{"_id":"6224fdc53179234fe02c0ceb","slug":"state-workers-will-not-be-able-to-get-treatment-in-the-desired-hospital-pratapgarh-news-ald3283564154","type":"story","status":"publish","title_hn":"मनचाहे अस्पताल में इलाज नहीं करा पाएंगे राज्यकर्मी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मनचाहे अस्पताल में इलाज नहीं करा पाएंगे राज्यकर्मी
विज्ञापन
State workers will not be able to get treatment in the desired hospital
राज्य सरकार के कर्मचारी और पेंशनर्स अब मनचाहे अस्पताल में इलाज कराकर बिल नहीं पास करा सकेंगे। पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी चिकित्सा योजना के तहत आयुष्मान गोल्डन कार्ड पर ही उन्हें कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। उनका इलाज आयुष्मान से संबद्ध अस्पतालों में ही होगा। शासन की ओर से राज्य कर्मचारियों के साथ ही पेंशनर्स ओर उनके परिजनों का गोल्डन कार्ड बनाने के लिए सीएमओ को निर्देश दिया गया है।
राज्य कर्मचारी और पेंशनर्स अभी तक किसी भी प्राइवेट अस्पताल में अपना इलाज करवाकर बिल सीएमओ आफिस में जमा करते थे। यहां से रिपोर्ट तैयार होने के बाद विभाग से इलाज में लगने वाले खर्च का भुगतान हो जाता था। तमाम ऐसे भी कर्मचारी थे जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराते थे। डॉक्टर से मिलकर इलाज में ज्यादा खर्च दिखा देते थे। अधिकारियों की जेब गर्म कर बिल पास करवा लेते थे।
बहुत से कर्मचारी बगैर इलाज कराए ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर लाखों रुपये विभाग से पास करवा लेते थे। इस खेल पर रोक लगाने के लिए शासन ने अब नया आदेश जारी कर दिया है। राज्य कर्मचारियों के साथ ही पेंशनर्स और उनके परिजनों का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
आयुष्मान योजना के तहत गरीबों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक की धनराशि तय की गई है, लेकिन कर्मचारियों के इलाज के लिए अभी कोई शुल्क तय नहीं किया गया है। शासन की ओर से जो आदेश आया है, उसमें साफ लिखा है कि कर्मचारी गोल्डेन कार्ड दिखाकर आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करवा सकेंगे। कर्मचारियों के इलाज की प्रक्रिया आयुष्मान के पात्रों की ही तरह होगी।
कर्मचारियों के भी इलाज में मदद करेंगे आरोग्य मित्र
राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के भी इलाज में आरोग्य मित्र मदद करेंगे। उन्हें भर्ती कराने के साथ ऑपरेशन या फिर इलाज करते समय चिकित्सकों की फोटो, डिस्चार्ज होकर घर जाते समय कर्मचारियों की फोटो खींचकर अपलोड करेंगे। जिससे कर्मचारियों के इलाज में किसी प्रकार का खेल न हो सके। कर्मचारियों को इलाज के नाम पर अब चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ विभाग की ओर से नहीं दिया जाएगा।
जिले के 19 हजार राज्य कर्मचारी और 24 हजार पेंशनर्स होंगे प्रभावित
जिले के लगभग 19281 राज्य कर्मचारी और 24589 पेंशनर्स नई व्यवस्था से प्रभावित होंगे। इन कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ परिवार के सदस्यों का गोल्डेन कार्ड बनवाया जाएगा।
शासन की ओर से निर्देश आया है। राज्य कर्मचारियों के साथ ही पेंशनर्स और उनके परिजनों का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद उनका आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। हालांकि यह कार्य आचार संहिता खत्म होने के बाद शुरू किया जाएगा। डॉ. सुधाकर सिंह, प्रोग्राम मैनेजर, आयुष्मान भारत
विज्ञापन
राज्य कर्मचारी और पेंशनर्स अभी तक किसी भी प्राइवेट अस्पताल में अपना इलाज करवाकर बिल सीएमओ आफिस में जमा करते थे। यहां से रिपोर्ट तैयार होने के बाद विभाग से इलाज में लगने वाले खर्च का भुगतान हो जाता था। तमाम ऐसे भी कर्मचारी थे जो प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराते थे। डॉक्टर से मिलकर इलाज में ज्यादा खर्च दिखा देते थे। अधिकारियों की जेब गर्म कर बिल पास करवा लेते थे।
विज्ञापन
बहुत से कर्मचारी बगैर इलाज कराए ही चिकित्सा प्रतिपूर्ति के नाम पर लाखों रुपये विभाग से पास करवा लेते थे। इस खेल पर रोक लगाने के लिए शासन ने अब नया आदेश जारी कर दिया है। राज्य कर्मचारियों के साथ ही पेंशनर्स और उनके परिजनों का आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाए जाने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
आयुष्मान योजना के तहत गरीबों के इलाज के लिए पांच लाख रुपये तक की धनराशि तय की गई है, लेकिन कर्मचारियों के इलाज के लिए अभी कोई शुल्क तय नहीं किया गया है। शासन की ओर से जो आदेश आया है, उसमें साफ लिखा है कि कर्मचारी गोल्डेन कार्ड दिखाकर आयुष्मान भारत योजना से संबद्ध अस्पतालों में कैशलेस इलाज करवा सकेंगे। कर्मचारियों के इलाज की प्रक्रिया आयुष्मान के पात्रों की ही तरह होगी।
कर्मचारियों के भी इलाज में मदद करेंगे आरोग्य मित्र
राज्य कर्मचारियों और पेंशनर्स के भी इलाज में आरोग्य मित्र मदद करेंगे। उन्हें भर्ती कराने के साथ ऑपरेशन या फिर इलाज करते समय चिकित्सकों की फोटो, डिस्चार्ज होकर घर जाते समय कर्मचारियों की फोटो खींचकर अपलोड करेंगे। जिससे कर्मचारियों के इलाज में किसी प्रकार का खेल न हो सके। कर्मचारियों को इलाज के नाम पर अब चिकित्सा प्रतिपूर्ति का लाभ विभाग की ओर से नहीं दिया जाएगा।
जिले के 19 हजार राज्य कर्मचारी और 24 हजार पेंशनर्स होंगे प्रभावित
जिले के लगभग 19281 राज्य कर्मचारी और 24589 पेंशनर्स नई व्यवस्था से प्रभावित होंगे। इन कर्मचारियों और पेंशनर्स के साथ परिवार के सदस्यों का गोल्डेन कार्ड बनवाया जाएगा।
शासन की ओर से निर्देश आया है। राज्य कर्मचारियों के साथ ही पेंशनर्स और उनके परिजनों का डाटा तैयार किया जा रहा है। इसके बाद उनका आयुष्मान गोल्डन कार्ड बनाया जाना है। हालांकि यह कार्य आचार संहिता खत्म होने के बाद शुरू किया जाएगा। डॉ. सुधाकर सिंह, प्रोग्राम मैनेजर, आयुष्मान भारत