलमान दोनों संप्रदायों के लोग आहत और आश्चर्यचकित हैं। अगर मुकदमा समाप्त नहीं किया गया तो इसका पुरजोर विरोध किया जाएगा।
यह बातें बाबागंज विधायक विनोद सरोज ने कहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में भंडारा, मंदिर पर पूजन कार्यक्रम और मोहर्रम साथ में हुआ था। कोई उन्माद जैसी स्थिति नहीं रही। प्रशासन की इस कार्रवाई वह व्यक्तिगत तौर पर आहत हैं। उन्होंने कहा है कि राजा उदय प्रताप सिंह राजनीतिक कार्यों से सरोकार नहीं रखते। बावजूद इसके सामाजिक व धार्मिक कार्यों के माध्यम से समाज से व्यापक तौर पर जुड़े हैं।
जनपद प्रशासन ने उनको भारी पुलिस बल लगाकर नजरबंद किया। इसके साथ ही धार्मिक उन्माद फैलाने जैसे आरोप में मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की तैयारी समझ से परे है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर उसकी मंशा क्या है। अपने इस द्वेशपूर्ण कृत्य से क्या संदेश देना चाहता है। न्यायालय में इसे साबित नहीं किया जा सकेगा।
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उन्होंने कहा कि इस मामले पर हिंदू और मुसलमान दोनों सप्रदाय के लोग आहत हैं। उन्होंने इस कृत्य की भत्र्सना करते हुए कहा है कि इस मुकदमे में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए अविलंब समाप्त करने की कार्रवाई की जाए जिससे सामाजिक सौहार्द और भाईचारा बना रहे। अन्यथा की दशा में इसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा। पूर्व में भी हम प्रशासन के अवैधानिक व तानाशाही आचरण के विरुद्ध लड़ाई लड़ चुके हैं।
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यह बातें बाबागंज विधायक विनोद सरोज ने कहीं हैं। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार में भंडारा, मंदिर पर पूजन कार्यक्रम और मोहर्रम साथ में हुआ था। कोई उन्माद जैसी स्थिति नहीं रही। प्रशासन की इस कार्रवाई वह व्यक्तिगत तौर पर आहत हैं। उन्होंने कहा है कि राजा उदय प्रताप सिंह राजनीतिक कार्यों से सरोकार नहीं रखते। बावजूद इसके सामाजिक व धार्मिक कार्यों के माध्यम से समाज से व्यापक तौर पर जुड़े हैं।
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जनपद प्रशासन ने उनको भारी पुलिस बल लगाकर नजरबंद किया। इसके साथ ही धार्मिक उन्माद फैलाने जैसे आरोप में मुकदमा दर्ज कर उनकी गिरफ्तारी की तैयारी समझ से परे है। उन्होंने प्रशासन से सवाल किया है कि आखिर उसकी मंशा क्या है। अपने इस द्वेशपूर्ण कृत्य से क्या संदेश देना चाहता है। न्यायालय में इसे साबित नहीं किया जा सकेगा।
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उन्होंने कहा कि इस मामले पर हिंदू और मुसलमान दोनों सप्रदाय के लोग आहत हैं। उन्होंने इस कृत्य की भत्र्सना करते हुए कहा है कि इस मुकदमे में निष्पक्ष कार्रवाई करते हुए अविलंब समाप्त करने की कार्रवाई की जाए जिससे सामाजिक सौहार्द और भाईचारा बना रहे। अन्यथा की दशा में इसका लोकतांत्रिक तरीके से पुरजोर विरोध किया जाएगा। पूर्व में भी हम प्रशासन के अवैधानिक व तानाशाही आचरण के विरुद्ध लड़ाई लड़ चुके हैं।