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खुदाई में मिली मूर्ति एक हजार साल पुरानी
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पट्टी तहसील के कोनी गांव में खुदाई में प्राप्त मूर्ति का अवलोकन करते पुरातत्व विभाग लोग।
- फोटो : PRATAPGARH
शिवगढ़ धाम में मंदिर निर्माण के दौरान खुदाई में मिली प्राचीन मूर्ति एक हजार साल पुरानी सल्तनत काल की है। शनिवार को पुरातत्व विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मूर्ति व अन्य अवशेषों का परीक्षण किया। पुरातत्व विभाग के एआरओ ने बताया कि प्रतिमा मां गौरी की है, जिसमें पूरा शिव परिवार विराजमान है।
सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा कोनी में शिवगढ़ धाम है। बाबा लालदास शिवगढ़ के नाम से विख्यात गांव में भगवान राम का तीन मंजिला मंदिर है। इसी गांव में मां दुर्गा के मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
टीले की खुदाई के दौरान तीन अक्तूबर को प्राचीन देवी प्रतिमा, ईंट, पत्थर आदि मिले। प्रतिमा को साफ किया गया तो वह आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसमें बीच में देवी व किनारे अन्य देवताओं के चित्र थे।
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शनिवार को पुरातत्व विभाग के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरएन पाल, एमडीपीजी कॉलेज प्रतापगढ़ के प्राचीन इतिहास विभाग के प्रवक्ता डॉ. पियूषकांत शर्मा ने शिवगढ़ धाम पहुंचकर मूर्ति का परीक्षण किया।
पुरातत्व विभाग प्रयागराज के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरएन पाल ने बताया कि यह प्रतिमा करीब एक हजार वर्ष पुरानी है। टीम ने मंदिर में स्थित प्राचीन मूर्तियों का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर मंदिर निर्माण समिति के संयोजक रमेश तिवारी, राकेश पांडेय, कपिलदेव तिवारी, अमरजीत चौरसिया, सूबेदार आदि मौजूद थे।
कुतुबमीनार से पहले निर्मित
पुरातत्व विभाग के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरएन पाल ने बताया कि इस मूर्ति का निर्माण कुतुबमीनार से भी पहले किया गया था। मूर्ति को देखने के बाद बताया कि मध्य में मां गौरी की प्रतिमा है। बायीं ओर भगवान गणेश व दाहिनी ओर खंडित रूप से कार्तिकेय हैं। ऊपर शिवलिंग और नीचे नंदी की प्रतिमा है।
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सदर विधानसभा क्षेत्र के ग्राम सभा कोनी में शिवगढ़ धाम है। बाबा लालदास शिवगढ़ के नाम से विख्यात गांव में भगवान राम का तीन मंजिला मंदिर है। इसी गांव में मां दुर्गा के मंदिर का जीर्णोद्धार किया जा रहा है।
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टीले की खुदाई के दौरान तीन अक्तूबर को प्राचीन देवी प्रतिमा, ईंट, पत्थर आदि मिले। प्रतिमा को साफ किया गया तो वह आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गई थी। इसमें बीच में देवी व किनारे अन्य देवताओं के चित्र थे।
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शनिवार को पुरातत्व विभाग के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरएन पाल, एमडीपीजी कॉलेज प्रतापगढ़ के प्राचीन इतिहास विभाग के प्रवक्ता डॉ. पियूषकांत शर्मा ने शिवगढ़ धाम पहुंचकर मूर्ति का परीक्षण किया।
पुरातत्व विभाग प्रयागराज के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरएन पाल ने बताया कि यह प्रतिमा करीब एक हजार वर्ष पुरानी है। टीम ने मंदिर में स्थित प्राचीन मूर्तियों का भी निरीक्षण किया। इस मौके पर मंदिर निर्माण समिति के संयोजक रमेश तिवारी, राकेश पांडेय, कपिलदेव तिवारी, अमरजीत चौरसिया, सूबेदार आदि मौजूद थे।
कुतुबमीनार से पहले निर्मित
पुरातत्व विभाग के सहायक क्षेत्रीय अधिकारी डॉ. आरएन पाल ने बताया कि इस मूर्ति का निर्माण कुतुबमीनार से भी पहले किया गया था। मूर्ति को देखने के बाद बताया कि मध्य में मां गौरी की प्रतिमा है। बायीं ओर भगवान गणेश व दाहिनी ओर खंडित रूप से कार्तिकेय हैं। ऊपर शिवलिंग और नीचे नंदी की प्रतिमा है।