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गर्मी बढ़ते ही चरमराई बिजली व्यवस्था, रोस्टर फेल
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भीषण गर्मी के बीच जिले में बिजली व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है। लोड बढ़ने के बाद विभाग ने अंधाधुंध कटौती शुरू कर दी है। इससे शहर में 24 और ग्रामीण इलाकों में 18 से 20 घंटे बिजली आपूर्ति का रोस्टर फेल हो गया है। बिजली की अघोषित कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शहर में जहां चार-पांच घंटे की कटौती झेलनी पड़ रही है, वहीं कस्बों और गांवों में तो 10 घंटे तक बिजली गुल हो जा रही है। गर्मी में खपत बढ़ने से जर्जर तार और उपकरण के साथ ही कम क्षमता के ट्रांसफार्मर भी दगा दे रहे हैं।
जिले में रानीगंज, लालगंज, कुंडा व सदर सहित चार विद्युत वितरण पारेषण केंद्र के तहत कुल 67 उपकेंद्र हैं। कुल छह लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। यह संख्या घरेलू व कामर्शियल दोनों उपभोक्ताओं की है। पंजीकृत उपभोक्ताओं के लिहाज से उपकेंद्रों की संख्या अभी कम है। इससे उपकेंद्रों पर अतिरिक्त लोड बना रहता है। गर्मी बढ़ने के बाद यह समस्या और गहरा गई है। रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर क्षेत्र में दर्जनभर उपकेंद्र व फीडर ऐसे हैं, जिन पर क्षमता से अधिक लोड है।
अप्रैल महीने में गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था चरमराई गई है। शहर और गांव के उपभोक्ताओं को रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर तारों में आए दिन फॉल्ट हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में फॉल्ट होने या फिर ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। शहर में 24 घंटे का रोस्टर है, मगर लोकल फॉल्ट और फीडर की खामियों के चलते दिनभर बिजली की आवाजाही लगी रहती है।
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रोस्टर के मुुताबिक शहरी उपभोक्ताओं को भी बिजली नहीं मिल पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी रात में उठानी पड़ रही है। शहर के रूपापुर और कादीपुर उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों के लोगों की अघोषित कटौती के चलते नींद हराम हो गई है। रात में दो से तीन घंटे बिजली गुल रहती है। इधर, चिलबिला, दहिलामऊ व बाबागंज उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों में ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है।
इसी तरह रानीगंज क्षेत्र के खाखापुर, पांडेयतारा, गौरा, तवंकलपुर, रानीगंज, विश्वनाथगंज उपकेंद्रों में फीडर की खामी की वजह से आठ से 10 घंटे की कटौती की जा रही है। उपभोक्ताओं को 18 घंटे के सापेक्ष 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। यही हाल पहाड़पुर उपकेेंद्र के लोहंगी, बोझवा, कापा, मनोरथपुर, किठावर बाजार, पश्चिम गांव, गड़वारा व संडवाचंद्रिका उपकेंद्र से जुड़े गांवों का भी है।
लोकल फॉल्ट, फीडर फुंकने व ट्रांसफार्मर जलने की वजह से लोगों को बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। इसे लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है। इस बारे में एक्सईएन रानीगंज आरपी सिंह का कहना है कि जहां कहीं भी लोकल फॉल्ट, फीडर में खामी सहित बिजली की शिकायतें आतीं है वहां फौरन टीम भेजकर मरम्मत कराई जाती है। गर्मी बढ़ने से लोड़ भी बढ़ा है।
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जिले में रानीगंज, लालगंज, कुंडा व सदर सहित चार विद्युत वितरण पारेषण केंद्र के तहत कुल 67 उपकेंद्र हैं। कुल छह लाख से अधिक उपभोक्ता हैं। यह संख्या घरेलू व कामर्शियल दोनों उपभोक्ताओं की है। पंजीकृत उपभोक्ताओं के लिहाज से उपकेंद्रों की संख्या अभी कम है। इससे उपकेंद्रों पर अतिरिक्त लोड बना रहता है। गर्मी बढ़ने के बाद यह समस्या और गहरा गई है। रानीगंज, पट्टी, लालगंज, कुंडा व सदर क्षेत्र में दर्जनभर उपकेंद्र व फीडर ऐसे हैं, जिन पर क्षमता से अधिक लोड है।
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अप्रैल महीने में गर्मी बढ़ते ही बिजली व्यवस्था चरमराई गई है। शहर और गांव के उपभोक्ताओं को रोस्टर के मुताबिक बिजली नहीं मिल पा रही है। कस्बों और ग्रामीण क्षेत्रों में जर्जर तारों में आए दिन फॉल्ट हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में फॉल्ट होने या फिर ट्रांसफार्मर खराब होने की स्थिति में उपभोक्ताओं को बिजली संकट से जूझना पड़ रहा है। शहर में 24 घंटे का रोस्टर है, मगर लोकल फॉल्ट और फीडर की खामियों के चलते दिनभर बिजली की आवाजाही लगी रहती है।
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रोस्टर के मुुताबिक शहरी उपभोक्ताओं को भी बिजली नहीं मिल पा रही है। सबसे ज्यादा परेशानी रात में उठानी पड़ रही है। शहर के रूपापुर और कादीपुर उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों के लोगों की अघोषित कटौती के चलते नींद हराम हो गई है। रात में दो से तीन घंटे बिजली गुल रहती है। इधर, चिलबिला, दहिलामऊ व बाबागंज उपकेंद्र से जुड़े मोहल्लों में ट्रिपिंग की समस्या बनी हुई है।
इसी तरह रानीगंज क्षेत्र के खाखापुर, पांडेयतारा, गौरा, तवंकलपुर, रानीगंज, विश्वनाथगंज उपकेंद्रों में फीडर की खामी की वजह से आठ से 10 घंटे की कटौती की जा रही है। उपभोक्ताओं को 18 घंटे के सापेक्ष 10 घंटे भी बिजली नहीं मिल पा रही है। यही हाल पहाड़पुर उपकेेंद्र के लोहंगी, बोझवा, कापा, मनोरथपुर, किठावर बाजार, पश्चिम गांव, गड़वारा व संडवाचंद्रिका उपकेंद्र से जुड़े गांवों का भी है।
लोकल फॉल्ट, फीडर फुंकने व ट्रांसफार्मर जलने की वजह से लोगों को बिजली कटौती का दंश झेलना पड़ रहा है। इसे लेकर लोगों में गहरा आक्रोश है। इस बारे में एक्सईएन रानीगंज आरपी सिंह का कहना है कि जहां कहीं भी लोकल फॉल्ट, फीडर में खामी सहित बिजली की शिकायतें आतीं है वहां फौरन टीम भेजकर मरम्मत कराई जाती है। गर्मी बढ़ने से लोड़ भी बढ़ा है।