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Pratapgarh News: शहीद शिलापट में सरकार की गाइडलाइन में कहीं पत्थर के रंग की बाध्यता नहीं - डीएम
Mon, 14 Aug 2023 08:40 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Mon, 14 Aug 2023 08:40 PM IST
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दुकानों पर वापस लौटाए जा रहे काले रंग के पत्थर, फटकारे गए सचिव, प्रधान व एडीएओ पंचायत
संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। नगर पंचायत के वार्ड व गांव में शहीदों के नाम पर बन रहे स्तंभ पर लगने वाले पत्थर का रंग निर्धारित नहीं है, ऐसा डीएम प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव की ओर से दावा किया गया है। फिलहाल शहीद शिलापट बनवाने के लिए ब्लॉक के अधिकारियों को भेजी गई मॉडल मैप में स्पष्ट दिशा निर्देश दर्ज हैं।
सोमवार को अमर उजाला समाचार पत्र में शिलापट लगवाने की बाबत मनमानी की खबर प्रकाशित होने के बाद उच्च अधिकारियों ने ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया। इधर, सिविल लाइंस, चौक, चिलबिला, सदर बाजार के आसपास शिल्पकारों की दुकानों से शहीदों के नाम पर बनाया गया काले रंग का शिलापट देखने को नहीं मिला।
कारीगरों ने बताया कि कई गांव के प्रधान व सचिव पत्थर का रंग बदलकर लाल जमावटी पत्थर शहीद स्तंभ पर लगवाने के लिए चुपके से ले गए हैं। सोमवार को डीएम की ओर से प्रेसनोट जारी कर दावा किया गया कि शहीद पट्टिका लगवाने के लिए पत्थर के रंग को अनिवार्य नहीं किया गया है।
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अब शहीद स्तंभ की स्थापना से पहले ब्लॉक के कर्मचारी व प्रधानों को शिलापट निर्माण कराने के लिए मॉडल अथवा दिशा- निर्देश किसने दिया, इस पर कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हैं। बैकफुट पर आए ब्लॉक के अफसर उच्च अधिकारियों की ओर से शिलापट निर्माण को भेजे गए मॉडल को केंद्र सरकार का मॉडल बता रहे हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
प्रतापगढ़। नगर पंचायत के वार्ड व गांव में शहीदों के नाम पर बन रहे स्तंभ पर लगने वाले पत्थर का रंग निर्धारित नहीं है, ऐसा डीएम प्रकाश चंद्र श्रीवास्तव की ओर से दावा किया गया है। फिलहाल शहीद शिलापट बनवाने के लिए ब्लॉक के अधिकारियों को भेजी गई मॉडल मैप में स्पष्ट दिशा निर्देश दर्ज हैं।
सोमवार को अमर उजाला समाचार पत्र में शिलापट लगवाने की बाबत मनमानी की खबर प्रकाशित होने के बाद उच्च अधिकारियों ने ब्लॉक के अधिकारियों व कर्मचारियों को कड़ी फटकार लगाकर डैमेज कंट्रोल का प्रयास किया। इधर, सिविल लाइंस, चौक, चिलबिला, सदर बाजार के आसपास शिल्पकारों की दुकानों से शहीदों के नाम पर बनाया गया काले रंग का शिलापट देखने को नहीं मिला।
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कारीगरों ने बताया कि कई गांव के प्रधान व सचिव पत्थर का रंग बदलकर लाल जमावटी पत्थर शहीद स्तंभ पर लगवाने के लिए चुपके से ले गए हैं। सोमवार को डीएम की ओर से प्रेसनोट जारी कर दावा किया गया कि शहीद पट्टिका लगवाने के लिए पत्थर के रंग को अनिवार्य नहीं किया गया है।
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अब शहीद स्तंभ की स्थापना से पहले ब्लॉक के कर्मचारी व प्रधानों को शिलापट निर्माण कराने के लिए मॉडल अथवा दिशा- निर्देश किसने दिया, इस पर कोई अधिकारी बोलने को तैयार नहीं हैं। बैकफुट पर आए ब्लॉक के अफसर उच्च अधिकारियों की ओर से शिलापट निर्माण को भेजे गए मॉडल को केंद्र सरकार का मॉडल बता रहे हैं।