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शनिदेवधाम में उमड़ा आस्था का सैलाब
ब्यूरो/अमर उजाला प्रतापगढ़
Updated Thu, 08 Jan 2015 01:00 AM IST
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विश्वनाथगंज (ब्यूरो)। बुधवार को कुशफरा स्थित शनिदेवधाम में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा। दूर-दूर से आए भक्त मां अन्नपूर्णा के प्रसाद के लिए घंटों इंतजार करते रहे। बकुलाही नदी में डुबकी लगाने के बाद भक्तों ने शनिदेव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
शहर से 17 किमी दूर विश्वनाथगंज बाजार के निकट कुशफरा स्थित शनिदेव धाम में वैसे तो शनिवार को भक्तों का जमावड़ा होता है। मगर प्रतिवर्ष सात जनवरी को होने वाले अन्नपूर्णा महोत्सव में भाग लेने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। स्थानीय लोगों के अलावा अमेठी, सुल्तानपुर, कौशांबी और इलाहाबाद से आने वाले लाखों भक्तों का जमावड़ा रहता है। बकुलाही नदी के तट पर स्थित विशालकाय शनिदेव मंदिर बुधवार को गुब्बारों, फूल और पत्तियों से सजाया गया था। महिलाओं और पुरुषों ने बकुलाही नदी में स्नान कर शनिदेव की पूजा-अर्चना की।
फूल, अक्षत, काला तिल, बेलपत्ती और कडुवा तेल से अभिषेक किया। भक्तों को प्रसाद के रूप में हलुआ, पूड़ी, सब्जी और चावल वितरित किया गया। दोपहर करीब बारह बजे प्रसाद लेने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लग गई। यह सिलसिला शाम तक जारी रहा। शनिदेव धाम के पुजारी परमा महाराज ने व्यवस्था संभाली।
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शहर से 17 किमी दूर विश्वनाथगंज बाजार के निकट कुशफरा स्थित शनिदेव धाम में वैसे तो शनिवार को भक्तों का जमावड़ा होता है। मगर प्रतिवर्ष सात जनवरी को होने वाले अन्नपूर्णा महोत्सव में भाग लेने के लिए दूर-दूर से भक्त आते हैं। स्थानीय लोगों के अलावा अमेठी, सुल्तानपुर, कौशांबी और इलाहाबाद से आने वाले लाखों भक्तों का जमावड़ा रहता है। बकुलाही नदी के तट पर स्थित विशालकाय शनिदेव मंदिर बुधवार को गुब्बारों, फूल और पत्तियों से सजाया गया था। महिलाओं और पुरुषों ने बकुलाही नदी में स्नान कर शनिदेव की पूजा-अर्चना की।
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फूल, अक्षत, काला तिल, बेलपत्ती और कडुवा तेल से अभिषेक किया। भक्तों को प्रसाद के रूप में हलुआ, पूड़ी, सब्जी और चावल वितरित किया गया। दोपहर करीब बारह बजे प्रसाद लेने के लिए भक्तों की लंबी लाइन लग गई। यह सिलसिला शाम तक जारी रहा। शनिदेव धाम के पुजारी परमा महाराज ने व्यवस्था संभाली।
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