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Pratapgarh News: जलमग्न हुईं फसलें, किसानों की मेहनत और लागत दोनों बर्बाद
Tue, 22 Aug 2023 09:30 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
संवाद न्यूज एजेंसी, प्रतापगढ़
Updated Tue, 22 Aug 2023 09:30 PM IST
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मानिकपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने खेत में भरा पानी। संवाद
शाहाबाद तक पहुंचा पानी, गांव के लोगों की बढ़ी मुसीबत
संवाद न्यूज एजेंसी
कुंडा। गंगा का जलस्तर बढ़ने से सब्जी की फसल चौपट हो गई है। किसान बाजार में सब्जी बेचने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, अचानक जलस्तर बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को शाहाबाद गांव तक पानी पहुंचने से लोग अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
गंगा का जलस्तर तीन दिन से लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वजह से किसानों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। मानिकपुर के राम लखन ने छह बीघे खेत में कद्दू, खीरा, सोवा-मेथी, मिर्चा, टमाटर की खेती कर रखी है। तीन दिन से पानी भरा होने से पूरी फसल नष्ट हो गई है। महंगे बीज उगाकर फसल तैयार करने वाले किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
मानिकपुर के जयचंद्र निषाद, विपिन निषाद, बब्बू प्रजापति अपने खेतों में कद्दू, लौकी, तोरई, सोवा- मेथी, पालक, मूली और तिल्ली की खेती की थी। मगर तीन दिन से खेतों में पानी भरा होने से फसल सड़ने लगी है और किसानों की लागत और मेहनत दोनों बर्बाद होने की कगार है।
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संवाद न्यूज एजेंसी
कुंडा। गंगा का जलस्तर बढ़ने से सब्जी की फसल चौपट हो गई है। किसान बाजार में सब्जी बेचने की तैयारी कर रहे थे। लेकिन, अचानक जलस्तर बढ़ने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। मंगलवार को शाहाबाद गांव तक पानी पहुंचने से लोग अपने को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
गंगा का जलस्तर तीन दिन से लगातार बढ़ता जा रहा है। इस वजह से किसानों की फसलें पूरी तरह जलमग्न हो गई हैं। मानिकपुर के राम लखन ने छह बीघे खेत में कद्दू, खीरा, सोवा-मेथी, मिर्चा, टमाटर की खेती कर रखी है। तीन दिन से पानी भरा होने से पूरी फसल नष्ट हो गई है। महंगे बीज उगाकर फसल तैयार करने वाले किसानों की परेशानी बढ़ गई है।
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मानिकपुर के जयचंद्र निषाद, विपिन निषाद, बब्बू प्रजापति अपने खेतों में कद्दू, लौकी, तोरई, सोवा- मेथी, पालक, मूली और तिल्ली की खेती की थी। मगर तीन दिन से खेतों में पानी भरा होने से फसल सड़ने लगी है और किसानों की लागत और मेहनत दोनों बर्बाद होने की कगार है।
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मानिकपुर में गंगा का जलस्तर बढ़ने खेत में भरा पानी। संवाद