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निलंबित एसडीएम के आरोपों की शुरू हुई जांच

Sun, 27 Sep 2020 01:21 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sun, 27 Sep 2020 01:21 AM IST
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Suspended SDM allegations started investigation
शुक्रवार को डीएम आवास पर साढ़े चार घंटे धरना देने वाले निलंबित एसडीएम विनीत उपाध्याय के आरोपों पर जांच शुरू हो गई है। लालगंज इलाके के धधुआगाजन में फर्जी तरीके से चार स्कूलों के संचालन के मामले में कार्रवाई करने पर प्रताड़ित करने के एसडीएम के आरोप पर डीएम ने शिक्षा विभाग के अफसरों से मामले की जांच कर रिपोर्ट देने के लिए कहा है। राजस्व विभाग की जांच में यह सामने आया है कि स्कूल में सार्वजनिक या फिर सरकारी जमीन कब्जा कर नहीं बनाए गए हैं।
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अतिरिक्त एसडीएम टू विनीत उपाध्याय शुक्रवार को सदर एसडीएम मोहनलाल गुप्ता, एडीएम शत्रोहन वैश्य पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने और डीएम डा. रुपेश कुमार पर उन्हें संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए डीएम आवास पर पत्नी के साथ धरने पर बैठ गए थे। वह करीब साढ़े चार घंटे तक डीएम के चैंबर में धरने पर बैठे रहे।
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देर शाम मामले की जानकारी होने पर शासन ने उन्हें निलंबित कर दिया था। एसडीएम विनीत उपाध्याय का आरोप था कि लालगंज में तैनाती के दौरान वकीलों से हुए विवाद में जांच अधिकारी बनाए गए एडीएम शत्रोहन वैश्य ने एकतरफा रिपोर्ट भेजी है। उनका पक्ष नहीं रख्रा गया है। लालगंज तहसील में एसडीएम रहते हुए उन्होंने भ्रष्टाचार के कई मामलों में कार्रवाई की थी।
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धधुआ गाजन गांव के शिक्षा माफिया के खिलाफ उन्होंने कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी थी। वह धधुआ गाजन के नाम पर चार स्कूलों की मान्यता लेकर सांगीपुर में संचालन कर रहा है। इसके अलावा वर्तमान सदर एसडीएम मोहनलाल गुप्ता ने लालगंज एसडीएम रहते हुए असरही गांव में सड़क के किनारे करीब डेढ़ सौ आवासीय और कृषि पट्टे किए थे। उनकी रिपोर्ट के बाद यह पट्टे निरस्त हुए थे।
इसके चलते उन्हें प्रताड़ित किया जा रहा है। आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार में लिप्त एडीएम शत्रोहन वैश्य ने एसडीएम मोहनलाल गुप्ता को बचाने के लिए मेरे खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
जबकि वकीलों से विवाद के दौरान मैंने गार्ड की बंदूक छीनकर हाथ में लेने के बजाए उसे व्यवस्थित किया था। शनिवार को जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने एसडीएम विनीत उपाध्याय के आरापों की जांच शुरू करा दी। राजस्व टीम को भेजकर उन्होंने धधुआ गाजन के स्कूलों की जमीन के बारे में जानकारी जुटाई। डीएम ने बताया कि स्कूलों की जमीन भूमिधरी है। किसी भी सरकारी या सावर्जनिक जमीन पर अतिक्रमण नहीं किया गया है।
धधुआ गाजन के नाम पर मान्यता लेकर सांगीपुर में स्कूलों के संचालन के बारे डीआईओएस और बीएसए से जांचकर रिपोर्ट देने के लिए कहा गया है।
असरही में शासन से जांच शुरू होने पर निरस्त हुए पट्टे
डीएम आवास पर धरने पर बैठे निलंबित एसडीएम विनीत उपाध्याय ने लालगंज तहसील के असरही गांव में तत्कालीन एसडीएम रहे मोहनलाल गुप्ता पर सड़क के किनारे फर्जी ढंग से डेढ़ सौ आवासीय और कृषि पट्टे करने का आरोप लगाया था। इस मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष की शिकायत पर शासन से जांच शुरू हुई थी। इसके बाद पट्टे निरस्त कर दिए गए थे। तत्कालीन जिलाधिकारी मार्कण्डेय शाही ने इसे मामले में तत्कालीन सीआरओ श्रीराम यादव को जांच अधिकारी नामित किया था।
उनकी जांच के बाद वर्तमान डीएम डा. रुपेश कुमार ने रिपोर्ट शासन को भेज दी थी। जांच करने वाले सीआरओ श्रीराम यादव भी रिटायर हो चुके हैं।
सूत्रों का कहना है कि शासन को जो रिपोर्ट भेजी गई है उसमें वर्तमान एसडीएम सदर मोहनलाल गुप्ता का बचाव करते हुए फर्जी तरीके से हुए पट्टों की सारी जिम्मेदारी कानूनगो और लेखपाल पर डाल दी गई है। इस मामले में दोनों को प्रतिकूल प्रविष्टि दी गई थी।
इस मामले में शासन स्तर से कार्रवाई अभी लंबित है। रिपोर्ट में यह बताया गया कि पट्टा करने के लिए कानूनगो और लेखपाल मिलकर ग्राम पंचायतों के साथ प्रस्ताव कराते हैं। नजरी-नक्शा बनाना भी उनका ही काम है। ऐसे में तत्कालीन लालगंज एसडीएम रहे मोहनलाल गुप्ता सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं हैं। जिलाधिकारी डा. रुपेश कुमार ने बताया कि यह पुराना मामला है। तत्कालीन डीएम मार्कण्डेय शाही ने सीआरओ रहे श्रीराम यादव को इसकी जांच सौंपी थी। जांच के बाद इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है। शासन के स्तर से ही इस मामले में कार्रवाई होनी है।

एसडीएम विनीत उपाध्याय के आरापों की जांच कराई जा रही है। धधुआगाजन में फर्जीवाड़ा कर चार स्कूल संचालित किए जाने की शिकायत उन्होंने कभी मुझसे नहीं की थी। वकीलों से हुए विवाद के मामले में जांच अधिकारी बनाए गए एडीएम के स्पष्टीकारण मांगने पर उन्होंने इस बात का जिक्र किया। असरही गांव में पट्टे किए जाने का मामला पुराना है। सभी पट्टे निरस्त किए जा चुके हैं। इसकी रिपोर्ट शासन को भेज दी गई है।
डॉ. रुपेश कुमार, डीएम
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