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अव्यवस्थाओं के बीच होगा यूपी बोर्ड का कुंभ, कई परीक्षा केंद्र खस्ताहाल
Wed, 06 Feb 2019 12:35 AM IST
विनोद सिंह
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रतापगढ़
Published by: विनोद सिंह
Updated Wed, 06 Feb 2019 12:35 AM IST
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up board
यूपी बोर्ड परीक्षा गुरुवार से शुरू हो रही है। प्रशासन का दावा है कि सभी केंद्रों पर नकल रोकने के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। लेकिन हकीकत इससे इतर है। जिले के कई परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे हैं। कई जगहों पर केंद्रों की बाउंड्रीवाल टूटी है तो कहीं खिड़कियां गायब हैं।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर विभाग ने नए शिक्षासत्र से ही तैयारी शुरू कर दी थी। सभी कालेजों से ऑनलाइन सूचना प्रपत्र भरवाए गए। जिसमें कालेज की सुविधाओं से संबंधित सभी जानकारियां मांगी गईं। सूचना प्रपत्र में परीक्षा केंद्र का क्या मानक है, यह भी दिया गया था। विद्यालय परीक्षा केंद्र बने, इस चक्कर में प्रधानाचार्यों ने सूचना प्रपत्र में जमकर मनमानी की।
मानक पर खरे न उतरने के बाद भी सभी कालम को ओके कर दिया गया। सत्यापन में भी ओके कर दिया गया। मजे की बात है कि बोर्ड से परीक्षा केंद्र की जारी अंतिम सूची में भी बदहाल विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। बोर्ड परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो रही है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने परीक्ष केंद्रों की पड़ताल की तो केंद्रों की चाक-चौबंद व्यवस्था के दावे की पोल खुल गई। रानीगंज क्षेत्र में अधिकांश परीक्षा केेंद्रों पर अव्यवस्था दिखी। परीक्षा केंद्र बनाए गए मां अभिराजी देवी जगदीश पाल मेमोरियल हाईस्कूल शाहपुर जगदीशपुर में परीक्षा कक्षों में दरवाजे नहीं है। खिडक़ी नहीं है। इतना ही नहीं बाउंड्रीवॉल भी टूट चुकी है।
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सीसीटीवी कैमरे भी मानक के अनुरूप सेट नहीं किए गए हैं। एसएस पटेल इंटर कालेज संसरियापुर में भी यही हाल है। न तो कक्ष में दरवाजे हैं और न ही खिड़कियां। गंगा शिक्षण संस्थान नरी मेें कैमरे तो लगे हैं, मगर बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त है। खिड़कियां दुरुस्त नहीं हैं। इसी तरह कृष्ण गोपाल इंटर कालेज बोर्रा सुल्तानपुर में खिडक़ी नहीं है। परीक्षा कक्ष में मानक के अनुरूप सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। परीक्षा कक्ष में दो के बजाए एक ही कै मरे लगे हैं।
आमीन इंटर कालेज सुवंसा, गौरा इंटर कालेज में भी कमोवेश यही स्थिति है। इसी तरह लालगंज के गजाधर इंटर कालेज लक्ष्मणपुर, इंटर कालेज तेजगढ़ में भी मानक के अनुरूप नहीं हैं। जबकि परीक्षा में महज दो दिन शेष हैं। इस संबंध में डीआईओएस ने बताया कि खिडक़ी-दरवाजे से विशेष फर्क नहीं पड़ता, रही बात सीसीटीवी कैमरे की तो बुधवार को सभी परीक्षा केंद्रों की पड़ताल कराकर कैमरे लगवा दिए जाएंगे।
बीमारी के बहाने कक्ष निरीक्षक नहीं ले पाएंगे अवकाश
यूपी बोर्ड परीक्षा में बीमारी का बहाना लेकर कक्ष निरीक्षक ड्यूटी से कन्नी नहीं काट सकेंगे। बीमारी का बहाना लेने वाले कक्ष निरीक्षकों के स्वास्थ्य का परीक्षण खुद सीएमओ करेंगे। सीएमओ की जांच और हेल्थ सर्टिफिकेट देने पर ही कक्ष निरीक्षकों का अवकाश स्वीकृत होगा। डीआईओएस ने इस संबंध में सीएमओ को पत्र भेजा है। यूपी बोर्ड परीक्षा को संपादित कराने के लिए जिले में 210 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में इस बार कुल 1 लाख 35 हजार परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा को संपादित कराने में इस बार कुल 9 हजार कक्ष निरीक्षकों की तैनाती होगी। इसमें आंतरिक व बाह्य दोनों कक्ष निरीक्षक शामिल हैं। आम तौर पर देखा जाता है कि परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक ड्यूटी से कन्नी काटते हैं। परीक्षा के ऐन मौके पर ही वह बीमारी का बहाना लेकर अवकाश ले लेते हैं। इससे परीक्षा के मौके पर केंद्रों पर काफी अव्यवस्था हो जाती है। पिछले सत्र में परीक्षा के दौरान यह समस्या बनी रही। चपरासी से लेकर प्रबंधक तक को ड्यूटी करनी पड़ी थी। कहीं-कहीं तो एक कक्ष निरीक्षक को तीन कक्ष का भार झेलना पड़ा था। इससे काफी दिक्कत हुई थी। मगर इसे लेकर विभाग की ओर से पहले ही तैयारी कर ली गई है। विभाग किसी तरह की चूक नहीं करना चाहता है।
बीमारी का बहाना लेने वाले कक्ष निरीक्षकों पर नजर रहेगी। बहानेबाज कक्ष निरीक्षकों के लिए पहले से ही तैयारी कर ली गई है। बीमारी का बहाना करने वाले कक्ष निरीक्षकों को अवकाश लेना अब आसान नहीं होगा। परीक्षा के दौरान यदि बीमारी का बहना करेंगे तो वह पकड़ में आ जाएंगे। उनकी बाकायदा जांच होगी। यह जांच खुद सीएमओ करेंगे। जांच के बाद यदि रिपोर्ट झूठी रही तो कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीआईओएस एसपी यादव ने इस संबंध में सीएमओ को पत्र भेजा है।
दो सुपर जोनल व पंाच जोनल मजिस्ट्रेट की रहेगी तैनाती
परीक्षा केंद्रों की तगड़ी किलेबंदी की जाएगी। जिले में पांच जोनल व दो सुपर जोनल, 210 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 32 सेक्टर मजिस्टे्रट की तैनाती होगी। इसके अलावा छह सचल दल भ्रमण करेंगे। परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा पर एक नजर
कुल परीक्षार्थी- 134534
हाईस्कूल संस्थागत बालक ---- 37881
हाईस्कूल संस्थागत बालिका----33227
हाईस्कूल व्यक्तिगत बालक-----375
हाईस्कूल बालिका--- 99
इंटरमीडिएट संस्थागत बालक---32177
इंटरमीडिएट संस्थागत बालिका--28878
इंटरमीडिएट व्यक्तिगत बालक---1404
इंटरमीडिएट व्यक्तिगत बालिका----493
परीक्षा का समय
पहली पाली सुबह 8 .00 से 11.15 तक
दूसरी पाली दोपहर 2.00 से 5.15 तक
कुंडा में बढ़ गए परीक्षा केंद्र
सीसीटीवी और वाइस रिकार्डर की अनिवार्यता के चलते जिले में परीक्षा केंद्रों की संख्या काफी कम हो गई है। अधिकतर विद्यालयों को सीसीटीवी और वाइस रिकार्डर न होने के चलतो परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया। लेकिन कुंडा क्षेत्र में परीक्षा केंद्रों की संख्या 55 से बढक़र 58 हो गई है।
इस बार फिर बदला हाईस्कूल परीक्षा का समय
बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार फिर से टाइम बदल दिया गया है। 2017-18 में हाईस्कूल का परीक्षा टाइम 7.30 से 10.45 था। इस बार शासन ने परीक्षा टाइम में बदलाव करते हुए इसे 8 बजे से 11.15 बजे कर दिया है।
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बोर्ड परीक्षा की तैयारी को लेकर विभाग ने नए शिक्षासत्र से ही तैयारी शुरू कर दी थी। सभी कालेजों से ऑनलाइन सूचना प्रपत्र भरवाए गए। जिसमें कालेज की सुविधाओं से संबंधित सभी जानकारियां मांगी गईं। सूचना प्रपत्र में परीक्षा केंद्र का क्या मानक है, यह भी दिया गया था। विद्यालय परीक्षा केंद्र बने, इस चक्कर में प्रधानाचार्यों ने सूचना प्रपत्र में जमकर मनमानी की।
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मानक पर खरे न उतरने के बाद भी सभी कालम को ओके कर दिया गया। सत्यापन में भी ओके कर दिया गया। मजे की बात है कि बोर्ड से परीक्षा केंद्र की जारी अंतिम सूची में भी बदहाल विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बना दिया गया। बोर्ड परीक्षा सात फरवरी से शुरू हो रही है। मंगलवार को अमर उजाला की टीम ने परीक्ष केंद्रों की पड़ताल की तो केंद्रों की चाक-चौबंद व्यवस्था के दावे की पोल खुल गई। रानीगंज क्षेत्र में अधिकांश परीक्षा केेंद्रों पर अव्यवस्था दिखी। परीक्षा केंद्र बनाए गए मां अभिराजी देवी जगदीश पाल मेमोरियल हाईस्कूल शाहपुर जगदीशपुर में परीक्षा कक्षों में दरवाजे नहीं है। खिडक़ी नहीं है। इतना ही नहीं बाउंड्रीवॉल भी टूट चुकी है।
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सीसीटीवी कैमरे भी मानक के अनुरूप सेट नहीं किए गए हैं। एसएस पटेल इंटर कालेज संसरियापुर में भी यही हाल है। न तो कक्ष में दरवाजे हैं और न ही खिड़कियां। गंगा शिक्षण संस्थान नरी मेें कैमरे तो लगे हैं, मगर बाउंड्रीवाल क्षतिग्रस्त है। खिड़कियां दुरुस्त नहीं हैं। इसी तरह कृष्ण गोपाल इंटर कालेज बोर्रा सुल्तानपुर में खिडक़ी नहीं है। परीक्षा कक्ष में मानक के अनुरूप सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं। परीक्षा कक्ष में दो के बजाए एक ही कै मरे लगे हैं।
आमीन इंटर कालेज सुवंसा, गौरा इंटर कालेज में भी कमोवेश यही स्थिति है। इसी तरह लालगंज के गजाधर इंटर कालेज लक्ष्मणपुर, इंटर कालेज तेजगढ़ में भी मानक के अनुरूप नहीं हैं। जबकि परीक्षा में महज दो दिन शेष हैं। इस संबंध में डीआईओएस ने बताया कि खिडक़ी-दरवाजे से विशेष फर्क नहीं पड़ता, रही बात सीसीटीवी कैमरे की तो बुधवार को सभी परीक्षा केंद्रों की पड़ताल कराकर कैमरे लगवा दिए जाएंगे।
बीमारी के बहाने कक्ष निरीक्षक नहीं ले पाएंगे अवकाश
यूपी बोर्ड परीक्षा में बीमारी का बहाना लेकर कक्ष निरीक्षक ड्यूटी से कन्नी नहीं काट सकेंगे। बीमारी का बहाना लेने वाले कक्ष निरीक्षकों के स्वास्थ्य का परीक्षण खुद सीएमओ करेंगे। सीएमओ की जांच और हेल्थ सर्टिफिकेट देने पर ही कक्ष निरीक्षकों का अवकाश स्वीकृत होगा। डीआईओएस ने इस संबंध में सीएमओ को पत्र भेजा है। यूपी बोर्ड परीक्षा को संपादित कराने के लिए जिले में 210 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। हाईस्कूल व इंटर की परीक्षा में इस बार कुल 1 लाख 35 हजार परीक्षार्थी शामिल हो रहे हैं।
परीक्षा को संपादित कराने में इस बार कुल 9 हजार कक्ष निरीक्षकों की तैनाती होगी। इसमें आंतरिक व बाह्य दोनों कक्ष निरीक्षक शामिल हैं। आम तौर पर देखा जाता है कि परीक्षा के दौरान कक्ष निरीक्षक ड्यूटी से कन्नी काटते हैं। परीक्षा के ऐन मौके पर ही वह बीमारी का बहाना लेकर अवकाश ले लेते हैं। इससे परीक्षा के मौके पर केंद्रों पर काफी अव्यवस्था हो जाती है। पिछले सत्र में परीक्षा के दौरान यह समस्या बनी रही। चपरासी से लेकर प्रबंधक तक को ड्यूटी करनी पड़ी थी। कहीं-कहीं तो एक कक्ष निरीक्षक को तीन कक्ष का भार झेलना पड़ा था। इससे काफी दिक्कत हुई थी। मगर इसे लेकर विभाग की ओर से पहले ही तैयारी कर ली गई है। विभाग किसी तरह की चूक नहीं करना चाहता है।
बीमारी का बहाना लेने वाले कक्ष निरीक्षकों पर नजर रहेगी। बहानेबाज कक्ष निरीक्षकों के लिए पहले से ही तैयारी कर ली गई है। बीमारी का बहाना करने वाले कक्ष निरीक्षकों को अवकाश लेना अब आसान नहीं होगा। परीक्षा के दौरान यदि बीमारी का बहना करेंगे तो वह पकड़ में आ जाएंगे। उनकी बाकायदा जांच होगी। यह जांच खुद सीएमओ करेंगे। जांच के बाद यदि रिपोर्ट झूठी रही तो कक्ष निरीक्षकों के खिलाफ कार्रवाई होगी। डीआईओएस एसपी यादव ने इस संबंध में सीएमओ को पत्र भेजा है।
दो सुपर जोनल व पंाच जोनल मजिस्ट्रेट की रहेगी तैनाती
परीक्षा केंद्रों की तगड़ी किलेबंदी की जाएगी। जिले में पांच जोनल व दो सुपर जोनल, 210 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 32 सेक्टर मजिस्टे्रट की तैनाती होगी। इसके अलावा छह सचल दल भ्रमण करेंगे। परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दिया जा रहा है।
यूपी बोर्ड परीक्षा पर एक नजर
कुल परीक्षार्थी- 134534
हाईस्कूल संस्थागत बालक ---- 37881
हाईस्कूल संस्थागत बालिका----33227
हाईस्कूल व्यक्तिगत बालक-----375
हाईस्कूल बालिका--- 99
इंटरमीडिएट संस्थागत बालक---32177
इंटरमीडिएट संस्थागत बालिका--28878
इंटरमीडिएट व्यक्तिगत बालक---1404
इंटरमीडिएट व्यक्तिगत बालिका----493
परीक्षा का समय
पहली पाली सुबह 8 .00 से 11.15 तक
दूसरी पाली दोपहर 2.00 से 5.15 तक
कुंडा में बढ़ गए परीक्षा केंद्र
सीसीटीवी और वाइस रिकार्डर की अनिवार्यता के चलते जिले में परीक्षा केंद्रों की संख्या काफी कम हो गई है। अधिकतर विद्यालयों को सीसीटीवी और वाइस रिकार्डर न होने के चलतो परीक्षा केंद्र नहीं बनाया गया। लेकिन कुंडा क्षेत्र में परीक्षा केंद्रों की संख्या 55 से बढक़र 58 हो गई है।
इस बार फिर बदला हाईस्कूल परीक्षा का समय
बोर्ड परीक्षा के लिए इस बार फिर से टाइम बदल दिया गया है। 2017-18 में हाईस्कूल का परीक्षा टाइम 7.30 से 10.45 था। इस बार शासन ने परीक्षा टाइम में बदलाव करते हुए इसे 8 बजे से 11.15 बजे कर दिया है।