{"_id":"57b9f57d4f1c1b270ed4eff5","slug":"soudi-riyal","type":"story","status":"publish","title_hn":"सऊदी के रियाल और कुवैत के दिनार से बेल्हा में बहार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सऊदी के रियाल और कुवैत के दिनार से बेल्हा में बहार
प्रतापगढ़ अमर उजाला ब्यूरो
Updated Mon, 22 Aug 2016 12:10 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
सऊदी के रियाल और कुवैत के दिनार से बेल्हा में बहार है। कल तक यहां काम के लिए भटकने वाले युवक चंद दिनों में ही लखपति बन गए हैं। ऐसे कामगार भले ही सालों तक घर नहीं पहुंच पा रहे हों, लेकिन उनके भेजे गए रुपयों से यहां हवेलियां तानी जा रही हैं। दरअसल, खाड़ी देशों की मुद्रा के मुकाबले रुपये की कीमत कम होने के कारण उन्हें भरपूर फायदा मिल रहा है। जिले के हजारों युवा दुबई, कुवैत, सऊदी अरब, कतर, मस्कट, दम्माम आदि देशों में काम कर रहे हैं। इनमें मजदूर से लेकर इंजीनियर तक शामिल हैं। वेस्टर्न यूनियन, डाकघर व इंटरनेशनल बैंकों के जरिए खाड़ी देशों से हर दिन जिले में लाखों रुपये भेजे जा रहे हैं।जनपद के हजारों लोगों की गाढ़ी कमाई से उनके परिवार में रौनक है।
इसके साथ सरकार का खजाना भी भर रहा है। खाड़ी देशों के साथ ही दूसरे मुल्कों में रहकर अपने परिवार के लिए लोग रुपये भेजते हैं। विदेशों से भेजे गए रुपये डाकघर, वेस्टर्न यूनियन, एक्सप्रेस मनी, टेलीग्राम व इंटरनेशनल बैंकों में पहुंचते हैं। जानकारों की मानें तो इन स्थानों से हर दिन पंद्रह से लेकर 25 लोग रकम निकालने पहुंचते हैं। सबसे अधिक खाड़ी देशों की रकम आती है। कोई सऊदी की रियाल तो कोई कुवैत की दिनार और दुबई की दरहम बैंकों में जमा करता है। जहां से उन लोगों को कोड नंबर एलाट हो जाता है। उसी कोड नंबर व आईडी के सहारे वे इन स्थानों पर जाकर रुपये निकाल लेते हैं। मौजूदा समय में हर दिन करीब 80 लाख रुपये की निकासी इंटरनेशन बैंक, डाकघर और विदेशी रुपये भजाने वाली कंपनियों से लोग कर रहे हैं। जनपद में वेस्टर्न यूनियन, एक्सप्रेस मनी व टेलीग्राम की 50 शाखाएं काम कर रहीं हैं। कुछ लोग अमेरिका व आस्ट्रेलिया से भी परिवार को हर माह रकम भेजते रहते हैं।
विज्ञापन
इसके साथ सरकार का खजाना भी भर रहा है। खाड़ी देशों के साथ ही दूसरे मुल्कों में रहकर अपने परिवार के लिए लोग रुपये भेजते हैं। विदेशों से भेजे गए रुपये डाकघर, वेस्टर्न यूनियन, एक्सप्रेस मनी, टेलीग्राम व इंटरनेशनल बैंकों में पहुंचते हैं। जानकारों की मानें तो इन स्थानों से हर दिन पंद्रह से लेकर 25 लोग रकम निकालने पहुंचते हैं। सबसे अधिक खाड़ी देशों की रकम आती है। कोई सऊदी की रियाल तो कोई कुवैत की दिनार और दुबई की दरहम बैंकों में जमा करता है। जहां से उन लोगों को कोड नंबर एलाट हो जाता है। उसी कोड नंबर व आईडी के सहारे वे इन स्थानों पर जाकर रुपये निकाल लेते हैं। मौजूदा समय में हर दिन करीब 80 लाख रुपये की निकासी इंटरनेशन बैंक, डाकघर और विदेशी रुपये भजाने वाली कंपनियों से लोग कर रहे हैं। जनपद में वेस्टर्न यूनियन, एक्सप्रेस मनी व टेलीग्राम की 50 शाखाएं काम कर रहीं हैं। कुछ लोग अमेरिका व आस्ट्रेलिया से भी परिवार को हर माह रकम भेजते रहते हैं।
विज्ञापन