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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Pratapgarh News ›   Steps to increase the speed of trains; Way-side equipment to be installed at intervals of every 100 kilometers

ट्रेनों की स्पीड बढ़ाने की दिशा में बढ़ाए कदम, हर 100 किलोमीटर के अंतराल पर लगाए जाएंगे वे-साइड उपकरण

Fri, 07 Aug 2020 12:39 AM IST
विनोद सिंह न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज
न्यूज डेस्क, अमर उजाला ब्यूरो, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 07 Aug 2020 12:39 AM IST
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Steps to increase the speed of trains; Way-side equipment to be installed at intervals of every 100 kilometers
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : amar ujala
 वर्ष 2024 तक दिल्ली-हावड़ा, दिल्ली-मुंबई रूट पर सभी यात्री ट्रेनों की अधिकतम स्पीड 160 किमी प्रति घंटा बढ़ाने की दिशा में उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन ने एक कदम आगे और बढ़ाया है।
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एनसीआर प्रशासन ने ट्रेनों में होने वाले हॉट एक्सल, ब्रेक बाइंडिंग आदि की निगरानी के लिए वे-साइड उपकरण लगाने की तैयारी की है। इसकी मदद से तमाम कमियों के बारे में रेलवे प्रशासन को जल्द जानकारी मिल जाएगी।
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ट्रेन संचालन के दौरान हॉट एक्सल और ब्रेक बाइंडिंग होना आम बात है। इसकी पहचान करने के लिए हॉट एक्सल और हॉट व्हील डिटेक्टर या स्वचालित ट्रेन परीक्षण प्रणाली आदि प्रणालियां उत्तर मध्य रेलवे के विभिन्न स्थानों पर स्थापित की गई हैं।
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एनसीआर के महाप्रबंधक राजीव चौधरी ने इन समस्याओं के समाधान के लिए पूरे परिक्षेत्र में परिचालन के दौरान आने वाली किसी भी कमी की पहचान के लिए ‘वे साइड मशीन’ लगाने का फरमान दिया है।

इसके लिए यांत्रिक विभाग की ओर से पंडित दीन दयाल उपाध्याय से गाजियाबाद एवं पलवल से बीना के बीच यह वे साइड मशीन प्रत्येक सौ किलोमीटर की दूरी पर लगाई जाएगी।

वर्तमान में उत्तर मध्य रेलवे में दो हॉट एक्सल और हॉट व्हील डिटेक्टर, एक  हैंगिंग पार्ट डिटेक्टर, दो व्हील इम्पैक्ट लोड डिटेक्टर, दो ऑन लाइन रोलिंग स्टॉक मॉनिटरिंग सिस्टम स्थापित हैं। इसके अलावा तीन स्वचालित ट्रेन परीक्षण प्रणाली और एक व्हील इम्पैक्ट लोड डिटेक्टर  की स्थापना का कार्य चल रहा है। इन सब उपकरणों को अभी और बढ़ाया जाएगा। 



एनसीआर के सीपीआरओ अजीत कुमार सिंह ने बताया कि इन उपकरणों को लगाने के बाद  परिचालन के दौरान ट्रेनों में आने वाली कमियों की समय पर पहचान सुनिश्चित हो सकेगी और संरक्षित और निर्बाध ट्रेन परिचालन में सहायता मिलेगी। रेलवे के मिशन रफ्तार प्रोजेक्ट को इस अभियान गति भी मिलेगी।
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