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बच्चों के घर भेजा जाएगा मिड डे मील का राशन
Sat, 30 May 2020 11:50 PM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Sat, 30 May 2020 11:50 PM IST
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लॉकडाउन में स्कूल बंद होने के कारण अब परिषदीय विद्यालयों के बच्चों को घर पर ही मिड डे मील का राशन और कनवर्जन कास्ट भेजी जाएगी। बच्चों के हिस्से का राशन कोटेदार के माध्यम से घर पहुंचेगा तो कनवर्जन कास्ट की रकम ऑनलाइन खाते में भेजी जाएगी। हालांकि यह आसान नहीं होगा। जिले के सभी स्कूल बंद हैं। ऐसे में बच्चों का खाता नंबर जुटाना और ऑनलाइन खाते में रुपये भेजना टेढ़ी खीर साबित होगा। फिलहाल शासन का आदेश आने के बाद अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।
जिले के कक्षा एक से आठ तक के 2712 स्कूलों के 2,35,756 बच्चों को दोपहर का भोजन परोसा जा रहा था। इन स्कूलों में इंटर कालेजों में छह से आठ तक में पढ़ने वाले बच्चे भी शामिल हैं। 24 मार्च से स्कूलों के बंद होने से बच्चों को एमडीएम नहीं मिल पा रहा है। अब शासन ने बच्चों के हिस्से का राशन और रुपये उनके घर पहुंचाने का फैसला किया है। कक्षा एक से पांच तक में पढ़ने वाले बच्चों को पहली किस्त के रूप में 374.29 रुपये और 07.60 किग्रा राशन और छह से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को 561.0 रुपये और 11.40 किग्रा राशन देने का फैसला लिया गया है।
जन-धन में खुला है अधिकांश बच्चों के माता-पिता का खाता
प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चों के अभिभावकों का खाता प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुला हुआ है। काफी समय उन लोगों ने लेन-देन नहीं किया है। ऐेसे में खाते में रुपये भेजने पर भी लाभार्थियों के खाते में पहुंचना मुश्किल है। अधिकांश खाते माइनस बैंलेस पर हैं, इसलिए कनवर्जन कास्ट की रकम पहुंचते ही बैंक अपनी कटौती कर लेंगे।
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जिले के कक्षा एक से आठ तक के 2712 स्कूलों के 2,35,756 बच्चों को दोपहर का भोजन परोसा जा रहा था। इन स्कूलों में इंटर कालेजों में छह से आठ तक में पढ़ने वाले बच्चे भी शामिल हैं। 24 मार्च से स्कूलों के बंद होने से बच्चों को एमडीएम नहीं मिल पा रहा है। अब शासन ने बच्चों के हिस्से का राशन और रुपये उनके घर पहुंचाने का फैसला किया है। कक्षा एक से पांच तक में पढ़ने वाले बच्चों को पहली किस्त के रूप में 374.29 रुपये और 07.60 किग्रा राशन और छह से आठ तक पढ़ने वाले बच्चों को 561.0 रुपये और 11.40 किग्रा राशन देने का फैसला लिया गया है।
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जन-धन में खुला है अधिकांश बच्चों के माता-पिता का खाता
प्राइमरी स्कूलों में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चों के अभिभावकों का खाता प्रधानमंत्री जन-धन योजना के तहत खुला हुआ है। काफी समय उन लोगों ने लेन-देन नहीं किया है। ऐेसे में खाते में रुपये भेजने पर भी लाभार्थियों के खाते में पहुंचना मुश्किल है। अधिकांश खाते माइनस बैंलेस पर हैं, इसलिए कनवर्जन कास्ट की रकम पहुंचते ही बैंक अपनी कटौती कर लेंगे।
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