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Pratapgarh News: फर्जी मुकदमा लिखाने वाले की खुली पोल, वादी और गवाह को भेजा जेल
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नगर कोतवाली में तीन माह पहले अगवा कर दुष्कर्म करने व पॉक्सो एक्ट के दर्ज मुकदमे की जांच में पोल खुल गई। घटना असत्य मिलने के बाद विवेचक ने वादी और गवाह को ही जेल भेज दिया। जेल भेजे गए वादी ने पहले भी अंतू में हत्या व नगर कोतवाली में मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमे पुलिस फाइनल रिपोर्ट लगा चुकी है।
सिविल लाइन चौकी पर तैनात दरोगा राजेश राय के अनुसार 12 मार्च 2024 को अंतू थाना क्षेत्र के रामनगर पूरे भइया निवासी अक्षयवरनाथ तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराया कि उसके किन्नर बेटे व परिवार की एक युवती और युवक को दिवाकर तिवारी, विश्वनाथ तिवारी, लल्लन हरिजन, अमित वैश्य, देवेंद्र कुमार शुक्ल व राहुल कुमार ने अगवा कर लिया। एक आरोपी ने उसके नाबालिग किन्नर बेटे के साथ दुष्कर्म किया था। जांच के दौरान पूरी घटना फर्जी मिली। अखिलेश की गवाही भी झूठी निकली। अधिक छानबीन करने पर पता चला कि इसके पहले भी अक्षयवरनाथ ने अंतू थाने में वर्ष 2016 में हत्या और नगर कोतवाली में वर्ष 2023 में मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान घटना असत्य मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। विरोधियों को फंसाने व परेशान की नियत से लगातार फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले अक्षयवर की करतूत विवेचक ने पुलिस अफसरों से बताई। बिंदुवार छानबीन के बाद विवेचक ने वादी मुकदमा अक्षयवर व गवाह अखिलेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के दर्ज मुकदमे में ही आईपीसी की धारा 419, 420, 211, 386,388, 389 व 120 बी के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को दोनों का चालान भेजा। न्यायालय में सुनवाई के बाद दोनों को जेल भेजा गया। नगर कोतवाल अर्जुन सिंह ने बताया कि फर्जी मुकदमा दर्ज कराने व गवाही देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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सिविल लाइन चौकी पर तैनात दरोगा राजेश राय के अनुसार 12 मार्च 2024 को अंतू थाना क्षेत्र के रामनगर पूरे भइया निवासी अक्षयवरनाथ तिवारी ने मुकदमा दर्ज कराया कि उसके किन्नर बेटे व परिवार की एक युवती और युवक को दिवाकर तिवारी, विश्वनाथ तिवारी, लल्लन हरिजन, अमित वैश्य, देवेंद्र कुमार शुक्ल व राहुल कुमार ने अगवा कर लिया। एक आरोपी ने उसके नाबालिग किन्नर बेटे के साथ दुष्कर्म किया था। जांच के दौरान पूरी घटना फर्जी मिली। अखिलेश की गवाही भी झूठी निकली। अधिक छानबीन करने पर पता चला कि इसके पहले भी अक्षयवरनाथ ने अंतू थाने में वर्ष 2016 में हत्या और नगर कोतवाली में वर्ष 2023 में मारपीट व बलवा का मुकदमा दर्ज कराया था। जांच के दौरान घटना असत्य मिलने पर पुलिस ने मुकदमे में फाइनल रिपोर्ट लगा दी थी। विरोधियों को फंसाने व परेशान की नियत से लगातार फर्जी मुकदमा दर्ज कराने वाले अक्षयवर की करतूत विवेचक ने पुलिस अफसरों से बताई। बिंदुवार छानबीन के बाद विवेचक ने वादी मुकदमा अक्षयवर व गवाह अखिलेश के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के दर्ज मुकदमे में ही आईपीसी की धारा 419, 420, 211, 386,388, 389 व 120 बी के तहत कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। मंगलवार को दोनों का चालान भेजा। न्यायालय में सुनवाई के बाद दोनों को जेल भेजा गया। नगर कोतवाल अर्जुन सिंह ने बताया कि फर्जी मुकदमा दर्ज कराने व गवाही देने वालों के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
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