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जिला जेल में ठिठुर रहे बंदी
ब्यूरो/अमर उजाला, प्रतापगढ़
Updated Thu, 11 Dec 2014 11:29 PM IST
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क्षमता से करीब दोगुना बंदियाें को जिला जेल प्रशासन पर्याप्त कंबल नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। कई बंदियाें ने अपना कंबल अलग से मंगाया है लेकिन अधिकांश बंदी जेल के ही कंबल पर गुजारा कर रहे हैं। ओढ़ने और बिछाने के लिए मिलने वाला दो-तीन कंबल भी उनकी ठंड दूर नहीं कर पा रहा है। जेल प्रशासन ने ठंड को देखते हुए 5 सौ कंबलों की मांग की थी लेकिन अब तक नहीं मिल सका है।
जिला जेल की क्षमता साढे़ 4 सौ बंदियाें की है। वर्तमान में यहां करीब 7 सौ बंदी हैं। बंदियाें को बैरक के भीतर बिछाने और ओढ़ने के लिए जेल प्रशासन सिर्फ कंबल देता है। जेल अधिकारियों ने बंदियों को घर से कंबल मंगाने की छूट दे दी है लेकिन अधिकांश बंदी सिर्फ जेल प्रशासन के ही भरोसे हैं। रात की ठंड पूरे फार्म में आ गई है। ऐसे में सिर्फ एक कंबल बिछाने और ओढ़ने के लिए पर्याप्त नहीं हो रहा है। बंदी रात को ठंड में सिकुुड़ रहे हैं लेकिन जेल प्रशासन उन्हें और कंबल नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। पिछले दिनों अधिकारियाें के छापे में कुछ बंदियाें के पास रजाई मिली थी। इस पर रोक के बाद अधिकांश की रजाई बाहर कर दी गई। इससे ठंड में अधिकांश बंदी परेशान हैं। प्रभारी जेल अधीक्षक एके श्रीवास्तव ने बताया कि शासन ने प्राइवेट कंबल मंगाने की छूट दी है। कुछ बंदियाें ने घर से कंबल मंगा लिया है लेकिन अधिकांश के पास नहीं है। 5 कंबलाें के लिए आईजी जेल को पत्र लिखा गया है। मिलते ही बंदियों को दे दिया
जिला जेल में डीएम-एसपी के छापे के दौरान अवकाश पर गए जेल अधीक्षक विजय सिंह बीमार पड़ गए हैं। वह दो दिन के अवकाश पर 29 नवंबर को घर गए थे। इसी दौरान जेल में छापा पड़ गया और मोबाइल व अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद होने के बाद पूरे जेल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। इसके बाद जेल अधीक्षक नहीं आए। उनकी तबियत खराब होने का मेडिकल आ गया। वर्तमान में सिर्फ एक डिप्टी जेलर एके श्रीवास्तव, जेलर, जेल अधीक्षक का काम देख रहे हैं।
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जिला जेल की क्षमता साढे़ 4 सौ बंदियाें की है। वर्तमान में यहां करीब 7 सौ बंदी हैं। बंदियाें को बैरक के भीतर बिछाने और ओढ़ने के लिए जेल प्रशासन सिर्फ कंबल देता है। जेल अधिकारियों ने बंदियों को घर से कंबल मंगाने की छूट दे दी है लेकिन अधिकांश बंदी सिर्फ जेल प्रशासन के ही भरोसे हैं। रात की ठंड पूरे फार्म में आ गई है। ऐसे में सिर्फ एक कंबल बिछाने और ओढ़ने के लिए पर्याप्त नहीं हो रहा है। बंदी रात को ठंड में सिकुुड़ रहे हैं लेकिन जेल प्रशासन उन्हें और कंबल नहीं उपलब्ध करा पा रहा है। पिछले दिनों अधिकारियाें के छापे में कुछ बंदियाें के पास रजाई मिली थी। इस पर रोक के बाद अधिकांश की रजाई बाहर कर दी गई। इससे ठंड में अधिकांश बंदी परेशान हैं। प्रभारी जेल अधीक्षक एके श्रीवास्तव ने बताया कि शासन ने प्राइवेट कंबल मंगाने की छूट दी है। कुछ बंदियाें ने घर से कंबल मंगा लिया है लेकिन अधिकांश के पास नहीं है। 5 कंबलाें के लिए आईजी जेल को पत्र लिखा गया है। मिलते ही बंदियों को दे दिया
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जिला जेल में डीएम-एसपी के छापे के दौरान अवकाश पर गए जेल अधीक्षक विजय सिंह बीमार पड़ गए हैं। वह दो दिन के अवकाश पर 29 नवंबर को घर गए थे। इसी दौरान जेल में छापा पड़ गया और मोबाइल व अन्य प्रतिबंधित सामान बरामद होने के बाद पूरे जेल प्रशासन के खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई। इसके बाद जेल अधीक्षक नहीं आए। उनकी तबियत खराब होने का मेडिकल आ गया। वर्तमान में सिर्फ एक डिप्टी जेलर एके श्रीवास्तव, जेलर, जेल अधीक्षक का काम देख रहे हैं।
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