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प्रचार-प्रसार के लिए आए 3.40 लाख रुपये की बंदरबाट

Sat, 21 Dec 2019 12:24 AM IST
Allahabad Bureau इलाहाबाद ब्यूरो
Updated Sat, 21 Dec 2019 12:24 AM IST
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skanya yojna fail due to pramotion
प्रतापगढ़। मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना का प्रचार-प्रसार करने के लिए आए धन का अफसर बंदरबांट करने में जुटे हुए हैं। जिले के 17 विकास खंडों के लिए 3.40 लाख रुपये का बजट मिला है। शासन ने प्रत्येक ब्लाक के बीडीओ को 20-20 हजार रुपये देने को कहा था, मगर अफसर बंदरबांट करने में जुटे हुए हैं। अभी तक ब्लाकों में चवन्नी भी नहीं भेजी गई है।
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जिले में एक अप्रैल 2019 से मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना प्रारंभ की गई है। इस योजना में एक अप्रैल के बाद जन्म लेने वाली बालिकाओं की स्वास्थ्य और शिक्षा की स्थिति को मजबूत करने के लिए छह चरणों में 15-15 हजार रुपये का भुगतान किया जाना है। शहर और गांव की बालिकाओं को योजना का लाभ देने के लिए प्रचार-प्रसार पर व्यापक जोर देते हुए शासन ने जिले के 17 विकास खंडों के लिए 20-20 हजार रुपये का बजट मुहैया कराया है। जिला प्रोबेशन विभाग से संचालित इस योजना के तहत यह धनराशि खंड विकास अधिकारियों को दी जानी थी। जिससे वह योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार कर सकें। मगर ऐसा नहीं हुआ।
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जिले के अफसरों ने रुपये की बंदरबांट करने के लिए बीडीओ को धनराशि देेने के बजाए अपने करीबियों को होर्डिंग, बैनर और पंपलेट छपवाने का ठेका दे दिया है। विभाग का दावा है कि संडवा चंद्रिका, मंगरौरा, सदर, शिवगढ़ और मानधाता ब्लाक में होर्डिंग, बैनर और पंपलेट बांटकर प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जबकि अन्य ब्लाकों के लिए होर्डिंग अभी तैयार हो रही है। वास्तव में हकीकत यह है कि दिखाने के लिए ब्लाक मुख्यालयों पर एक-एक होर्डिंग लगाई गई है। जबकि होर्डिंग के नाम पर लाखों रुपये का वारा-न्यारा कर लिया गया है। अगर वास्तव में योजना का प्रचार-प्रसार करना था तो यह धनराशि ब्लाकों को क्यों नहीं दी गई।
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8 माह में सिर्फ 326 आवेदन
मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना लागू हुए आठ माह का समय बीत गया है, मगर अभी तक मात्र 326 बालिकाओं के आवेदन शासन को भेजे गए हैं। हालांकि, अफसरों ने अपनी गर्दन बचाने के लिए फर्जी 2152 कन्याओं का पंजीकरण करा दिया था। मगर यह सब सत्यापन के बाद निरस्त कर दिए गए हैं।
जन्म लेने पर दो हजार और स्नातक में प्रवेश पर मिलेंगे पांच हजार
इस योजना के तहत एक अप्रैल 2019 के बाद जन्म लेने वाली बालिकाओं को दो हजार रुपये, एक वर्ष का पूरा होने पर एक हजार, स्कूल में दाखिला लेने पर दो हजार, कक्षा छह में प्रवेश पर दो हजार, कक्षा नौ में प्रवेश पर तीन हजार रुपये और बारहवीं उत्तीर्ण कर स्नातक में दाखिला लेने वाली बालिकाओं को 5000 रुपये उनके खाते में भेजे जाने हैं।
सरकारी विभाग बने प्रचार का माध्यम
बालिकाओं की कल्याणकारी योजना को अफसर पलीता लगा रहे हैं। शासन ने प्रचार-प्रसार के लिए व्यापक बजट दिया है, मगर आलम यह है कि सरकारी विभागों को प्रचार का माध्यम बनाया गया है। तहसील, ब्लाक स्तर पर जब कोई बैठक होती है तो मातहतों से प्रचार-प्रसार करने को कहा जाता है।

योजना का व्यापक प्रचार-प्रसार किया जा रहा है। जो धनराशि ब्लाकों को भेजी जानी थी, वह जिले से खर्च की जा रही है। जिस विकास खंड में होर्डिंग और बैनर नहीं लगे हैं, वहां कुछ दिन में लग जाएंगे।
विजय कुमार शुक्ला, प्रभारी प्रोबेशन अधिकारी
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