Pratapgarh : बहू ने ही चोरी की घटना की दिया था अंजाम, डकैती की झूठी रिपोर्ट कराई थी दर्ज
पट्टी थाना क्षेत्र के बहुता गांव में हुई डकैती की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की छानबीन में घटना संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने शिकायतकर्ता की बहू को कथित लूट के गहनों के साथ गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया।
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पट्टी थाना क्षेत्र के बहुता गांव में हुई डकैती की घटना का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस की छानबीन में घटना संदिग्ध पाई गई। पुलिस ने शिकायतकर्ता की बहू को कथित लूट के गहनों के साथ गिरफ्तार कर घटना का पर्दाफाश कर दिया। कड़ाई से पूछताछ में बहू ने चोरी की घटना को स्वीकार कर लिया। आरोपी महिला को जेल भेज दिया गया है।
बहुता गांव की निवासिनी राजकली देवी ने थाने में तहरीर दी थी कि 29 सितंबर को दोपहर लगभग करीब डेढ़ बजे उसकी छोटी बहू जया शर्मा पत्नी रंजीत शर्मा को उनके पुराने घर पर दो अज्ञात व्यक्तियों ने बंधक बनाकर घर में रखे उनके बड़े बेटे के सोने के आभूषण लूट लिए। बंधक बनाए जाने के समय जया शर्मा अपने नाक और कान में सोने के आभूषण पहने हुए थीं, जिन्हें आरोपियों ने नहीं छीना। प्रारंभिक सूचना में घटना में तीन व्यक्तियों की संलिप्तता बताई गई थी, लेकिन बाद में यह स्पष्ट हुआ कि यह कार्य केवल दो व्यक्तियों द्वारा किया गया है।
इस संबंध में थाना पट्टी में दो आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर छानबीन शुरू की गई। प्रकरण में की गई विवेचना के दौरान घटना स्थल का निरीक्षण और गवाहों के बयान से स्पष्ट हुआ कि लूट की कोई घटना नहीं हुई। प्रारंभिक आरोपों के विपरीत केवल बक्से का ताला तोड़कर चोरी की घटना हुई है। इस आधार पर संबंधित अभियोग में धारा 309 (4) बीएनएस के स्थान पर धारा 331 (3) बीएनएस में संशोधन किया गया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने शनिवार को जया शर्मा पत्नी रंजीत शर्मा निवासी बहुता थाना पट्टी प्रतापगढ पुलिस ने पट्टी इलाके के भरोखन नहर पुलिया के पास से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से एक मंगलसूत्र बड़ा, एक मंगलसूत्र छोटा, एक झुमका, एक अंगूठी, एक जोड़ी पायल, एक छागल, एक बिछिया बरामद किया गया।
आरोपी महिला ने कुबूल किया जुर्म
गिरफ्तार महिला ने बताया कि 29 सितंबर को पति और सास के घर से बाहर जाने के बाद जेठ के कमरे मे रखे बक्सों का कब्जा तोड़कर गहना चोरी कर लिया और लूट की झूठी अफवाह फैला दी। शोर सुन के गाव के तमाम लोग पुलिस के अधिकारी व कर्मचारीगण मौके पर आ गए । मेरी बातों से आश्वस्त होकर मेरी सास राजकली की तहरीर पर लूट का मुकदमा थाना पट्टी पर लिखा गया। अगले ही दिन मेरे जेठ और जेठानी गाजियाबाद से आ गए और तब से ही मेरे ऊपर शक कर रहे थे । मुझे लगा मेरे जेठ जेठानी को छुपाया हुआ गहना कहीं पर मिल ना जाए इसलिए चोरी के गहनो को छुपाने जा रही थी कि पुलिस ने पकड़ लिया।