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ललक : पढ़ने की नहीं होती कोई उम्र, सेवानिवृत्त होने के बाद गुरुजी कर रहे एलएलबी की पढ़ाई
Sat, 15 Jun 2024 06:37 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 15 Jun 2024 06:37 PM IST
सार
बाघराय क्षेत्र के भीट कमासिन गांव निवासी राम प्रकाश पांडेय तीन वर्ष पहले प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्त होने के बाद उनके मन में विधि के विषयों को जानने की उत्सुकता हुई। वह कचहरी पहुंचकर अधिवक्ताओं के साथ बैठना शुरू किए।
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एलएलबी की परीक्षा देने पहुंचे सेवा निवृत्त शिक्षक रामप्रकाश पांडेय के साथ केंद्रव्यस्थापक।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
कहते हैं कि शिक्षा ग्रहण करने की कोई उम्र नहीं होती है। बस मन में विषय वस्तु को जानने की जिज्ञासा और ललक होनी चाहिए। इसका नजीर बेसिक शिक्षा से सेवानिवृत्त हुए गुरूजी बने हैं। सेवानिवृत्त होने के बाद वह एलएलबी की पढ़ाई कर रहे हैं।
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बाघराय क्षेत्र के भीट कमासिन गांव निवासी राम प्रकाश पांडेय तीन वर्ष पहले प्रधानाध्यापक पद से सेवानिवृत्त हुए। सेवानिवृत्त होने के बाद उनके मन में विधि के विषयों को जानने की उत्सुकता हुई। वह कचहरी पहुंचकर अधिवक्ताओं के साथ बैठना शुरू किए। उनसे कानून के नियमों की जानकारी करने लगे। जिज्ञासा इतनी बढ़ी की पिछले वर्ष 2023 में उन्होंने एलएलबी में दाखिला ले लिया।
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डॉ. रामचंद्र शुक्ल मेमोरियल विधि महाविद्यालय रानीगंज में प्रवेश लेने के बाद दिसंबर माह में एलएलबी प्रथम सेमेस्टर की परीक्षा दी। दूसरे सेमेस्टर की परीक्षा वह स्वामी करपात्री जी महाराज राजकीय महाविद्यालय रानीगंज में दे रहे हैं। शनिवार को एलएलबी की परीक्षा देते समय आस पास बैठे परीक्षार्थी उनको बार-बार निहारते रहे। परीक्षा समाप्त होने के बाद परीक्षार्थियों ने उनके उम्र के बारे में पूंछ ही लिया।
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शिक्षा सेवा से रिटायर होने के बाद 65 वर्ष की आयु में एलएलबी की पढ़ाई करने की बात सुन परीक्षार्थी आश्चर्यचकित हो गए। जानकारी होने पर केंद्रव्यवस्थापक प्रो. विजय मिश्रा भी उनसे मिलने पहुंच गए। परीक्षार्थी, शिक्षक और प्राचार्य गरूजी से काफी देर तक बातचीत करते रहे। उनके लगन को देखकर सभी ने इस स्थिति को प्रेरणास्त्रोत बताया।