{"_id":"68d2e34339b6ed2cd4039300","slug":"the-family-agreed-after-24-hours-when-the-son-arrived-pratapgarh-news-c-262-1-sald1008-148454-2025-09-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Pratapgarh News: बेटे के आने पर 24 घंटे बाद माने परिजन","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Pratapgarh News: बेटे के आने पर 24 घंटे बाद माने परिजन
विज्ञापन
प्रयागराज-अयोध्या राजमार्ग पर गोपालापुर के करीब सड़क हादसे में मृत स्कूटी सवार के बेटे के पहुंचने पर परिजन पंचायतनामा भरने के लिए तैयार हुए। 24 घंटे तक पुलिस मृतक की बेटी की जिद के आगे बेबस दिखी। रातभर पुलिस और परिजन अस्पताल में ही डटे रहे।
कोतवाली देहात के नगर पंचायत कटरामेंदनीगंज के अवनपुर निवासी 55 वर्षीय सुरेश कुमार सरोज की सोमवार सुबह ट्रेलर की चपेट में आने से जान चली गई। वह बेटी मधु को रेलवे स्टेशन छोड़कर स्कूटी से घर जा रहे थे। पिता की मौत की खबर पर मधु रास्ते से ही लौट आई।
प्रयागराज में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करने वाली बड़ी बेटी कंचन भी पहुंच गई। वह पुलिस चौकी से लेकर इमरजेंसी में रात भर हंगामा करती रही। उसकी एक ही जिद थी कि उसके पिता को प्रयागराज भेजा जाए। जहां वह उनकी जांच कराएगी। यहां के डॉक्टरों पर कोई भरोसा नहीं है। 24 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
विज्ञापन
लखनऊ में स्वास्थ्य की पढ़ाई करने वाला बेटा सचिन बुधवार भोर में अस्पताल पहुंचा। फिर एक बार अस्पताल में करुण क्रंदन का माहौल उत्पन्न हो गया। सचिन के प्रयास से पुलिस शव का पंचायतनामा भरने के बाद आगे की कार्रवाई कर सकी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। नगर कोतवाल नीरज यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
कोतवाली देहात के नगर पंचायत कटरामेंदनीगंज के अवनपुर निवासी 55 वर्षीय सुरेश कुमार सरोज की सोमवार सुबह ट्रेलर की चपेट में आने से जान चली गई। वह बेटी मधु को रेलवे स्टेशन छोड़कर स्कूटी से घर जा रहे थे। पिता की मौत की खबर पर मधु रास्ते से ही लौट आई।
विज्ञापन
प्रयागराज में स्वास्थ्य विभाग में नौकरी करने वाली बड़ी बेटी कंचन भी पहुंच गई। वह पुलिस चौकी से लेकर इमरजेंसी में रात भर हंगामा करती रही। उसकी एक ही जिद थी कि उसके पिता को प्रयागराज भेजा जाए। जहां वह उनकी जांच कराएगी। यहां के डॉक्टरों पर कोई भरोसा नहीं है। 24 घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चलता रहा।
विज्ञापन
लखनऊ में स्वास्थ्य की पढ़ाई करने वाला बेटा सचिन बुधवार भोर में अस्पताल पहुंचा। फिर एक बार अस्पताल में करुण क्रंदन का माहौल उत्पन्न हो गया। सचिन के प्रयास से पुलिस शव का पंचायतनामा भरने के बाद आगे की कार्रवाई कर सकी। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव लेकर घर चले गए। नगर कोतवाल नीरज यादव ने बताया कि तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी।