रामचिरत मानस पर विवादित बयान पर मची रार के बीच बुधवार को रानीगंज विधायक डॉ. आरके वर्मा के समर्थन व संविधान बचाने के लिए सड़क पर उतरे। इन समर्थकों के कचहरी में प्रदर्शन के दौरान बवाल हो गया। रामचरित मानस पर नेताओं की प्रतिक्रिया को लेकर कुछ लोगों ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ाकर पीटा। मौके पर अफरातफरी मची रही। पहुंचे एसपी सतपाल अंतिल ने आक्रोशित लोगों को किसी तरह समझा बुझाकर शांत कराया।
प्रतापगढ : संविधान बचाओ जुलूस के दौरान सपा विधायक आरके वर्मा के समर्थकों में मारपीट, मची भगदड़
प्रतापगढ़ के सपा विधायक डॉ. आरके वर्मा के समर्थन में जुलूस निकाल रहे समर्थकों और वकीलों के बीच जमकर मारपीट हो गई। मामला बढ़ते देख पहुंची ने समझाने का प्रयास किया। मामला बिगड़ता देख पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर भीड़ को तितर बितर कर दिया।
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लोगों के अनुसार विधायक के समर्थन लगाए जा रहे नारों के बीच कुछ लोगों ने धार्मिक ग्रंथ रामचरित मानस पर विधायक की टिप्पणी पर नाराजगी जतायी। लोगों ने शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने की बात कही, मगर प्रदर्शनकारी नारेबाजी करते रहे। इसी बात पर हुई झड़प के बीच उग्र लोगों ने प्रदर्शनकारियों को दौड़ाकर पीटना शुरू कर दिया। मारपीट के दौरान वहां भगदड़ मच गई। प्रदर्शनकारी जान बचाकर कचहरी परिसर में इधर-उधर भागने लगे। इस दौरान कटरागुलाब सिंह से आए विधायक समर्थक राजेश पटेल का लोगों ने कुर्ता फाड़ दिया। उनकी पिटाई कर लहूलुहान कर दिया।
घटना की सूचना पर पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। लोगों से घिरे प्रदर्शनकारी को हिरासत में लेकर अन्य प्रदर्शनकारियों की खोजबीन करने लगे। इस बीच आक्रोशित अधिवक्ता नारेबाजी कर अराजकता का कारण बने लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। देखते ही कई थानों की फोर्स कचहरी पहुंच गई। जुलूस में शामिल बिना नंबर की बोलेरो को पुलिस ने सीज कर दिया। हिरासत में लिए गए प्रदर्शनकारी राजेश कुमार सरोज निवासी भगेसरा का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया।
झोले में धार्मिक ग्रंथ लेकर आने की जानकारी पर भड़के थे लोग
कचहरी में प्रदर्शन करने वाले लोगों के पास झोले में धार्मिक ग्रंथ रामचरित मानस होने की जानकारी पर लोग भड़क उठे। लोगों का आरोप था कि प्रदर्शनकारी धार्मिक ग्रंथ के साथ आए हैं, कहीं लखनऊ जैसी घटना न हो जाए। ऐसे में लोगों ने पहले प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन नारेबाजी बंद न होने पर विवाद गहरा गया।
वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने किया बीचबचाव
कचहरी में प्रदर्शन के दौरान हो रहे विवाद को देखते हुए वरिष्ठ अधिवक्ताओं ने बीचबचाव भी किया। भीड़ से घिरे लोगों को कचहरी परिसर से बाहर निकलने में मदद की। प्रदर्शन के दौरान की जा रही नारेबाजी से लोगों में गुस्सा था।
प्रदर्शन की नहीं ली थी अनुमति
संविधान बचाने, भेदभाव मिटाने व रानीगंज विधायक के समर्थन में निकाले गए जुलूस की अनुमति प्रशासन से नहीं ली गई थी। इस प्रदर्शन की भनक खुफिया विभाग को भी नहीं लगी। यदि समय रहते एलआईयू व पुलिस प्रदर्शन के बारे में सतर्क हो जाती तो बवाल टल सकता था। नगर कोतवाल ने बताया कि प्रदर्शन या जुलूस की किसी ने कोई अनुमति नहीं ली गई थी।
बोलेरो पर लगा था टेरर फंडिंग के आरोपी का स्टीकर
प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक प्रदर्शन में शामिल समर्थकों को लेकर आई बिना नंबर की बोलेरो जिलाधिकारी आवास के करीब खड़ी थी। जिस पर भगेसरा के रहने वाले टेरर फंडिंग के आरोपी संजय सरोज का स्टीकर लगा था। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अलग-अलग रास्तों से भागकर कचहरी पहुंचे एएसपी व सीओ सिटी
कचहरी में बवाल की खबर मिलते ही एसपी सतपाल अंतिल कार्यालय के छोटे गेट से भागकर मौके पर पहुंचे। वहीं अपर पुलिस अधीक्षक पूर्वी विद्यासागर मिश्रा और सीओ सिटी सुबोध गौतम भी अलग-अलग रास्तों से कचहरी पहुंचे। हालांकि इन लोगों के पहुंचने तक एसपी मामला शांत करा चुके थे। अफसरों की सूचना पर कई थानों की फोर्स मौके पर पहुंची। हर तरफ खाकी ही दिख रही थी।