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Pratapgarh News: हादसे में हुई मौत के 33 घंटे बाद माने परिजन, शवों का अंतिम संस्कार
Tue, 26 Sep 2023 01:31 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Tue, 26 Sep 2023 01:31 AM IST
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कंधई थाने के कोनी बाजार में एसडीएम को ज्ञापन देते मृत युवकों के परिजन। संवाद
मदाफरपुर पेट्रोल पंप के करीब शनिवार की देर रात हादसे में हुई बाइक सवार युवकों की मौत का मामला सोमवार को 33 घंटे बाद सुलझा। भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने कोनी गांव पहुंचकर मोर्चा खोल दिया। वहीं परिजन कार्रवाई की जिद पर अड़े थे।
मौके की नजाकत समझते हुए पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर प्रधान की जेसीबी को कब्जे और दुर्घटना के आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया। तब परिजन शवों के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
कंधई के कोनी बाजार निवासी बृजेश (25) व गुलाब (21) की शनिवार देर रात करीब दो बजे जेसीबी की टक्कर से मौत हो गई थी। रविवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद घटना से आक्रोशित परिजनों संग ग्रामीणों ने दोनों शव कोनी बाजार में सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था।
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कार्रवाई के आश्वासन पर रात करीब दस बजे छह घंटे बाद जाम समाप्त हुआ था। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस अज्ञात जेसीबी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
सोमवार की सुबह भीम आर्मी के कार्यकर्ता कोनी गांव पहुंचे। मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद घटना की दूसरी तहरीर पुलिस को दी। आरोप लगाया कि जेसीबी मदाफरपुर के हिस्ट्रीशीटर प्रधान विपिन जायसवाल उर्फ सोनू की है।
पुलिस दर्ज मुकदमे में तहरीर को शामिल करने की बात कही। फिर हिस्ट्रीशीटर प्रधान की जेसीबी को कब्जे में लेकर थाने ले आई। आरोपी चालक को भी हिरासत में ले लिया। इसके बाद भी युवकों के परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं हुए।
25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद, आवास, सुरक्षा की भी मांग
युवकों के परिजनों का साथ देते हुए भीम आर्मी के नेता कोनी गांव में धरना देते हुए नारेबाजी करने लगे। बवाल की आशंका पर एसडीएम पट्टी देश दीपक , सीओ पट्टी दिलीप सिंह पहुंचे। कई बार हुई बातचीत के बाद परिजनों ने पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।
जिसमे मृतक के परिजनों को 25-25 लाख रुपये देने,दोषियों की गिरफ्तारी, जीविकापोर्जन के लिए 5-5 बीघा जमीन का पट्टा, जीवन यापन के लिए आवास, परिजनों की सुरक्षा व शस्त्र लाइसेंस की मांग शामिल थी।
कोनी गांव में दो दिन से चल रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर एसडीएम पट्टी सोमवार सुबह कोनी गांव पहुंचे। मौके पर बवाल की आशंका को भांपते हुए कई थानों की फोर्स तैनात की गई थी। एसडीएम के साथ सीओ और एसओ ने अलग-अलग अपनी तरह से लोगों को समझाया।
अफसरों ने हर संभव मदद का भरोसा दिया। जिसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। दिन में करीब एक बजे लेकर परिजनों के साथ ग्रामीण युवकों के शव अंतिम संस्कार के लले श्रृंग्वेरपुर घाट के लिए रवाना हुए। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
एक साथ उठीं दो अर्थियां, बिलक पड़े परिजन
हादसे में जान गंवाने वाले बृजेश व गुलाब की सोमवार को एक साथ घर से अर्थी उठी। इस मौके पर दोनों के परिजन बिलख पड़े। महिलाएं अर्थियों के पीछे भागने लगीं। लोगों ने उन्हें रोका और संभाला। दो दिन का गुस्सा गम में बदल गया था। यह देख वहां जुटे ग्रामीण भी भावुक हो गए। परिजनों के विलाप से लोग द्रवित थे।
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मौके की नजाकत समझते हुए पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर प्रधान की जेसीबी को कब्जे और दुर्घटना के आरोपी चालक को हिरासत में ले लिया। तब परिजन शवों के अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए।
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कंधई के कोनी बाजार निवासी बृजेश (25) व गुलाब (21) की शनिवार देर रात करीब दो बजे जेसीबी की टक्कर से मौत हो गई थी। रविवार की शाम पोस्टमार्टम के बाद घटना से आक्रोशित परिजनों संग ग्रामीणों ने दोनों शव कोनी बाजार में सड़क पर रखकर जाम लगा दिया था।
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कार्रवाई के आश्वासन पर रात करीब दस बजे छह घंटे बाद जाम समाप्त हुआ था। मृतक के परिजनों की तहरीर पर पुलिस अज्ञात जेसीबी चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था।
सोमवार की सुबह भीम आर्मी के कार्यकर्ता कोनी गांव पहुंचे। मृतकों के परिजनों से मिलने के बाद घटना की दूसरी तहरीर पुलिस को दी। आरोप लगाया कि जेसीबी मदाफरपुर के हिस्ट्रीशीटर प्रधान विपिन जायसवाल उर्फ सोनू की है।
पुलिस दर्ज मुकदमे में तहरीर को शामिल करने की बात कही। फिर हिस्ट्रीशीटर प्रधान की जेसीबी को कब्जे में लेकर थाने ले आई। आरोपी चालक को भी हिरासत में ले लिया। इसके बाद भी युवकों के परिजन अंतिम संस्कार के लिए राजी नहीं हुए।
25-25 लाख रुपये की आर्थिक मदद, आवास, सुरक्षा की भी मांग
युवकों के परिजनों का साथ देते हुए भीम आर्मी के नेता कोनी गांव में धरना देते हुए नारेबाजी करने लगे। बवाल की आशंका पर एसडीएम पट्टी देश दीपक , सीओ पट्टी दिलीप सिंह पहुंचे। कई बार हुई बातचीत के बाद परिजनों ने पांच सूत्रीय मांग पत्र एसडीएम को सौंपा।
जिसमे मृतक के परिजनों को 25-25 लाख रुपये देने,दोषियों की गिरफ्तारी, जीविकापोर्जन के लिए 5-5 बीघा जमीन का पट्टा, जीवन यापन के लिए आवास, परिजनों की सुरक्षा व शस्त्र लाइसेंस की मांग शामिल थी।
कोनी गांव में दो दिन से चल रहे विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर एसडीएम पट्टी सोमवार सुबह कोनी गांव पहुंचे। मौके पर बवाल की आशंका को भांपते हुए कई थानों की फोर्स तैनात की गई थी। एसडीएम के साथ सीओ और एसओ ने अलग-अलग अपनी तरह से लोगों को समझाया।
अफसरों ने हर संभव मदद का भरोसा दिया। जिसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए राजी हुए। दिन में करीब एक बजे लेकर परिजनों के साथ ग्रामीण युवकों के शव अंतिम संस्कार के लले श्रृंग्वेरपुर घाट के लिए रवाना हुए। तब जाकर पुलिस ने राहत की सांस ली।
एक साथ उठीं दो अर्थियां, बिलक पड़े परिजन
हादसे में जान गंवाने वाले बृजेश व गुलाब की सोमवार को एक साथ घर से अर्थी उठी। इस मौके पर दोनों के परिजन बिलख पड़े। महिलाएं अर्थियों के पीछे भागने लगीं। लोगों ने उन्हें रोका और संभाला। दो दिन का गुस्सा गम में बदल गया था। यह देख वहां जुटे ग्रामीण भी भावुक हो गए। परिजनों के विलाप से लोग द्रवित थे।