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Pratapgarh News: मेडिकल कॉलेज में रैन बसेरा बेमानी, गद्दा खराब और बेड टूटीं, ठिठुर रहे मरीज
Thu, 20 Nov 2025 11:17 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Thu, 20 Nov 2025 11:17 PM IST
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नीतू, कोहड़ा
मेडिकल कॉलेज के महिला विंग में बने रैन बसेरे की हालत खराब है। यहां बेड का गद्दा खराब और बेड भी टूटीं हैं। सर्दी बढ़ी तो यहां राहत मिलना मुश्किल हो सकता है। पुरुष विंग में तीमारदारों के लिए कोई सुविधा नहीं है। ऐसे में मरीजों के तीमारदारों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
बुधवार की रात 11 बजे संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने दोनों अस्पतालों में मरीजों के तीमारदारों को सर्दी से बचाने के इंतजाम की पड़ताल की। सर्दी में महिला अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बना था, जिसमें कुल छह बेड रखे गए हैं। यहां जर्जर हालत में बेड का गद्दा खराब और बेड टूटी नजर आई।
मरीजों के सहयोग में आने वाले तीमारदार बेड के पास ही बैठे मिले। तीमारदार सीमा देवी ने बताया कि रैन बसेरा नाम का है। यहां किसी प्रकार का इंतजाम नहीं है। माधुरी ने बताया कि सर्दी पड़ रही है। इसके बाद भी कोई सुविधा नहीं है। रैन बसेरे में पहुंचने के बाद तीमारदार एवं निराश्रित निराश होकर लौट रहे हैं।
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वहीं पुरुष अस्पताल में किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज के तीमारदार सुरेश ने बताया कि दिन तो जैसे-तैसे कट जाता। मगर रात कटने में दिक्कत होती है। परिसर में कई तीमारदार ठिठुरते नजर आए।
घर से लाना पड़ा कंबल, तब कट रही रात
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय महिला में बच्चे को लेकर भर्ती कोहड़ा की नीतू का कहना है कि सर्दी से बचने के लिए मरीजों को अस्पताल से उपलब्ध कराया गया कंबल राहत देने में नाकाफी है। घर से दूसरा कंबल मंगाकर ओढ़ना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती अधिकतर मरीज घर से लाए हुए कंबल के सहारे समय गुजार रहे हैं। वहीं, सियाराम कॉलोनी के सोनू सिंह ने बताया कि अस्पताल से मिला कंबल पतला होने के कारण सर्दी नहीं रोक पा रहा है।
महिला अस्पताल में रैन बसेरा है। रजाई और गद्दा दो दिनों के अंदर रखवा दिया जाएगा। पुरुष अस्पताल के प्रत्येक वार्ड के पास तीमारदारों के लिए प्रतीक्षालय बना है। जो कमियां हैं उसे दूर करा दिया जाएगा। सर्दी से बचाव के लिए अलग से रैन बसेरा भी तैयार कराया जाएगा।- डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस।
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बुधवार की रात 11 बजे संवाद न्यूज एजेंसी की टीम ने दोनों अस्पतालों में मरीजों के तीमारदारों को सर्दी से बचाने के इंतजाम की पड़ताल की। सर्दी में महिला अस्पताल में मरीजों व तीमारदारों के लिए रैन बसेरा बना था, जिसमें कुल छह बेड रखे गए हैं। यहां जर्जर हालत में बेड का गद्दा खराब और बेड टूटी नजर आई।
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मरीजों के सहयोग में आने वाले तीमारदार बेड के पास ही बैठे मिले। तीमारदार सीमा देवी ने बताया कि रैन बसेरा नाम का है। यहां किसी प्रकार का इंतजाम नहीं है। माधुरी ने बताया कि सर्दी पड़ रही है। इसके बाद भी कोई सुविधा नहीं है। रैन बसेरे में पहुंचने के बाद तीमारदार एवं निराश्रित निराश होकर लौट रहे हैं।
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वहीं पुरुष अस्पताल में किसी प्रकार की व्यवस्था नहीं है। सर्जिकल वार्ड में भर्ती मरीज के तीमारदार सुरेश ने बताया कि दिन तो जैसे-तैसे कट जाता। मगर रात कटने में दिक्कत होती है। परिसर में कई तीमारदार ठिठुरते नजर आए।
घर से लाना पड़ा कंबल, तब कट रही रात
राजा प्रताप बहादुर चिकित्सालय महिला में बच्चे को लेकर भर्ती कोहड़ा की नीतू का कहना है कि सर्दी से बचने के लिए मरीजों को अस्पताल से उपलब्ध कराया गया कंबल राहत देने में नाकाफी है। घर से दूसरा कंबल मंगाकर ओढ़ना पड़ रहा है। अस्पताल में भर्ती अधिकतर मरीज घर से लाए हुए कंबल के सहारे समय गुजार रहे हैं। वहीं, सियाराम कॉलोनी के सोनू सिंह ने बताया कि अस्पताल से मिला कंबल पतला होने के कारण सर्दी नहीं रोक पा रहा है।
महिला अस्पताल में रैन बसेरा है। रजाई और गद्दा दो दिनों के अंदर रखवा दिया जाएगा। पुरुष अस्पताल के प्रत्येक वार्ड के पास तीमारदारों के लिए प्रतीक्षालय बना है। जो कमियां हैं उसे दूर करा दिया जाएगा। सर्दी से बचाव के लिए अलग से रैन बसेरा भी तैयार कराया जाएगा।- डॉ. शैलेंद्र कुशवाहा, सीएमएस।

नीतू, कोहड़ा

नीतू, कोहड़ा

नीतू, कोहड़ा